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श्रीमद्भागवत भी निशान लगा देती है कि ये भक्त ठाकुर जी का है: पुंडरीक गोस्वामी
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चंडीगढ़। सेक्टर 17 के सर्कस ग्राउंड में चल रही बरसाना प्रकट उत्सव के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा व्यास पुंडरीक गोस्वामी ने दिव्य प्रवचन किए। पुंडरीक गोस्वामी ने कहा कि ये पंडाल ही बरसाना है। जितना राधा नाम लूट सकते हो लूट लो। उन्होंने कहा कि किसी वैष्णव को संकीर्तन में नृत्य करते सिर्फ देखने से ही कृष्ण प्रेम मिलता है। स्वयं नृत्य करने से तो बात ही निराली है।
पुंडरीक गोस्वामी ने कहा कि जैसे सांसारिक वस्तुओं पर सब निशान लगा देते है कि ये वस्तु हमारी है, ठीक वैसे ही श्रीमद्भागवत भी निशान लगा देती है कि ये भक्त ठाकुर जी का है और राधारमण जी निशान लगा देते है कि ये मेरा है।
उन्होंने कहा कि अगर भोजन है और पात्र नहीं है तो भोजन पाना भी मुश्किल होगा। ठीक वैसे ही अगर जिज्ञासा है और श्रद्धा नहीं है तो ज्ञान प्राप्त नहीं होगा। ज्ञान पाने के लिए जिज्ञासा और श्रद्धा दोनों चाहिए। निमाई पाठशाला के बच्चों ने नाटक की प्रस्तुति भी दी। कथा के उपरांत भगवान की भव्य आरती हुई। इस मौके पर भंडारा का आयोजन हुआ।
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पुंडरीक गोस्वामी ने कहा कि जैसे सांसारिक वस्तुओं पर सब निशान लगा देते है कि ये वस्तु हमारी है, ठीक वैसे ही श्रीमद्भागवत भी निशान लगा देती है कि ये भक्त ठाकुर जी का है और राधारमण जी निशान लगा देते है कि ये मेरा है।
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उन्होंने कहा कि अगर भोजन है और पात्र नहीं है तो भोजन पाना भी मुश्किल होगा। ठीक वैसे ही अगर जिज्ञासा है और श्रद्धा नहीं है तो ज्ञान प्राप्त नहीं होगा। ज्ञान पाने के लिए जिज्ञासा और श्रद्धा दोनों चाहिए। निमाई पाठशाला के बच्चों ने नाटक की प्रस्तुति भी दी। कथा के उपरांत भगवान की भव्य आरती हुई। इस मौके पर भंडारा का आयोजन हुआ।
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