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जानिए कौशल्या डैम के बारे में नए खुलासे

Thu, 16 Jan 2014 12:46 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
अमर उजाला, पंचकूला Updated Thu, 16 Jan 2014 12:46 AM IST
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startling revelations about Kausalya dam

जिस कौशल्या डैम से पंचकूला को पानी की सप्लाई बंद की गई है, उस डैम के अस्तित्व पर ही सवाल उठने लगे हैं।

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217 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की सर्वे रिपोर्ट आरटीआई में सामने आई। आरटीआई के तहत नगर परिषद के पूर्व उप प्रधान बीबी सिंघल ने जानकारी मांगी थी।

इसमें कहा गया है कि जिस जगह डैम बना है, वह डैम के लिए मुनासिब नहीं है, क्योंकि इस जगह की रेत और पत्थर पानी को सोखते हैं। डैम का बेस कच्चा है, जो जमा पानी भी सोख लेता है। यही कारण है कि सर्दियों में पानी का स्तर गिर गया।

दरअसल, कौशल्या डैम पेयजल योजना के तहत बनाया गया है। भाजपा इस डैम का पहले से ही विरोध करती रही है। अब एक बार फिर से पानी की सप्लाई बंद होने के बाद यह मुद्दा उठ गया है।
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भाजपा ने सवाल उठाया कि जब इस सच्चाई का पहले से ही पता था तो यहां डैम बनाया क्यों गया? क्या सिर्फ बिल्डर्स को फायदा पहुंचाने के लिए?

भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि पिछले 20-25 साल से प्रोजेक्ट पर काम नहीं हुआ था, क्योंकि यहां डैम बनाने में कई कमियां थीं।
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मौजूदा मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाया, वह भी डीएलएफ और अन्य कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए, जो इस डैम के पार बन रही हैं।

पूर्व नगर परिषद उप प्रधान बीबी सिंघल के अनुसार आरटीआई में यहां डैम बनाए जाने की कई कमियां उजागर हुई थी। इसके बावजूद डैम बनाया गया। पहले डैम की चौड़ाई 12 मीटर थी और लागत 57 करोड़।

बाद में इसे 30 मीटर चौड़ा कर लागत 217 करोड़ पहुंचा दी गई, ताकि डीएलएफ व अन्य बिल्डर्स को फायदा हो सके। क्योंकि डैम के ऊपर सड़क है, जो नदी के उस पार जाती है।

सिंचाई विभाग के एक्सईएन विनोद कुमार ने बताया कि बरसात के पानी की कमी के वजह से सप्लाई रोकी गई है। डैम में पानी के डेड स्टोरेज लेवल को पूरा करना जरूरी है। जून से लेकर अब तक रोजाना हुडा को छह से 10 एमजीडी पानी की सप्लाई की जाती रही है।

हुडा के एक्सईएन प्रीतमोहन के अनुसार डैम से सप्लाई भले ही बंद हो गई हो, लेकिन पंचकूला में पेयजल की कमी नहीं आएगी। मौजूदा समय में 184 ट्यूबवेल शहर की जरूरत को पूरा कर रहे हैं।


20 से 22 एमजीडी पानी की पूर्ति ट्यूबवेलों से हो रही है। हां, इतना जरूर है कि जब डैम से सप्लाई होती है तो ट्यूबवेल चालू रखने के समय में थोड़ी कमी की आती है। अब इसका समय बढ़ाना होगा।

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