Punjab: फिल्लौर पुलिस अकादमी में मिले शहीद ऊधम सिंह की उंगलियों के निशान, जल्द प्रदर्शित करने की तैयारी
उंगलियों के ये निशान 10 अक्तूबर 1927 को लिए गए थे। साल 1940 की तारीख भी कागज में दर्ज है। माना जा रहा है कि ऊधम सिंह की उंगलियों के निशान को तब पंजाब पुलिस ने लंदन भेजा था। जहां ऊधम सिंह माइकल ओ डायर की हत्या के मामले में केस का सामना कर रहे थे।
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पूरा देश जलियांवाला नरसंहार का लंदन जाकर बदला लेने वाले शहीद ऊधम सिंह की 84वीं जयंती मना रहा है। इसी बीच उनके उंगलियों के निशान पंजाब पुलिस अकादमी के दस्तावेजों में मिले हैं। जल्दी ही आम लोग भी इन उंगलियों के निशानों का दीदार कर पाएंगे।
पंजाब पुलिस इन्हें उचित जगह पर प्रदर्शित करने की तैयारी कर रही है। उम्मीद है कि जल्द यह काम पूरा कर लिया जाएगा। शहीद ऊधम सिंह की उंगलियों के प्रिंट वाले दस्तावेज 1927 के हैं। जब उन्हें गदर पार्टी के नेता के रूप गिरफ्तार किया गया था। उसी दौरान उनकी की उंगलियों के निशान लिए गए थे। फिल्लौर स्थित पुलिस अकादमी में पुराने दस्तावेज, हथियार और अन्य केस की फाइलें रखी हैं। इनमें ही ऊधम सिंह की उंगलियों के निशान वाला दस्तावेज मिला है।
1927 को किया गया था ऊधम सिंह को गिरफ्तार
ऊधम सिंह को जब 1927 में पंजाब की तत्कालीन पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब उनके पास पिस्टल और गदर पार्टी के अखबार 'गदर दी गूंज' की प्रति मिली थी। उस समय ऊधम सिंह को कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी। उसी दौरान शहीद ऊधम सिंह की उंगलियों के निशान लिए गए थे। ऊधम सिंह की उंगलियों के जो निशान वाला दस्तावेज मिला है, उसमें शेर सिंह नाम लिखा है। पिता का नाम तेहल सिंह है।
10 अक्तूबर 1927 को लिए गए थे उंगलियों के निशान
उंगलियों के ये निशान 10 अक्तूबर 1927 को लिए गए थे। साल 1940 की तारीख भी कागज में दर्ज है। माना जा रहा है कि ऊधम सिंह की उंगलियों के निशान को तब पंजाब पुलिस ने लंदन भेजा था। जहां ऊधम सिंह माइकल ओ डायर की हत्या के मामले में केस का सामना कर रहे थे।
शहीद ऊधम सिंह का मूल नाम शेर सिंह ही था। हालांकि, वो खुद का नाम हमेशा राम मोहम्मद सिंह आजाद बताते थे। वो पंजाब के सुनाम के निवासी थे। याद रहे कि फिल्लौर स्थित पुलिस अकादमी में 1860 से पुलिस केस फाइलें, दस्तावेज व हथियारों का मालखाना है। उस समय इसे मिलिट्री पुलिस फोर्स के रूप में जाना जाता था। 1891 में यह पुलिस अकादमी बन गई थी।