बहिबल गोलीकांडः फायरिंग का आदेश देने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी, अब खैर नहीं
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बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं में एसआईटी ने आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बहिबल कलां गोलीकांड में मोगा के पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को एसआईटी ने गोलीकांड की दोनों घटनाओं में दर्ज हत्या व इरादा ए कत्ल की एफआईआर में आईपीसी की धारा 201 (साक्ष्य मिटाने), 218 (आरोपियों को बचाने के लिए जाली सुबूत तैयार करने) समेत 120बी व 34 (अपराध की साजिश रचने) की धाराएं भी जोड़ दी हैं।
गौरतलब है कि जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 11 अगस्त 2018 को मोगा के तत्कालीन एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा, उनके रीडर इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, फाजिल्का के एसपी बिक्रमजीत सिंह व थाना बाजाखाना प्रभारी अमरजीत सिंह कुलार को नामजद किया गया था। इस केस में एसआईटी ने गवाहों के बयान के आधार पर आईपीसी की धारा 201, 218 व 120 बी भी जोड़ दी है।
उधर कोटकपूरा की घटना के संदर्भ में पहले कोई मामला दर्ज नहीं था। इस मामले में जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 7 अगस्त 2018 को अज्ञात पुलिस पार्टी पर आईपीसी की 307,148,149 का मामला दर्ज किया था। इस केस में अब एसआईटी ने धारा 148,149 हटा दी है और इसमें आईपीसी की 201, 218, 120 बी व 34 को जोड़ दिया है।
पुलिस पर ये लगे थे आरोप
पुलिस पर आरोप थे कि गोलीकांड में मारे गए युवकों और घायलों के शरीर से निकली पुलिस की गोलियों से छेड़छाड़ की गई, ताकि यह पता ना चल सके कि ये किसके हथियार से चली हैं। इसके अलावा यह आरोप है कि पुलिस ने धरना दे रहे लोगों पर गोली चलाने से पहले मजिस्ट्रेट से इजाजत नहीं ली थी। पुलिस ने घटना के बाद मजिस्ट्रेट से यह आर्डर तैयार करवाया था।
अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई आज
बहिबल कलां गोलीकांड मामले में पूर्व एसएसपी की गिरफ्तारी के बाद केस में नामजद बाकी तीन अधिकारियों में से दो अधिकारियों एसपी बिक्रमजीत सिंह व इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने एक दिन पहले ही यहां की जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर कर दी थी और मंगलवार को तीसरे आरोपी एसआई अमरजीत सिंह कुलार ने अग्रिम जमानत की याचिका दायर कर दी।
इन तीनों की याचिकाओं पर जिला अदालत में 30 जनवरी को सुनवाई होगी। उधर एसआईटी के कैंप ऑफिस में मंगलवार को कोटकपूरा की घटना के संदर्भ में एक डीएसपी समेत छह पुलिस कर्मियों व दो डॉक्टरों ने अपने बयान दर्ज करवाए।