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11.36 करोड़ की लागत से हटेगा कचरे का दूसरा पहाड़
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चंडीगढ़। डड्डूमाजरा में बने कचरे के दूसरे पहाड़ को हटाने के लिए केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को 11.36 करोड़ का बजट जारी किया है। नगर निगम ने केंद्र को 26 दिसंबर 2021 को 28.02 करोड़ का प्रस्तावित बजट मांगा था। इसकी एवज में पहली किस्त के तौर पर 11.36 करोड़ की राशि जारी की गई है। नगर निगम ने कचरे के पहाड़ को हटाने के लिए कुल 77 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाई है। इसे पूरा होने में चार साल का समय लगेगा।
गौरतलब है कि नगर निगम ने हाल ही में गारबेज प्लांट को अपग्रेड करने और उसे चलाने का 5.5 करोड़ का टेंडर निकाला है। 77 करोड़ खर्च कर आठ एकड़ भूमि से 7.66 लाख मीट्रिक टन कचरा हटाया जाएगा। नगर निगम ने केंद्र को बताया था कि जेपी समूह तय मानक के अनुसार कचरा निस्तारित नहीं कर रहा, जिससे डंपिंग ग्राउंड पर 10 मीटर ऊंचा कचरे का नया पहाड़ बन गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार सभी शहरों को ग्रांट दे रही है। इसमें कचरे को शत-प्रतिशत खत्म करने के लिए पूरी राशि केंद्र से मिलनी है।
इस समय पांच लाख मीट्रिक टन कचरे को निस्तारित करने का काम स्मार्ट सिटी की ओर से चल रहा है। इसमें 33 करोड़ से पहले से बने कचरे के पहाड़ को हटाने (प्रोसेस) का काम चल रहा है। नगर निगम के अनुसार यहां पर पांच लाख मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस करने का काम दो साल पहले शुरू हुआ था। इसमें से 60 फीसदी कचरा प्रोसेस हो चुका है, जबकि बाकी बचे 40 फीसदी कचरे को खत्म करने के लिए कंपनी को 30 मार्च 2023 तक की नई गाइड लाइंस दी गई है। बता दें कि इस समय प्लांट की मशीनरी पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। इस कारण प्रतिदिन शहर में निकलने वाला 500 टन कचरा डंपिंग ग्राउंड में ही गिर रहा है, जिससे छुटकारा मिलने में कम से पांच साल का समय लगेगा।
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गौरतलब है कि नगर निगम ने हाल ही में गारबेज प्लांट को अपग्रेड करने और उसे चलाने का 5.5 करोड़ का टेंडर निकाला है। 77 करोड़ खर्च कर आठ एकड़ भूमि से 7.66 लाख मीट्रिक टन कचरा हटाया जाएगा। नगर निगम ने केंद्र को बताया था कि जेपी समूह तय मानक के अनुसार कचरा निस्तारित नहीं कर रहा, जिससे डंपिंग ग्राउंड पर 10 मीटर ऊंचा कचरे का नया पहाड़ बन गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार सभी शहरों को ग्रांट दे रही है। इसमें कचरे को शत-प्रतिशत खत्म करने के लिए पूरी राशि केंद्र से मिलनी है।
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इस समय पांच लाख मीट्रिक टन कचरे को निस्तारित करने का काम स्मार्ट सिटी की ओर से चल रहा है। इसमें 33 करोड़ से पहले से बने कचरे के पहाड़ को हटाने (प्रोसेस) का काम चल रहा है। नगर निगम के अनुसार यहां पर पांच लाख मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस करने का काम दो साल पहले शुरू हुआ था। इसमें से 60 फीसदी कचरा प्रोसेस हो चुका है, जबकि बाकी बचे 40 फीसदी कचरे को खत्म करने के लिए कंपनी को 30 मार्च 2023 तक की नई गाइड लाइंस दी गई है। बता दें कि इस समय प्लांट की मशीनरी पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। इस कारण प्रतिदिन शहर में निकलने वाला 500 टन कचरा डंपिंग ग्राउंड में ही गिर रहा है, जिससे छुटकारा मिलने में कम से पांच साल का समय लगेगा।
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