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भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ महिलाओं ने सोशल मीडिया को बनाया हथियार, जानिए मामला
अमरीश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 06 Aug 2018 03:51 PM IST
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भगोड़े एनआरआई दूल्हों को वापस देश में बुलाकर उनके खिलाफ केस शुरू करवाने के लिए कई पीड़ित महिलाएं पासपोर्ट ऑफिस, पुलिस थाने और अदालतों के चक्कर लगा रही हैं। उनके प्रयास के बाद रीजनल पासपोर्ट ऑफिस से भगोड़े एनआरआई के पासपोर्ट तो इम्पाउंड हो चुके हैं, लेकिन वह अब तक विदेश में ही हैं। उन्हें देश वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय से पीड़ितों को कुछ खास मदद नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में कुछ महिलाओं ने सोशल साइट्स जैसे ट्वीटर, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। पंजाब से शुरू हुए इस अभियान में अब दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों की पीड़ित महिलाएं जुड़ चुकी हैं। खास तौर पर ट्वीटर पर चलाए गए अभियान में अब कई पीड़ित महिलाएं जुड़ चुकी हैं और सब मिलकर एनआरआई भगोड़े दूल्हों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीएमओ और विदेश मंत्रालय से अपील कर रही हैं।
पंजाब के बठिंडा निवासी रूपाली गुप्ता बताती हैं कि पंजाब और हरियाणा में इस समय बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं, जिनके एनआरआई दूल्हे उन्हें शादी के कुछ दिन बाद ही छोड़कर विदेश चले गए। पुलिस, कोर्ट, पासपोर्ट ऑफिस के कई चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें कोई मदद या कोई आस नहीं मिली। उन लोगों ने पासपोर्ट आफिस की मदद से ऐसी पीड़िताओं के लिए पहल की और उनकी आवाज उठाई।
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चंडीगढ़ स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के कार्य क्षेत्राधिकार में आने वाले पंजाब और हरियाणा के 12-12 जिलों की कई पीड़िताओं की शिकायत पर उन्होंने कार्यवाही करते हुए उनके भगोड़े एनआरआई दूल्हों के पासपोर्ट इम्पाउंड करवाए हैं। हालांकि पासपोर्ट इम्पाउंड होने के बाद राज्य और केंद्र सरकार के साथ ही विदेश मंत्रालय से उन्हें कोई खास मदद नहीं मिल रही है। सरकार और मंत्रालय भगोड़े दूल्हों को पकड़कर देश वापस लाने के लिए कोई खास प्रयास नहीं कर रही है।
राज्य सरकार भी इस गंभीर मुद्दे को अब तक अनदेखा करके बैठी हुई है। सरकारों की अनदेखी और विदेश मंत्रालय की चुप्पी के बाद पीड़िताओं में से एक करनाल निवासी युवती ने ट्वीटर पर भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ अभियान शुरू किया और देखते ही देखते उनकी इस मुहिम में देशभर से युवतियां जुड़ गईं।
रोजाना करती है पीएमओ, मोदी और सुषमा स्वराज को ट्वीट
करनाल निवासी रेनू के अनुसार उन्होंने सरकार और विदेश मंत्रालय से भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ ट्वीटर पर अपील से शुरुआत की थी। इसके बाद कई शहरों की युवतियां उनसे संपर्क में आईं। आज पंजाब, हरियाणा के अलावा दिल्ली, मुंबई, पुणे, पटना, राजस्थान के कुछ शहरों की कई युवतियां भी सोशल मीडिया पर उनके संपर्क में हैं।
यह सब मिलकर अब भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं ताकि सरकार और विदेश मंत्रालय तक अपनी बात पहुंचा सकें। ये युवतियां रोजाना सुषमा स्वराज से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ को ट्वीट कर उन्हें इस संबंध में कार्रवाई की अपील कर रही हैं।
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ऐसे में कुछ महिलाओं ने सोशल साइट्स जैसे ट्वीटर, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। पंजाब से शुरू हुए इस अभियान में अब दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों की पीड़ित महिलाएं जुड़ चुकी हैं। खास तौर पर ट्वीटर पर चलाए गए अभियान में अब कई पीड़ित महिलाएं जुड़ चुकी हैं और सब मिलकर एनआरआई भगोड़े दूल्हों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीएमओ और विदेश मंत्रालय से अपील कर रही हैं।
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पंजाब के बठिंडा निवासी रूपाली गुप्ता बताती हैं कि पंजाब और हरियाणा में इस समय बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं, जिनके एनआरआई दूल्हे उन्हें शादी के कुछ दिन बाद ही छोड़कर विदेश चले गए। पुलिस, कोर्ट, पासपोर्ट ऑफिस के कई चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें कोई मदद या कोई आस नहीं मिली। उन लोगों ने पासपोर्ट आफिस की मदद से ऐसी पीड़िताओं के लिए पहल की और उनकी आवाज उठाई।
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चंडीगढ़ स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के कार्य क्षेत्राधिकार में आने वाले पंजाब और हरियाणा के 12-12 जिलों की कई पीड़िताओं की शिकायत पर उन्होंने कार्यवाही करते हुए उनके भगोड़े एनआरआई दूल्हों के पासपोर्ट इम्पाउंड करवाए हैं। हालांकि पासपोर्ट इम्पाउंड होने के बाद राज्य और केंद्र सरकार के साथ ही विदेश मंत्रालय से उन्हें कोई खास मदद नहीं मिल रही है। सरकार और मंत्रालय भगोड़े दूल्हों को पकड़कर देश वापस लाने के लिए कोई खास प्रयास नहीं कर रही है।
राज्य सरकार भी इस गंभीर मुद्दे को अब तक अनदेखा करके बैठी हुई है। सरकारों की अनदेखी और विदेश मंत्रालय की चुप्पी के बाद पीड़िताओं में से एक करनाल निवासी युवती ने ट्वीटर पर भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ अभियान शुरू किया और देखते ही देखते उनकी इस मुहिम में देशभर से युवतियां जुड़ गईं।
रोजाना करती है पीएमओ, मोदी और सुषमा स्वराज को ट्वीट
करनाल निवासी रेनू के अनुसार उन्होंने सरकार और विदेश मंत्रालय से भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ ट्वीटर पर अपील से शुरुआत की थी। इसके बाद कई शहरों की युवतियां उनसे संपर्क में आईं। आज पंजाब, हरियाणा के अलावा दिल्ली, मुंबई, पुणे, पटना, राजस्थान के कुछ शहरों की कई युवतियां भी सोशल मीडिया पर उनके संपर्क में हैं।
यह सब मिलकर अब भगोड़े एनआरआई दूल्हों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं ताकि सरकार और विदेश मंत्रालय तक अपनी बात पहुंचा सकें। ये युवतियां रोजाना सुषमा स्वराज से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ को ट्वीट कर उन्हें इस संबंध में कार्रवाई की अपील कर रही हैं।