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चंडीगढ़: दूसरे मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन, 32 करोड़ की आई है लागत
Thu, 22 Jul 2021 12:55 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 22 Jul 2021 12:55 PM IST
सार
घर-घर से कचरा उठाने वाली गाड़ियां तीन एमआरएफ पर कचरा लेकर जाएंगी। इन तीन हिस्सों को छह जोन में बांटा गया है। तीनों एमआरएफ में 150 से 200 गाड़ियां कचरा लेकर जाएंगी।
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चंडीगढ़ में दूसरे एमआरएफ का उद्घाटन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ का दूसरा मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) गुरुवार को शुरू हो गया। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने इसका उद्घाटन किया। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एमआरएफ में लगभग 150 से 200 गाड़ियां कचरा लेकर जाएंगी। इससे पहले प्रशासक ने 3 बीआरडी स्थित एमआरएफ का भी उद्घाटन किया था। अब डड्डूमाजरा स्थित एमआरएफ को जल्द तैयार करने का लक्ष्य है। निगम ने इसे अपने 100 दिन में पूरे होने वाले कार्यों में भी शामिल किया है।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि घर-घर से कचरा उठाने वाली गाड़ियां तीन एमआरएफ पर कचरा लेकर जाएंगी। इन तीन हिस्सों को छह जोन में बांटा गया है। तीनों एमआरएफ में 150 से 200 गाड़ियां कचरा लेकर जाएंगी। अभी तक यह गाड़ियां सीधे डंपिग ग्राउंड या कचरा निस्तारण प्लांट में जाती हैं। इस दौरान वहां गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है। इसके अलावा कचरे की दुर्गंध के साथ धूल भी उड़ती जाती है। एमआरएफ बनने के बाद वाहनों को पूरे शहर का चक्कर नहीं जाना पड़ेगा। इससे ईंधन भी बचेगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाए गए इस प्रोजेक्ट पर लगभग 32 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
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निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि घर-घर से कचरा उठाने वाली गाड़ियां तीन एमआरएफ पर कचरा लेकर जाएंगी। इन तीन हिस्सों को छह जोन में बांटा गया है। तीनों एमआरएफ में 150 से 200 गाड़ियां कचरा लेकर जाएंगी। अभी तक यह गाड़ियां सीधे डंपिग ग्राउंड या कचरा निस्तारण प्लांट में जाती हैं। इस दौरान वहां गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है। इसके अलावा कचरे की दुर्गंध के साथ धूल भी उड़ती जाती है। एमआरएफ बनने के बाद वाहनों को पूरे शहर का चक्कर नहीं जाना पड़ेगा। इससे ईंधन भी बचेगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाए गए इस प्रोजेक्ट पर लगभग 32 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
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