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चंडीगढ़ में चमकती अंगूठी जैसा दिखा खूबसूरत सूर्यग्रहण, अद्भुत खगोलीय घटना देख सब हैरान
Mon, 22 Jun 2020 12:22 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2020 12:22 PM IST
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सूर्यग्रहण का खूबसूरत नजारा
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में रविवार को सूर्यग्रहण का खूबसूरत नजारा देखने को मिला। यह चमकती अंगूठी की तरह था। किसी ने दूरबीन की जरिये तो किसी ने एक्स-रे फिल्म के जरिये सूर्यग्रहण को देखा। जैसे-जैसे चंद्रमा सूर्य के आगे आता जा रहा था वैसे वैसे पृथ्वी पर अंधेरा सा छाने लगा।
जैसे सूर्य के सामने गहरे बादल आ जाते हैं, ठीक वैसा ही नजारा पृथ्वी पर रहा। खगोलशास्त्रियों के मुताबिक इस सूर्यग्रहण से न किसी को लाभ न है न हानि। यह एक खगोलीय घटना है जो अक्सर होती है। दोपहर दो बजे के बाद सूर्य अपने पूरे प्रभाव में दिखा और धूप निकली।
दूरबीन के जरिये देखा सूर्यग्रहण, कुछ घरों में रहे
सभी को सूर्यग्रहण का इंतजार था। कुछ भ्रांतियां पाले थे तो कुछ सूर्यग्रहण को देखने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही सुबह के साढ़े दस बजे तो सूर्यग्रहण का चक्र शुरू हो गया। लोगों ने टेलीस्कॉप तो कुछ ने एक्स-रे आदि के जरिये ग्रहण का नजारा देखा। बाजारों में भी लोगों ने दूरबीन आदि के जरिये देखने की कोशिश की।
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टीवी व सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें देखीं और आनंद उठाया। कुछ लोग घरों में रहे। बाहर नहीं निकले। बच्चों को भी घर में ही रखा गया। पंजाब यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर संदीप सहजपाल ने इस पर अध्ययन किया। उन्होंने सुबह 10.30 बजे से लेकर पीक ऑवर तक टेलीस्कॉप से उसकी तस्वीरें लीं और अध्ययन किया।
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जैसे सूर्य के सामने गहरे बादल आ जाते हैं, ठीक वैसा ही नजारा पृथ्वी पर रहा। खगोलशास्त्रियों के मुताबिक इस सूर्यग्रहण से न किसी को लाभ न है न हानि। यह एक खगोलीय घटना है जो अक्सर होती है। दोपहर दो बजे के बाद सूर्य अपने पूरे प्रभाव में दिखा और धूप निकली।
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दूरबीन के जरिये देखा सूर्यग्रहण, कुछ घरों में रहे
सभी को सूर्यग्रहण का इंतजार था। कुछ भ्रांतियां पाले थे तो कुछ सूर्यग्रहण को देखने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही सुबह के साढ़े दस बजे तो सूर्यग्रहण का चक्र शुरू हो गया। लोगों ने टेलीस्कॉप तो कुछ ने एक्स-रे आदि के जरिये ग्रहण का नजारा देखा। बाजारों में भी लोगों ने दूरबीन आदि के जरिये देखने की कोशिश की।
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टीवी व सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें देखीं और आनंद उठाया। कुछ लोग घरों में रहे। बाहर नहीं निकले। बच्चों को भी घर में ही रखा गया। पंजाब यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर संदीप सहजपाल ने इस पर अध्ययन किया। उन्होंने सुबह 10.30 बजे से लेकर पीक ऑवर तक टेलीस्कॉप से उसकी तस्वीरें लीं और अध्ययन किया।
टेलीस्कॉप से लिए फोटो में दिखा सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा
प्रोफेसर संदीप ने बताया कि सूर्यग्रहण दोपहर 12 बजे के बाद पीक पर था जो आर्क यानी वृत्त व एक रिंग की तरह दिखाई दिया। उसके बाद फिर से वही प्रक्रिया शुरू होती है। लगभग दो से ढाई बजे तक यह पूरा घटनाक्रम चला। उन्होंने बताया कि चंद्रमा ने सूर्य को अधिकांशत: ढक लिया था। इसी कारण पृथ्वी पर कुछ अंधेरा से नजर आया था।
यह नजारा उस समय पर भी दिखता है जब गहरे बादल सूर्य के सामने आते हैं। काली घटा आदि भी दिखती है। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण किसी भी व्यक्ति पर अच्छा या बुरा प्रभाव नहीं डालता है। उन्होंने दस फोटो टेलीस्कॉप के जरिये लिए जो अद्भुत दिखे। उन्होंने बताया कि रविवार को सूर्यग्रहण पूरी तरह देखा गया। कुछ समय बादल आए जरूर थे, लेकिन सामान्य स्थिति अच्छी थी।
कोरोना से सूर्यग्रहण का कोई संबंध नहीं
अंधविश्वास पनप रहा था कि सूर्यग्रहण के बाद कोरोना खत्म हो जाएगा या कम हो जाएगा। खगोलशास्त्री प्रो. संदीप सहजपाल ने बताया कि सूर्यग्रहण का कोरोना से कोई संबंध नहीं है। यह एक खगोलीय घटना थी। कोरोना केवल सावधानी बरतने से ही दूर हो सकता है। इसलिए मास्क लगाकर रखें और दो गज की दूरी बनाए रखें।
यह नजारा उस समय पर भी दिखता है जब गहरे बादल सूर्य के सामने आते हैं। काली घटा आदि भी दिखती है। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण किसी भी व्यक्ति पर अच्छा या बुरा प्रभाव नहीं डालता है। उन्होंने दस फोटो टेलीस्कॉप के जरिये लिए जो अद्भुत दिखे। उन्होंने बताया कि रविवार को सूर्यग्रहण पूरी तरह देखा गया। कुछ समय बादल आए जरूर थे, लेकिन सामान्य स्थिति अच्छी थी।
कोरोना से सूर्यग्रहण का कोई संबंध नहीं
अंधविश्वास पनप रहा था कि सूर्यग्रहण के बाद कोरोना खत्म हो जाएगा या कम हो जाएगा। खगोलशास्त्री प्रो. संदीप सहजपाल ने बताया कि सूर्यग्रहण का कोरोना से कोई संबंध नहीं है। यह एक खगोलीय घटना थी। कोरोना केवल सावधानी बरतने से ही दूर हो सकता है। इसलिए मास्क लगाकर रखें और दो गज की दूरी बनाए रखें।