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Punjab: विदेश जाने की चाह में गुरुद्वारों में चढ़ाए जाते थे खिलौना जहाज, अब SGPC खत्म करेगी ये चलन
Mon, 14 Aug 2023 11:17 AM IST
निवेदिता वर्मा
पंकज शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
पंकज शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 14 Aug 2023 11:17 AM IST
सार
सिख धर्म में माना जाता है कि वाहेगुरु के समक्ष सिर्फ अरदास की जाती है। खिलौना जहाज आदि चढ़ाने की कोई परंपरा नहीं है। श्री हरमंदिर साहिब और अन्य गुरुद्वारों में हवाई जहाज जैसे खिलौने चढ़ाने के चलन को रोकने के लिए सेवादारों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं।
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श्री हरमंदिर साहिब में चढ़ाया गया खिलौना जहाज
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
अब सिख श्रद्धालु विदेश जाने की मन्नत मांगने या पूरी होने पर खिलौना जहाज गुरुद्वारों में नहीं चढ़ा पाएंगे। श्री हरमंदिर साहिब में भी कुछ समय पहले कुछ श्रद्धालुओं ने विदेश जाने की मन्नत मांगते हुए खिलौना जहाज चढ़ाया था। इस पर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सख्त संज्ञान लिया गया है। अब एसजीपीसी गुरुद्वारों में खिलौना जहाज चढ़ाने के प्रचलन को खत्म करेगी।
श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी विदेश जाने के लिए गुरुद्वारों में खिलौना जहाज चढ़ाने का प्रचलन बंद करवाने के लिए आने वाले दिनों में सख्त आदेश जारी कर सकती है। सिख धर्म में माना जाता है कि वाहेगुरु के समक्ष सिर्फ अरदास की जाती है। खिलौना जहाज आदि चढ़ाने की कोई परंपरा नहीं है। श्री हरमंदिर साहिब और अन्य गुरुद्वारों में हवाई जहाज जैसे खिलौने चढ़ाने के चलन को रोकने के लिए सेवादारों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य लोगों को भी इस संबंधी जागरूक किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: Punjab: उत्तराखंड सीएम के पूर्व पीएस समेत छह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस, टेंडर दिलाने के नाम पर ठगे तीन करोड़
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युवाओं के विदेश जाने पर भी चिंतन
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार रघबीर सिंह से मिले थे। इस दौरान देश में पैदा हो रहे सांप्रदायिक दंगों पर चर्चा की गई। इसी बीच पंजाब से बाहर जा रहे युवाओं पर भी चिंतन किया गया। इस दौरान गुरुद्वारों में विदेश जाने व वीजा पाने के लिए भेंट किए जा रहे खिलौना जहाजों जैसा प्रचलन बंद करने पर चर्चा की गई।
श्री हरमंदिर साहिब में जहाज चढ़ाने का वीडियो वायरल
जालंधर के एक गुरुद्वारे में विदेश जाने के लिए लोग खिलौना जहाज चढ़ाते हैं। यह प्रचलन इतना अधिक बढ़ गया कि इस गुरुद्वारे को ही हवाई जहाज गुरुद्वारा कहा जाने लगा है। यह प्रचलन अब श्री हरमंदिर साहिब में भी शुरू हो चुका है। बीते दिनों श्री हरमंदिर साहिब में खिलौना जहाज चढ़ाने की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इसे लेकर सिख पंथ के अंदर काफी बहस शुरू हो गई। इस पर अकाल तख्त के जत्थेदार ने गंभीर संज्ञान लिया और इस तरह के प्रचलन रोकने के लिए एसजीपीसी के अध्यक्ष के साथ बैठक भी की।
सेवादारों-कर्मचारियों को जारी किए गए हैं निर्देश
श्री अकाल तख्त साहिब से निर्देश मिलने के बाद श्री हरमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह ने कर्मचारियों व सेवादारों को इस चलन को रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। एसजीपीसी ने भी लोगों को इस संबंध में जागृत करने के लिए अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। एसजीपीसी के कानूनी मामले में सलाहकार व पूर्व महासचिव एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका ने कहा कि सिख धर्म में सिर्फ अरदास का ही प्रचलन है। ना कि किसी तरह के खिलौने आदि, मन्नत पूरी करवाने के लिए चढ़ाने का प्रचलन है। यह सिख मर्यादा के खिलाफ है।
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श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी विदेश जाने के लिए गुरुद्वारों में खिलौना जहाज चढ़ाने का प्रचलन बंद करवाने के लिए आने वाले दिनों में सख्त आदेश जारी कर सकती है। सिख धर्म में माना जाता है कि वाहेगुरु के समक्ष सिर्फ अरदास की जाती है। खिलौना जहाज आदि चढ़ाने की कोई परंपरा नहीं है। श्री हरमंदिर साहिब और अन्य गुरुद्वारों में हवाई जहाज जैसे खिलौने चढ़ाने के चलन को रोकने के लिए सेवादारों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य लोगों को भी इस संबंधी जागरूक किया जाएगा।
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युवाओं के विदेश जाने पर भी चिंतन
एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार रघबीर सिंह से मिले थे। इस दौरान देश में पैदा हो रहे सांप्रदायिक दंगों पर चर्चा की गई। इसी बीच पंजाब से बाहर जा रहे युवाओं पर भी चिंतन किया गया। इस दौरान गुरुद्वारों में विदेश जाने व वीजा पाने के लिए भेंट किए जा रहे खिलौना जहाजों जैसा प्रचलन बंद करने पर चर्चा की गई।
श्री हरमंदिर साहिब में जहाज चढ़ाने का वीडियो वायरल
जालंधर के एक गुरुद्वारे में विदेश जाने के लिए लोग खिलौना जहाज चढ़ाते हैं। यह प्रचलन इतना अधिक बढ़ गया कि इस गुरुद्वारे को ही हवाई जहाज गुरुद्वारा कहा जाने लगा है। यह प्रचलन अब श्री हरमंदिर साहिब में भी शुरू हो चुका है। बीते दिनों श्री हरमंदिर साहिब में खिलौना जहाज चढ़ाने की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इसे लेकर सिख पंथ के अंदर काफी बहस शुरू हो गई। इस पर अकाल तख्त के जत्थेदार ने गंभीर संज्ञान लिया और इस तरह के प्रचलन रोकने के लिए एसजीपीसी के अध्यक्ष के साथ बैठक भी की।
सेवादारों-कर्मचारियों को जारी किए गए हैं निर्देश
श्री अकाल तख्त साहिब से निर्देश मिलने के बाद श्री हरमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह ने कर्मचारियों व सेवादारों को इस चलन को रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। एसजीपीसी ने भी लोगों को इस संबंध में जागृत करने के लिए अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। एसजीपीसी के कानूनी मामले में सलाहकार व पूर्व महासचिव एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका ने कहा कि सिख धर्म में सिर्फ अरदास का ही प्रचलन है। ना कि किसी तरह के खिलौने आदि, मन्नत पूरी करवाने के लिए चढ़ाने का प्रचलन है। यह सिख मर्यादा के खिलाफ है।