भगत सिंह का जन्मदिन मनाते ही बहन 'विदा'
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शहीद भगत सिंह की छोटी बहन प्रकाश कौर भले ही आज हमारे बीच नहीं रही, लेकिन उनके जुड़ा सच आज भी जिंदा है। वो ये कि वर्ष 1967 में पंजाब विधानसभा के आम चुनावों में उन्होंने भारतीय जनसंघ की टिकट पर कोटकपूरा सीट से चुनाव लड़ा है।
जानकारी के अनुसार भारतीय जनसंघ ने वर्ष 1967 के पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान अपने 49 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे और शहीद भगत सिंह की बहन प्रकाश कौर को कोटकपूरा विधानसभा सीट से टिकट दी गई थी।
उस समय अकाली दल के उम्मीदवार हरभगवान सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी मेहर सिंह को हराया था जबकि प्रकाश कौर करीब पांच हजार मत लेकर तीसरे स्थान पर रही।
उस समय भारतीय जनसंघ के सीनियर नेता एडवोकेट श्रीराम गुप्ता की अगुवाई में प्रकाश कौर के समर्थन में जोरदार चुनावी मुहिम चली थी और चुनाव प्रचार में शहीद भगत सिंह की माता समेत परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए थे।
उनकी यादों को भूलाया नहीं जा सकता
कोटकपूरा के लोगों ने शहीद भगत सिंह के परिवार के प्रति काफी उत्साह भी दिखाया लेकिन राजनीतिक रूप से उन्हें सफलता दिलाने में नाकाम रहे।
उस समय के जनसंघ नेता स्वर्गीय एडवोकेट श्रीराम गुप्ता के बेटे और भाजपा के जिलाध्यक्ष जयपाल गर्ग के अनुसार 1967 के चुनावों ने पंजाब की राजनीति में एक नया इतिहास कायम किया था और उस समय राज्य में पहली बार जस्टिस गुरनाम सिंह की अध्यक्षता में गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ था।
उन्होंने बताया कि भले ही प्रकाश कौर को चुनाव में सफलता नहीं मिली थी लेकिन इसके बावजूद कुछ वर्षो तक उन्होंने स्थानीय जनसंघ नेताओं और वर्करों से संपर्क बनाए रखा था। उन्होंने कहा कि शहर से जुड़ी उनकी यादों को कभी भूलाया नहीं जा सकता।