पंजाब बंद, सड़क से ट्रैक तक दिखे दंगा पीड़ित
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1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सिख संगठनों ने शनिवार को पंजाब बंद का ऐलान किया। बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। लुधियाना में सभी प्रमुख बाजार, स्कूल, कॉलेज, बैंक और व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे और यातायात भी सामान्य रहा। फिरोजपुर और अबोहर में सिख जत्थेबंदियों के बंद का असर जिलेभर में मिलाजुला रहा।
सुरक्षा के मद्देनजर शहर के विभिन्न स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। जालंधर में बंद का असर पूरी तरह दिखाई दिया। सिख जत्थेबंदियों ने मॉडल टाउन से रोष मार्च निकाला। युवाओं की टोलियां दुपहिया वाहनों पर शहर के आंतरिक बाजारों में जाकर बंद के समर्थन की अपील करती रहीं। अमृतसर में बंद का कोई खास जनसमर्थन नहीं मिला। पटियाला में शनिवार को दी बंद की कॉल पूरी तरह से बेअसर साबित हुई। होशियारपुर जिले में बंद का मिलाजुला असर दिखाई दिया।
लुधियाना में प्रमुख बाजार, स्कूल, कालेज और बैंक खुले रहे
शहर के सभी प्रमुख बाजार, स्कूल, कॉलेज, बैंक और व्यवसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे और यातायात भी सामान्य रहा। सुबह के वक्त चौड़ा बाजार में कुछ युवकों ने दुकानें बंद कराई, जो बारह बजे के बाद फिर से खुल गई।
जालंधर में दिखा पंजाब बंद का असर
शहर में डीसीपी नवीन सिंगला के नेतृत्व में सारी कमिश्नरेट पुलिस फोर्स और अधिकारी सड़कों पर मौजूद रहे। सुबह सवेरे ही पुलिस टीम ने उन स्थानों पर मोर्चा संभाल रखा था जहां सिख संगठनों के प्रतिनिधि इकट्ठा होने थे।
मॉडल टाउन गुरुद्वारा सिंह सभा के बाहर बड़ी संख्या में सिख समुदाय व संगठनों के प्रतिनिधि जमा हुए। इसमें जत्थेदार जगजीत सिंह गाबा, सेंट्रल टाउन गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से गुरमीत सिंह बिट्टू, सिख तालमेट कमेटी के तजिंदर परदेसी, हरप्रीत सिंह नीटू के अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
फरीदकोट में बंद का व्यापक असर
पंजाब बंद के आह्वान पर जिला फरीदकोट में भी व्यापक असर रहा। जिले के प्रमुख शहरों और कस्बों फरीदकोट, कोटकपूरा, जैतो, सादिक, गोलेवाला, बरगाड़ी, बाजाखाना आदि में तमाम बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
सभी सरकारी स्कूल, कॉलेज तो खुले रहे लेकिन कई निजी स्कूलों ने पहले ही छुट्टी की घोषणा कर रखी थी। फरीदकोट, कोटकपूरा और सादिक में सुबह के समय कुछ दुकानें व बाजार खुल गए थे लेकिन बाद में सिख संगठनों के रोष मार्च निकालने जाने पर सभी बाजार मुकम्मल बंद हो गए।
फिरोजपुर और अबोहर में मिलाजुला असर
फिरोजपुर और अबोहर में सिख जत्थेबंदियों के बंद का असर जिलेभर में मिलाजुला रहा। सुरक्षा के मद्देनजर शहर के विभिन्न स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। फिरोजपुर में शनिवार को कई स्थानों पर दुकानें खुली रहीं।
कुछ दुकानें सिख जत्थेबंदियों ने जाकर बंद करवाई। गुरुहरसहाय, जलालाबाद व फाजिल्का में भी ज्यादा दुकानें बंद नहीं थी। फिरोजपुर-फाजिल्का-अबोहर रेल सेक्शन पर ट्रेनें चल रही थी। पुलिस बल की तैनाती के कारण सब कुछ सुचारु रहा।
अमृतसर में नहीं मिला जनसमर्थन
अमृतसर। 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए दिए बंद के आह्वान पर शनिवार को अमृतसर में कोई खास जनसमर्थन नहीं मिला।
होशियारपुर में बंद का आंशिक असर ही दिखा
होशियारपुर जिले में मिलाजुला असर दिखाई दिया। इजले में गढ़शंकर, सैलाखुर्द, माहिलपुर, तलवाड़ा दसूहा, दातारपुर व मुकेरियां आदि कस्बों में बंद का कोई असर देखने को नहीं मिला। शहर में बाजार व अन्य प्रतिष्ठान सुबह सामान्य दिनों की तरह खुले ।
पटियाला में खुले रहे व्यापारिक संस्थान और दुकानें
पटियाला। ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन की ओर से 1984 के दंगा पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए शनिवार को दी बंद की कॉल पटियाला में पूरी तरह से बेअसर साबित हुई। सभी दुकानें व व्यापारिक संस्थान रोजाना की तरह खुले रहे। फेडरेशन ने दोपहर एक बजे तक ही दुकानदारों से दुकानें बंद करने की अपील की थी। उसे भी दुकानदारों ने नहीं माना।