फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   scarcity of civic amenties in sector 48

सेक्टर 48 हास्पिटल में जनसुविधाओं का टोटा

Wed, 25 Sep 2019 01:57 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 01:57 AM IST
विज्ञापन
scarcity of civic amenties in sector 48
चंडीगढ़। सेक्टर 48 स्थित हास्पिटल भले ही सात महीने बाद चालू हो गया हो, मगर स्थानीय निवासी खासे नाराज दिख रहे हैं। उनका कहना है कि इस हास्पिटल को जिस कल्पना के तहत बनाया गया था, वह उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। जब हास्पिटल की नींव रखी जा रही थी, तब कहा गया था कि इसमें कई सुविधाएं होंगी, जिसका सीधा लाभ आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों को मिलेगा। इस हास्पिटल में ओपीडी, लैब और स्पेशलिस्ट डाक्टर रखने की बात कही गई थी, लेकिन जब यह चालू होता है तो सिर्फ इनडोर पेशेंट को रखा जाता है। यानी किसी को दिखाना हो तो उसे पहले की तरह जीएमसीएच 32, सेक्टर 16 और पीजीआई ही जाना होगा, जो पहले से ही ओवरलोडेड हैं। मरीजों की लंबी लाइन है। ऐसे में इस नई सुविधा का जनता को फायदा क्या हुआ।
विज्ञापन

सेक्टर 48 आरडल्ब्यूए के प्रेसिडेंट जेजे सिंह का कहना है कि यहां के लोगों को जनरल फिजीशियन, बच्चों और गाइनी की ओपीडी की जरूरत थी। इसके लिए लोगों को अभी शहर के दूसरे हास्पिटल पर निर्भर होना पड़ता है। जब इस हास्पिटल का निर्माण शुरू हुआ तो ऐसा लगा कि हम सबका सपना पूरा हो रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन व सरकार की ओर से बहुत बड़ी सौगात मिलने वाली है, लेकिन जब बिल्डिंग तैयार होती है और गुपचुप तरीके से इसकी ओपनिंग हो जाती है तो ऐसा लगता है कि यहां के लोगों के साथ बहुत बड़ी ठगी हो गई है। पूरा पैसा बर्बाद कर दिया गया है। हम इसका विरोध जताते हैं और इस बारे में जल्द ही गवर्नर से मिलेंगे। सेक्टर 49 आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट विजय बाली का कहना है कि यहां पर कम से कम मेडिकल जांच की सुविधा तो होनी चाहिए। यदि ये सब नहीं है तो यह हास्पिटल हमारे किसी काम का नहीं है।
विज्ञापन

पूर्व मेयर व इलाके के पार्षद देवेश मोदगिल का कहना है कि साल 2012 में जब इस हास्पिटल को बनाने का खाका खींचा जा रहा था तो उस दौरान 50 बेड के बनाने की बात हो रही थी। इतने बेड का यहां के लोगों का कोई फायदा नहीं होने वाला था। यह हास्पिटल सेक्टर 48, 49, 50, 51, 46, 47, 45, जगतपुरा, फैदा, रामदरबार और मोहाली के इलाके के लोगों को कवर करता। इतने लोगों के लिए 50 बेड कोई मायने नहीं रखता था। अधिकारियों को लॉजिक समझ में आया और उन्होंने 100 के बजाए 111 कर दिया। उस दौरान गाइनी, जनरल फिजीशियन और पीडियाट्रिक ओपीडी की बात हुई थी। मगर बाद में इसमें खेल कर दिया गया। फिलहाल इस हास्पिटल का इलाके के लोगों के लिए कोई फायदा नहीं हुआ। मेडिकल कालेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. चवन से 15 दिन पहले निवेदन भी किया था कि जब इसे ओपेन करें तो एक बार चरचा जरूर कर लें, मगर उन्होंने इस बात की जरूरत ही नहीं समझी। इस बारे में हम लोग जल्द गवर्नर और एडवाइजर से मुलाकात करेंगे और अपनी बात रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सेक्टर 48 हास्पिटल की बिल्डिंग का निर्माण पूरा होने के बाद यह माना जा रहा था कि इस हास्पिटल को सेक्टर 16 की तरह ही चंडीगढ़ प्रशासन संचालित करेगा। तैयारी शुरू की गई और डाक्टरों व स्टाफ की नियुक्ति के लिए पोस्टें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पास भेजा गया। मगर मंत्रालय ने नई पोस्ट की स्वीकृति देने से मना कर दिया। उसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने पीजीआई से अनुरोध किया कि वे इस हास्पिटल को संचालित करें। मगर पीजीआई ने भी मना कर दिया। उसके बाद मेडिकल कालेेज ने इसे चलाने के लिए हामी भर दी। मगर मेडिकल कालेज ने चार मेडिकल हास्पिटल स्किन, ईएनटी, मनोचिकित्सक व रेडिएशन आंकोलॉजी डिपार्टमेंट के इनडोर पेशेंट शिफ्ट कर दिए। ओपीडी नहीं शुरू की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed