पंजाबः हाईजैक हुई इनोवा का 5 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, पठानकोट में बख्तरबंद गाड़ियां तैनात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
13 नवंबर की रात संदिग्ध लोगों द्वारा छीनी गई इनोवा और संदिग्धों का पांच दिन बाद भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। वहीं कार छीनने की घटना के बाद आतंकी जाकिर मूसा का पंजाब में दाखिल होने की इनपुट मिली और रविवार को अमृतसर में आतंकी हमला हो गया। हालांकि पुलिस ने ड्राइवर से छीने मोबाइल को घटनास्थल से पांच किमी. दूर इस्लामपुर के पास हाईवे किनारे से रिकवर कर लिया था, लेकिन सभी टोल प्लाजा की फुटेज चेक करने के लिए की गई मेहनत बेकार गई।
पठानकोट-जालंधर मार्ग पर हरसे मानसर और पठानकोट-गुरदासपुर रोड पर लदपालवां टोल प्लाजा से न तो छीनी गई गाड़ी गुजरी और न ही कोई सुराग मिल पाया। पुलिस के आला अधिकारी कार छीनने वाली घटना को पहले मामूली स्नैचिंग के तौर पर देख रहे थे, लेकिन रविवार को अमृतसर हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। जिला भर में पुलिस और अन्य सुरक्षा विभागों द्वारा कुल 41 नाके लगाए गए हैं।
पठानकोट में स्थित 12 निरंकारी भवनों के बाहर पुलिस सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। सभी निरंकारी भवन में जहां संबंधित थानों के प्रभारियों एवं डीएसपी रैंक के अफसरों ने पहुंच कर खुद सिक्योरिटी का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त मुख्य गेटों पर तैनात सेवादारों को संदिग्धों पर निगाह रखने और जांच के बाद ही भीतर जाने देने के आदेश दिए हैं।
निरंकारी भवनों के बाहर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। बैरिकेड में जांच के बाद ही वाहन चालकों और लोगों को भवन तक जाने दिया जा रहा है। इसके साथ ही शहर के इंटर स्टेट नाकों पर भी पुलिस ने सुरक्षा को बढ़ा दिया है।
बार्डर पर स्थित धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई
अमृतसर में संत निरंकारी मिशन के भवन में हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद भारत-पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर की सीमा से सटे नरोट जैमल सिंह और बमियाल क्षेत्र में स्थित धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस की ओर से धार्मिक संस्थाओं के संचालकों को अपने भवनों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने को कहा गया है। जानकारी के मुताबिक इस सीमावर्ती एरिया में संत निरंकारी मिशन सहित चार बड़े सत्संग भवन हैं। पाकिस्तान और जम्मू से सटा होने के कारण यह क्षेत्र अति संवेदनशील माना जाता है।
शहर के कई नाके आईआरबी के हवाले
पठानकोट की सुरक्षा के लिए आईआरबी की पूरी बटालियन को तैनात किया गया है, इसमें करीब 900 जवान हैं। इनमें 700 कांस्टेबल, 160 हवलदार, एएसआई, एसआई, इंस्पेक्टर, डीएसपी, एसपी, सहायक कमांडर और कमांडर को शामिल किया गया है। बटालियन का हेड ऑफिस शाहपुरकंडी में बनाया गया है। जानकारी के अनुसार बॉर्डर एरिया के थाना तारागढ़ को आईआरबी की पूरी कंपनी सौंप दी गई है, इसके अलावा कथलौर नाका, खानपुर, चक्की पुल, सिंबल चौक, गाड़ी अहाता चौक सहित करीब 10 के करीब नाकों पर इन्हें तैनात किया गया है।
शहर के अलावा बॉर्डर एरिया में नाके लगाए गए हैं। बटालियन के जवानों को पूरी तरह चौकस रखा गया है, हाई अलर्ट के कारण जवान मुस्तैद हैं।- सुनीता रानी, एसपी-कम-आईआरबी सहायक कमांडर