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पीजीआई में 2 हजार नर्सों की हड़ताल, मरीजों का बुरा हाल

Fri, 26 Feb 2016 10:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 26 Feb 2016 10:25 PM IST
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strike of nursing staff at PGI, Patients upset

पीजीआई में शुक्रवार दो हजार नर्सों के सामूहिक अवकाश

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पर चले जाने से मरीज और तमीरदारों का बुरा हाल रहा। पहले से तय अधिकतर ऑपरेशन तो टाले ही जा चुके थे, दूरदराज से आए मरीजों को भी ओपीडी से वापस भेज दिया गया।

पीजीआई प्रशासन ने बेशक नर्सों की हड़ताल को बेअसर करने के लिए पूरे इंतजाम किए थे, लेकिन उनकी अनुपस्थित का असर  साफ दिखाई दिया। हड़ताल के कारण टेबल पेशेंट को शुक्रवार को ही डिस्चार्ज कर दिया गया था। उधर, पीजीआई ने सामूहिक अवकाश के अर्जी को नामंजूर कर दिया है।

हर रोज पीजीआई ओपीडी में 10 हजार से अधिक मरीज आते थे, लेकिन शुक्रवार को करीब 5 हजार मरीज ही पहुंचे। पीजीआई डॉक्टरों ने अधिकतर मरीजों को बिना जांच किए ही वापस भेज दिया। पहले से शेड्यूल 150 से अधिक ऑपरेशन भी नहीं किए गए।

पीजीआई में ऑल इंडिया नर्सेज फेडरेशन के आह्वान पर दो हजार नर्सों ने सातवें पे कमीशन में ग्रेड पे और अन्य अलाउंस नहीं दिए जाने के खिलाफ आवाज उठाई। सुबह 8 बजे से पहले ही पीजीआई के नवोदिता हॉस्टल के बाहर भारी संख्या में नर्सें इकट्ठी र्हुइं। करीब दो घंटे तक नर्सों ने जमकर नारेबाजी की। उधर, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में भी नर्सो ने गेट रैली और काले बिल्ले लगाकर पीजीआई नर्सों का समर्थन किया।

पीजीआई हड़ताल के असर को नकारा
पीजीआई द्वारा साथ लगते राज्यों के हे्ल्थ विभाग को चिट्ठी लिखे जाने के बाद भी काफी संख्या में मरीज पीजीआई पहुंचे। पीजीआई प्रवक्ता की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि पीजीआई ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन(नाइन) से 467 नर्स स्टूडेंट और 30 क्लीनिक इंस्ट्रक्टर का इंतजाम किया था। पीजीआई अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को 5314 मरीजों को ओपीडी में देखा गया। एक बजे तक इमरजेंसी में 100 मरीजों को एडमिट किया गया। 12 मरीजों की सर्जरी और 13 के कार्डिक आपरेशन किए जाने का दावा भी किया गया है।

मांगें नहीं मानी तो 15 मार्च से आंदोलन

पीजीआई नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान लखविंदर सिंह ने कहा कि नर्सों का सामूहिक अवकाश पूरी तरह सफल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जब तक मांगे नहीं मानती, विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर मांगों पर गौर नहीं किया गया तो 15 मार्च से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

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