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धारा 17-ए ईमानदार अधिकारियों की रक्षा के लिए, भ्रष्टों की ढाल नहीं : हाईकोर्ट

Thu, 21 Nov 2024 02:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2024 02:17 AM IST
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Section 17-A to protect honest officers, not shield the corrupt: High Court, Court News, Haryana News
-भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के आधार पर एफआईआर रद्द करने से हाईकोर्ट का इन्कार
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-कुरुक्षेत्र जेल के अधीक्षक की याचिका को हाईकोर्ट ने किया सिरे से खारिज

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में धारा 17-ए (लोक सेवक पर कार्रवाई से पहले पूर्व अनुमति अनिवार्य) को आधार बनाकर एफआईआर रद्द करने की मांग वाली दलीलों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस नियम का उद्देश्य ईमानदार अधिकारियों की रक्षा करना है, न कि भ्रष्टों की ढाल बनना। हाईकोर्ट ने कुरुक्षेत्र जेल के अधीक्षक सोम नाथ जगत द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणियां कीं। जगत पर भ्रष्टाचार, जेल अधिनियम के तहत आरोप और पिछले साल नवंबर में राज्य में 20 लोगों की जान लेने वाली नकली शराब बनाने में शामिल पाए गए आरोपितों की मदद करने के लिए आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया था।


कुरुक्षेत्र जेल के अधीक्षक सोमनाथ जगत ने उस पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। याची ने कहा था कि वह लोक सेवक है और उसके खिलाफ कार्रवाई से पहले पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी जो भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत अनिवार्य थी। हाईकोर्ट ने कहा कि याची पर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और अन्य खूंखार अपराधियों से मिलने की अनुमति देने का गंभीर आरोप है। ये अपराधी नकली शराब बनाते हैं, जिससे 20 निर्दोष लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से बीमार हो गए। घटना ने मृतकों के परिवारों को तोड़ दिया, जिससे उन्हें पूरे जीवन के लिए अपूरणीय क्षति हुई। याचिकाकर्ता की भूमिका को उजागर करने के लिए हिरासत में पूछताछ करना बेहद जरूरी है। हिरासत में ही अपराध की कार्यप्रणाली, अवैध रिश्वत की वसूली, अन्य जेल कर्मचारियों के साथ-साथ हरियाणा जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के साथ उसका क्या संबंध है। हिरासत में पूछताछ के दौरान पुलिस को कुरुक्षेत्र की जेल के अंदर चल रहे पूरे रैकेट और अपराधियों और जेल अधिकारियों के बीच बातचीत के बारे में भी पता चल सकता है। यमुना नगर पुलिस द्वारा नकली शराब पीने से लोगों की मौत से संबंधित मामले में की गई जांच में जगत का नाम सामने आया था और अप्रैल में पुलिस ने उस पर एफआईआर दर्ज की थी।
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