चंडीगढ़ में नई पहल: वरिष्ठ नागरिकों के वाहनों पर लगेंगे विशेष स्टीकर, भीड़ में नहीं होना पड़ेगा परेशान
चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने नई पहल की है। अब शहर में वरिष्ठ नागरिकों के वाहनों पर विशेष स्टीकर लगाए जाएंगे। इससे उन्हें भीड़ में परेशान नहीं होना पड़ेगा। वरिष्ठ नागरिकों को ई-साथी एप पर अपने आपको पंजीकृत करना होगा। इसके बाद पुलिस घर जाकर वाहनों पर ये स्टीकर चस्पा करेगी।
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चंडीगढ़ के वरिष्ठ नागरिकों के लिए चंडीगढ़ यातायात पुलिस अब नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। अब वरिष्ठ नागरिक अपने वाहनों के आगे पीछे दो ऐसे स्टीकर लगा सकेंगे, जिससे वह भीड़भाड़ समेत अन्य सड़कों पर अपने वाहनों को आसानी से चला सके। वरिष्ठ नागरिक ई-साथी एप पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। अगले दो दिनों तक के लिए इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा।
यातायात एडमिन डीएसपी पलक गोयल ने बताया कि शहर की सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है, ऐसे में वरिष्ठ नागरिक को गाड़ी चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार हादसे भी देखे गए हैं। ऐसे में इन वरिष्ठ नागरिक की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन’ के नाम से उनकी गाड़ियों में आगे पीछे दोनों तरफ स्टीकर लगाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सीनियर सिटीजन को सड़कों पर दिक्कतों से बचाना है।
ई-साथी एप पर ऐसे करें रजिस्टर्ड
ई-साथी ऐप पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है, कोई भी वरिष्ठ नागरिक इस एप पर जाकर खुद को पंजीकृत करवा सकता है। इसके लिए उसे एक आईडी प्रूफ, वाहनों के कागजात, एक फोटो समेत अन्य दस्तावेजों को अपलोड करना पड़ेगा। इसके बाद यातायात पुलिस उनके बताए गए पते पर घर पहुंचेगी। पूरी वेरिफिकेशन होने के बाद उन्हें दो सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन के स्टीकर मुहैया कराकर उनके वाहनों के आगे और पिछले शीशे पर चस्पा करेगी।
‘एल’ के सिंबल से चालक बनाते हैं दूरियां
यातायात पुलिस का कहना है कि काफी समय से चलन में ‘एल’ नाम का स्टीकर चला आ रहा है। इस सिंबल को देखते ही सभी वाहन चालक ऐसे गाड़ियों से दूरियां बनाकर रखते हैं। इससे सड़क हादसा होने की संभावना काफी हद तक घट जाती है। ऐसे में जब सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन का लोग स्टीकर देखेंगे तो खुद से उस गाड़ी से दूरी बना लेंगे। इससे सीनियर सिटीजन को गाड़ी चलाने में दिक्कतों का सामना कम करना पड़ेगा।
‘एल’ के सिंबल से चालक बनाते हैं दूरियां
यातायात पुलिस की तरफ से उठाया गया यह कदम काफी सराहनीय है लेकिन सीनियर सिटीजन की तरफ से ऐप में अपलोड किया गया डाटा का लीक होने का डर हमेशा रहता है। सभी वरिष्ठ नागरिकों का डाटा पहले से ही कम्युनिटी सेंटर में अपडेट किया गया है। ऐसे में यातायात पुलिस को चाहिए कि इनसे संपर्क कर डाटा को आपस में लिंक कर लें जबकि कई वरिष्ठ नागरिकों के पास मोबाइल फोन भी नहीं होते हैं, ऐसे में वह कैसे अपने डाटा को अपलोड करेंगे। यातायात पुलिस को इस पर एक बार विचार करने की जरूरत है। -आरके गर्ग, प्रधान, सेकेंड इनिंग एसोसिएशन सीनियर सिटीजन।