पंजाबः एमआरएसएफआई में गरीब बच्चों की 11वीं और 12वीं की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
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राज्य के आर्थिक तौर पर पिछड़े योग्य विद्यार्थियों को सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होने के लिए सुविधा मुहैया करवाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने फैसला किया है कि महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट मोहाली में दाखिल होने वाले गरीब विद्यार्थियों की ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी।
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट की गवर्निंग बॉडी की चौथी मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस संस्था ने प्रवेश परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की तालीम के लिए मोहाली के प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल के साथ समझौता किया है। सीनियर सेकंडरी स्कूल शिक्षा के लिए मौजूदा समय में 40 ऐसे विद्यार्थियों का चयन हुआ है लेकिन प्रत्येक विद्यार्थी को सालाना 45000 रुपये अदा करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री के आदेश पर, गरीब और योग्य विद्यार्थी जोकि प्रवेश परीक्षा के आधार पर संस्था में दाखिल हैं, वह मोहाली स्कूल में शिक्षा हासिल करने के भी योग्य होंगे। संस्था के अतिरिक्त खर्चों बारे मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को 18 करोड़ की राशि जुटाने के लिए 8.5 करोड़ रुपये के अलावा 9.5 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड की मांग संबंधी प्रस्ताव को जांचने के निर्देश भी दिए।
सरकारी स्कूलों में कैडेट ट्रेनिंग विंग पर विचार
सशस्त्र सेनाओं में भर्ती होने के लिए नौजवानों को प्रेरित और तैयार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने डायरेक्टर जनरल को स्कूल शिक्षा के सचिव के सलाह-मशवरे द्वारा प्राइवेट स्कूलों में कैडेट ट्रेनिंग विंग की स्थापना की योजना के तर्ज पर चुनिंदा सरकारी स्कूलों में ऐसे विंग स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के हुक्म दिए।
प्राइवेट स्कूलों को भी मिलेगा फंड
मीटिंग में मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को पटियाला, मोहाली, संगरूर, ब्यास और नाभा के चुनिंदा प्राइवेट स्कूलों में कैडिट ट्रेनिंग विंग स्थापित करने के लिए जरूरी फंड की मंजूरी देने को भी कहा है जिससे विद्यार्थियों को एनडीए में शामिल होने के लिए प्रशिक्षण दिया जा सके।
पांच जिलों में सी-प्वाइंट केंद्र खोलने पर जोर
अपनी सरकारी रिहायश पर मंगलवार को सी-पॉइट की गवर्निंग कौंसिल की तीसरी मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने इसके डायरेक्टर जनरल को तत्काल मौजूदा कैंपों में जरूरी सुधार करने को कहा ताकि बेरोजगार नौजवानों को व्यापक ढंग से प्रशिक्षण मुहैया करवाया जा सके। उन्होंने गुरदासपुर, तरनतारन, फाजिल्का, संगरूर और रूपनगर में स्थायी तौर पर सी-पॉइट कैंप स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया ताकि बेरोजगार नौजवानों को फौज और प्रांतीय पुलिस सेवाओं में भर्ती होने के योग्य बनाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि सी-पॉइट अलग -अलग वर्गों के पंजाबी नौजवानों को प्रशिक्षण देती है जिसका मुख्य मनोरथ उनको रोजगार के बेहतर मौके मुहैया करवाना है। सी-पॉइट में प्रशिक्षण के दौरान नौजवानों की शारीरिक फिटनेस और शैक्षिक ज्ञान में सुधार का मौका प्रदान किया जाता है। सी-पॉइट के कालझरानी, तलवाड़ा, थेह कांजला और हकूमत सिंह वाला में चार स्थाई कैंपों के अलावा डेरा बाबा नानक, राणीके, पट्टी, लुधियाना, नवांशहर, बोरेवाल, नाभा, शहीदगढ़, लालड़ू, नंगल और डालो में 11 कैंप हैं जिनकी 2000 से अधिक नौजवानों को प्रशिक्षण देने की क्षमता है।