Haryana News: एचपीएससी के बाद पास की UPSC की परीक्षा, HCS के एक ही बैच के सात अधिकारियों ने पाई सफलता
एचआईपीए की महानिदेशक चंद्रलेखा मुखर्जी कहती हैं कि यह सभी के लिए बहुत गर्व का क्षण है। सभी ने कड़ी मेहनत की है और वे अपने सपनों को हासिल करने और देश की सेवा करने के रास्ते पर हैं।
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हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) के एक ही बैच के सात अधिकारियों ने इस वर्ष प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है। ये सभी वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ये सात अधिकारी उन 48 उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की परीक्षा 2021 में सफलता हासिल की थी। हरियाणा लोक सेवा आयोग की परीक्षा का परिणाम इसी साल फरवरी महीने में जारी किया गया था।
वर्तमान में वे गुरुग्राम में हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (एचआईपीए) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। एचआईपीए की महानिदेशक चंद्रलेखा मुखर्जी कहती हैं कि यह सभी के लिए बहुत गर्व का क्षण है। सभी ने कड़ी मेहनत की है और वे अपने सपनों को हासिल करने और देश की सेवा करने के रास्ते पर हैं।
इन सात अधिकारियों ने पास की यूपीएससी परीक्षा
अंजलि गर्ग (पंचकूला)
यूपीएससी रैंक: 79वीं
एचपीएससी रैंक: 5वीं
चिकित्सा विज्ञान में टॉप
बोलीं: एचसीएस (2021) परीक्षा का पैटर्न यूपीएससी जैसा था, इसलिए यह उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ। निस्संदेह, यूपीएससी परीक्षा एचपीएससी द्वारा ली गई परीक्षा से कहीं अधिक कठिन है।
साक्षी जांगड़ा (बहादुरगढ़ )
यूपीएससी रैंक: 220वीं
एचपीएससी रैंक: तीसरी
पिता: अशोक कुमार दिल्ली में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में सेक्शन ऑफिसर हैं।
मां: मधु बाला गृहिणी हैं।
बोलीं: सिविल सर्विसेज की परीक्षा कठिन जरूर होती है लेकिन मेहनत करके किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं।
प्रगति रानी (कुरुक्षेत्र)
यूपीएससी रैंक: 740वीं
एचपीएससी रैंक: दूसरा
पति: डॉ. अतुल वर्मा
ससुर: आरसी वर्मा, पूर्व आईएएस अधिकारी। वर्तमान में हरियाणा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के सदस्य हैं।
बोलीं: ढाई साल का बेटा है। हर समय परिवार के समर्थन के कारण मैं यूपीएससी की अंतिम सूची में जगह बना सकी।
राहुल सांगवान (भिवानी)
यूपीएससी रैंक: 508वीं
एचपीएससी रैंक: 21वीं
पिता: नीर कुमार शिक्षक हैं
मां: उर्मिला देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
बोले: यूपीएससी और एचपीएससी का पैटर्न लगभग एक जैसा है।
आरती (रेवाड़ी)
यूपीएससी रैंक: 592वीं
एचपीएससी रैंक: 25वीं
पिता: बिशंबर दयाल
मां: मुनेश यादव
बोलीं: व्यक्ति को कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए। अगर पहली बार में सफलता नहीं तो कभी न कभी सफलता मिल जाती है।
भावेश ख्यालिया (भिवानी)
यूपीएससी रैंक: 280वीं
एचपीएससी: 12वीं
मां: सुशीला ख्यालिया एक स्कूल टीचर हैं।
पिता: राजकुमार ख्यालिया, सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य।
पारिवारिक सदस्य बोले: यूपीएससी परीक्षा से पहले भावेश ने रोजाना 15-16 घंटे पढ़ाई की। अपने चाचा युधबीर सिंह ख्यालिया (पूर्व आईएएस) से प्रेरणा लेकर उन्होंने ये मुकाम पाया।
कमल चौधरी (मोहाली)
यूपीएससी रैंक: 656वीं
एचपीएससी: टॉप किया
पिता: देसराज हरियाणा परिवहन विभाग के कर्मचारी हैं।
मां: संतोष गृहिणी हैं।
बोले: एक भारतीय होने के नाते यूपीएससी में सफलता एक व्यक्ति को बहुत गर्व और खुशी देती है।