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हरियाणा: कोरोना काल में नहीं थमेगी विकास की रफ्तार, सरकार ने खोला खजाने का मुंह

Thu, 27 Aug 2020 03:00 AM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 27 Aug 2020 03:00 AM IST
सार

  • वित्तीय संकट के बावजूद विभागों की डेवलपमेंट योजनाओं के लिए 4852.95 करोड़ का और प्रावधान
  • विधानसभा में बजट सप्लीमेंटरी एस्टीमेट्स पास, वित्तीय बोझ कम करने के लिए कलेक्शन पर रहेगा जोर

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Speed of development will not stop during Corona pandemic in Haryana
मानसून सत्र। - फोटो : हरियाणा डीपीआर।

विस्तार

कोरोना काल में वित्तीय संकट के बावजूद हरियाणा में विकास की रफ्तार नहीं थमेगी। सरकार ने वित्तीय मजबूरियों के बावजूद इस संदर्भ में अपना स्टैंड साफ करते हुए विकास के लिए खजाने का मुंह खोल दिया है। सरकारी विभागों की विभिन्न विकास संबंधी परियोजनाओं को वित्तीय संकट की इस घड़ी में बजट की कमी खलने नहीं दी जाएगी। इसी के चलते सरकार ने विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए 4852.95 करोड़ के और बजट का प्रावधान कर दिया है।

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हरियाणा विधानसभा में बजट सप्लीमेंटरी एस्टीमेट्स 2020-21 की पहली किस्त प्रस्तुत की गई। जिसे सदन में स्वीकृत कर दिया गया। इसके अंतर्गत सरकार ने 11260.51 करोड़ के सप्लीमेंटरी डिमांड प्रस्तुत की। जिसमें रेवेन्यू खर्चों जैसे कर्मचारियों का वेतन व अन्य आवर्ती खर्चों के लिए 6407.56 करोड़ और कैपिटल खर्चों जैसे डेवलपमेंट एंड कस्ट्रक्शन इत्यादि खर्चों के लिए 4852.95 करोड़ रुपये सप्लीमेंटरी बजट का और प्रावधान किया गया। इस बजट के इंतजाम के लिए सरकार विभिन्न तरह की कलेक्शन को और मजबूत करेगी। ताकि सरकार पर कोई वित्तीय बोझ भी न बढ़े और कोरोना काल में नए व चल रहे विकास कार्य भी न थमें।
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स्वास्थ्य व पब्लिक हेल्थ एंड वॉटर सप्लाई विभाग पर सबसे ज्यादा मेहरबानी
वैसे तो विभिन्न विभागों के विकास कार्यों के लिए सप्लीमेंटरी बजट का प्रावधान किया गया है। मगर स्वास्थ्य सेवाओं व पब्लिक हेल्थ एंड वॉटर सप्लाई विभाग पर सबसे ज्यादा मेहरबानी है। 
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स्वास्थ्य महकमे की मेडिकल कॉलेज संबंधी परियोजनाओं को भी अब सप्लीमेंटरी बजट से मजबूती मिलेगी। इस सप्लीमेंटरी बजट में स्वास्थ्य महकमे की परियोजनाओं के लिए 319 करोड़, पब्लिक हेल्थ एंड वॉटर सप्लाई विभाग के लिए 482.25 करोड़, सरकार के आंतरिक कर्ज के लिए 4 हजार करोड़, टूरिज्म विभाग के लिए 31.05 करोड़, ट्रांसपोर्ट विभाग के लिए 15.30 करोड़, रोजगार विभाग के लिए 5.34 करोड़, सामान्य प्रशासन व महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए सिर्फ एक-एक हजार रुपये के कैपिटल खर्च का प्रावधान किया गया है। 


इसके अलावा कई विभाग ऐसे भी हैं, जिनके लिए कैपिटल खर्च की मद में सप्लीमेंटरी बजट का प्रावधान नहीं होगा। इन विभागों में रेवेन्यू विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, वित्त विभाग, योजना एवं सांख्यिकी विभाग, तकनीकी शिक्षा, लोकल गर्वनमेंट, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, कृषि विभाग, पशुपालन एंड डेयरी डेवलपमेंट विभाग, ग्रामीण एंड कम्युनिटी डेवलपमेंट, गृह विभाग, इलेक्शन डिपार्टमेंट, एनर्जी एंड पॉवर विभाग, न्याय प्रशासन विभाग, जेल विभाग आदि शामिल हैं।

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