नगर निगम का प्रोजेक्ट 'स्पीड ब्रेकर' एक साल में ही फ्लॉप
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सेक्टर-27-19 के चौक पर पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनाए स्पीड ब्रेकर में एक साल बाद ही इंजीनियरिंग विंग को बदलाव करना पड़ गया।
बनाए गए स्पीड ब्रेकर के बीच के गैप को खत्म करने के लिए नगर निगम ने निर्णय लिया है। ट्रैफिक पुलिस ने भी इसके लिए मंजूरी दे दी है।
मंगलवार से इस चौक के चारों तरफ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ के स्पीड ब्रेकर के बीच के गड्ढों को भरने का काम शुरू हो गया।
मालूम हो कि इन नए तरह के ब्रेकर से पिछले एक साल में दर्जनों वाहनों की आपस में टक्कर हो चुकी है। दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
अमर उजाला ने भी पिछले साल इसके कारण हो रही वाहन चालकों की परेशानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इस चौक के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि इस स्पीड ब्रेकर पर जब तेज गति से वाहन आकर रुकता है तो टायरों की काफी आवाज होती है।
इस प्रकार की आवाज यहां पूरे दिन गूंजती रहती है। नगर निगम ने प्रोजेक्ट के सफल होने पर शहर में 4 और चौक इस तरह के ब्रेकर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन लोगों के विरोध के चलते अब यह नहीं बनाए जाएंगे।
इसके कारण यहां पर जाम की स्थिति भी बन जाती है।
इस कारण बनाए गए थे स्पीड ब्रेकर
- आवाजाही अधिक होने के कारण इस चौक पर वाहनों की लंबी कतार लगती थी।
- साइकिल चालक और पैदल सड़क पार करने वालों को ध्यान में रखकर किया गया निर्माण
-जाम से निपटने से बनाई गई थी रणनीति