{"_id":"a11b2921953c42926f1b4960ffd3c360","slug":"ssa-rmsa-workers-candal-march","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएसए-रमसा मुलाजिमों ने कैंडल मार्च निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएसए-रमसा मुलाजिमों ने कैंडल मार्च निकाला
अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 21 Nov 2013 04:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फेज-8 स्थित शिक्षा विभाग के दफ्तर के बाहर धरने पर चल रहे एसएसए-रमसा नॉन टीचिंग स्टाफ ने कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च धरनास्थल से शुरू होकर फेज-दो स्थित शिरोमणि अकाली दल के महासचिव प्रोफेसर चंदू सिंह माजरा के घर तक गया।
मार्च में काफी संख्या में महिला व पुरुष मुलाजिम शामिल हुए। मुलाजिमों ने साफ किया है कि जब तक उनकी वेतन बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं होती।
तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। जानकारी के मुताबिक बुधवार को काफी संख्या में एसएस-रमसा नॉन टीचिंग स्टाफ शिक्षा विभाग के आफिस के बाहर जुटे।
पूरे दिन मुलाजिमों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। मुलाजिमों ने बताया कि उन्होंने अपना काम पूरी तरह बंद कर दिया है। अब कार्यालय में उनकी गैर हाजिरी लग रही है।
ऐसे में अब मांगें न माने जाने तक संघर्ष पर रहेंगे। शाम को मुलाजिमों ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान मुलाजिम शहर के विभिन्न फेजों से होते हुए चंदू माजरा के घर पहुंचे। इस दौरान मुलाजिमों के साथ पुलिस के जवान भी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मार्च में काफी संख्या में महिला व पुरुष मुलाजिम शामिल हुए। मुलाजिमों ने साफ किया है कि जब तक उनकी वेतन बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं होती।
तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। जानकारी के मुताबिक बुधवार को काफी संख्या में एसएस-रमसा नॉन टीचिंग स्टाफ शिक्षा विभाग के आफिस के बाहर जुटे।
पूरे दिन मुलाजिमों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। मुलाजिमों ने बताया कि उन्होंने अपना काम पूरी तरह बंद कर दिया है। अब कार्यालय में उनकी गैर हाजिरी लग रही है।
विज्ञापन
ऐसे में अब मांगें न माने जाने तक संघर्ष पर रहेंगे। शाम को मुलाजिमों ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान मुलाजिम शहर के विभिन्न फेजों से होते हुए चंदू माजरा के घर पहुंचे। इस दौरान मुलाजिमों के साथ पुलिस के जवान भी रहे।
विज्ञापन