'श्री अकाल तख्त साहिब के अंदर कैसे गए हथियार'
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श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार की वर्षगांठ के अवसर पर अकाल तख्त साहिब में बड़े स्तर पर कार्यक्रम के आयोजन की परंपरा शुरू की थी। जो व्यक्ति इस कार्यक्रम में खलल डालते हैं, वे नहीं चाहते कि मारे गए लोगों की याद में कोई कार्यक्रम का आयोजन किया जाए।
खालिस्तान के पोस्टर लहराए गए
पूर्व जत्थेदार ने कहा कि 6 जून को अकाल तख्त पर समारोह के वक्त हजारों नौजवानों के पास तलवारें और दूसरे हथियार थे। ये हथियार श्री हरमंदिर साहिब परिसर व श्री अकाल तख्त साहिब के अंदर कैसे गए।
पवित्र भवन में खालिस्तान के बड़े-बड़े पोस्टर लहराए गए। यह समान सरकार की एजेंसियों और एसजीपीसी के कर्मचारियों की नजरों से बचकर कैसे भीतर आया, यह जांच का विषय है। अगर मान गलत थे तो वहां पर मान को सिरोपा क्यों दिया गया।
किस आधार पर सिमरनजीत सिंह को सिरोपा
वेदांती ने कहा कि ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सिमरनजीत सिंह मान को सिरोपा किस आधार पर दिया। यह ज्ञानी गुरबचन सिंह की कमजोरी है।
ऑपरेशन ब्लू स्टार के कार्यक्रम में शिरोमणि अकाली दल को क्यों नहीं बुलाया गया। अकाली दल की गैरहाजिरी के कारण ही कुछ लोगों को हुड़दंग मचाने का मौका मिलता है जो श्रद्धांजलि देने के नाम पर अपनी राजनीति चमकाते हैं।