फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मुखाग्नि देते हुए जवान की बेटी बोलीं- 'मेरे पापा जब वापस आएंगे तो मैं फौज में भर्ती हो जाऊंगी'

Fri, 15 Feb 2019 09:07 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हलवारा (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हलवारा (पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 15 Feb 2019 09:07 AM IST
विज्ञापन
Shaheed Jawan's funeral in halwara of Punjab
शहीद जवान को आखिरी सलामी देते हुई बेटी

अपने शहीद पिता की चिता को मुखाग्नि देते हुए आठ साल की बेटी ने जो कहा, उसे सुन सभी लोगों की आंखे नम हो गई। दुख की इस घड़ी में बेटी का जज्बा है कि वो भी भारतीय सेना में भर्ती हो जाए।

Shaheed Jawan's funeral in halwara of Punjab
शहीद जवान का अंतिम संस्कार

09 फरवरी की रात उत्तरी सिक्किम में चीन सीमा पर तैनात नायक बूटा सिंह बर्फ का तोंदा गिरने से शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर 12 फरवरी को निकाला गया था। गुरुवार को शहीद सैनिक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बुर्ज हरी सिंह पहुंचा जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद की आठ वर्षीय बेटी ने चिता को मुखाग्नि दी।

Shaheed Jawan's funeral in halwara of Punjab
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग

सात राइफलों से फायर कर शहीद नायक बूटा सिंह को सैनिक सम्मान दिया गया। इस मौके पर कर्नल वेदिश महाजन, कर्नल जेएस सिद्धू, एसडीएम डॉ. हिमांशु गुप्ता, डीएसपी गुरमीत सिंह सहित आसपास के गांवों से लोग शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। शहीद बूटा सिंह के परिवार में उनकी गर्भवती पत्नी हरप्रीत कौर, बेटी जसमीत कौर, पिता गुलजारा सिंह, मां जसमेल कौर, दादी करतार कौर, भाई बेअंत सिंह और बहन कुलवंत कौर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Shaheed Jawan's funeral in halwara of Punjab
शहीद जवान

कर्नल वेदिश महाजन ने बताया कि नायक बूटा सिंह चीन सीमा पर एक विशेष अभियान के तहत चौकसी कर रहे थे। यह एरिया 20 हजार फुट की ऊंचाई पर है और वहां पर तापमान माइनस 40 डिग्री रहता है। नौ फरवरी की रात को बूटा सिंह और उनके एक अन्य साथी ड्यूटी पर तैनात थे, तभी अचानक बर्फ का तोंदा उन पर गिर गया। इस घटना में नायक बूटा सिंह शहीद हो गए, जबकि उनके साथी को बचा लिया गया। कर्नल महाजन के अनुसार बूटा सिंह को जंगी शहीद का दर्जा दिया गया है। उनके परिवार को सरकार की तरफ से हर संभव सहायता दी जाएगी।

विज्ञापन

मेरे पापा जब वापस आएंगे तो मैं फौज में भर्ती हो जाऊंगी 

Shaheed Jawan's funeral in halwara of Punjab
शहीद को सलामी देते हुए अधिकारी

मेरे पापा कुछ दिन के लिए भगवान के पास जा रहे है, जब वह लौटकर आएंगे तब मैं बड़ी होकर भारतीय सेना में भर्ती होकर सेवा कर रही होऊंगी। शहीद नायक बूटा सिंह की आठ वर्षीय बेटी जसमीत कौर अपने पिता को मुखाग्नि देते समय यही बात बार बार दोहरा रही थी। उसकी यह बात सुनकर गुरुवार गांव बुर्जहरी सिंह के शमशान घाट में खड़े हर व्यक्ति की आंखें नम थी।

शहीद की पत्नी हरप्रीत कौर सेना के अधिकारियों से लगातार पति के आखिरी पलों के बारे में सवाल कर रहीं, लेकिन किसी के पास उसके सवाल का जवाब नहीं था। बूटा सिंह फुटबाल के अच्छे खिलाड़ी थे। साल 2000 में वह सेना में भर्ती हो गए थे। बूटा सिंह के पार्थिव शरीर को गांव लेकर पहुंचे नायब सूबेदार सुखविंदर सिंह ने बताया कि पार्थिव शरीर को निकालने में पहुंच मुश्किल आई। पार्थिव शरीर को लाने के लिए सभी रास्ते बंद हो चुके थे। एक हेलीपेड तैयार कर हेलीकॉप्टर से किसी तरह पार्थिव शरीर को बागडोगरा पहुंचा गया। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed