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जेल में रामपाल को नहीं किसी से मिलने की इजाजत, ठिकाना ऐसा नहीं कर सकता कोई ताक-झांक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:24 PM IST
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जेल में रामपाल
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जेल में रामपाल को ऐसी जगह रखा गया है, जहां कोई झांक तक नहीं सकता। वहीं बाबा को जेल में किसी से मिलने की इजाजत नहीं है, तो अब ऐसी है उसकी दिनचर्या। हत्या के दो मामलों में अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा पाए रामपाल का ठिकाना सेंट्रल जेल नंबर-2 में बने पुराने अस्पताल की बंद बिल्डिंग की कोठरी है।
इसी कोठरी में ही उसका समय बीतता है। अधिकांश समय वही कोठरी के अंदर ही रहता है। बाहर आता भी है तो ऐसी चहारदीवारी है कि बाहर से कोई झांक भी नहीं सकता। यहीं पर वह गार्डनिंग का काम करता है। वीरवार को पहले दिन भी उसने सुबह से दोपहर तक 3-4 बार में करीब डेढ़ घंटे गार्डनिंग की।
सुरक्षा कारणों और अदालत के आदेशों के अनुरूप उसे किसी अन्य कैदी से मिलने की इजाजत भी नहीं है। हालांकि इस बिल्डिंग में बनी अन्य कोठरियों में कुछ कैदी रखे गए हैं, लेकिन इनमें केवल वही रखे गए हैं, जो या तो मामूली अपराधों में बंद हैं या फिर वे उम्र दराज हैं, जिनसे न तो रामपाल को खतरा है और न ही उनको रामपाल से। जानकारी के अनुसार, पहले दिन वीरवार को रामपाल बेचैन दिखाई दिया। कभी वह कबीर से संबंधित पुस्तकों के पन्ने पलटता दिखा तो कभी टहलता।
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इसी कोठरी में ही उसका समय बीतता है। अधिकांश समय वही कोठरी के अंदर ही रहता है। बाहर आता भी है तो ऐसी चहारदीवारी है कि बाहर से कोई झांक भी नहीं सकता। यहीं पर वह गार्डनिंग का काम करता है। वीरवार को पहले दिन भी उसने सुबह से दोपहर तक 3-4 बार में करीब डेढ़ घंटे गार्डनिंग की।
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सुरक्षा कारणों और अदालत के आदेशों के अनुरूप उसे किसी अन्य कैदी से मिलने की इजाजत भी नहीं है। हालांकि इस बिल्डिंग में बनी अन्य कोठरियों में कुछ कैदी रखे गए हैं, लेकिन इनमें केवल वही रखे गए हैं, जो या तो मामूली अपराधों में बंद हैं या फिर वे उम्र दराज हैं, जिनसे न तो रामपाल को खतरा है और न ही उनको रामपाल से। जानकारी के अनुसार, पहले दिन वीरवार को रामपाल बेचैन दिखाई दिया। कभी वह कबीर से संबंधित पुस्तकों के पन्ने पलटता दिखा तो कभी टहलता।
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पहले दिन कोई नहीं पहुंचा मिलने
rampal
दो केसों में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद जेल में पहले दिन रामपाल से मिलने कोई नहीं पहुंचा। जानकारी के अनुसार, रामपाल से मिलने के लिए जेल प्रशासन ने बुधवार और शनिवार का दिन तय किया है। ऐसे में शनिवार को उसके रिश्तेदारों के उससे मिलने पहुंचने की उम्मीद है।
पांच मिनट होती है बात
रामपाल को जेल नियमानुसार, पांच मिनट फोन पर बात करने की इजाजत है। इसके लिए उसकी तरफ से दो नंबर दिए गए हैं। रामपाल की तरफ से अपने परिवार और वकीलों के नाम मिलने वाली लिस्ट में डाले हुए हैं। परिवार में पत्नी, बेटी, पौत्र-पौत्री उससे मिलने आते हैं।
पांच मिनट होती है बात
रामपाल को जेल नियमानुसार, पांच मिनट फोन पर बात करने की इजाजत है। इसके लिए उसकी तरफ से दो नंबर दिए गए हैं। रामपाल की तरफ से अपने परिवार और वकीलों के नाम मिलने वाली लिस्ट में डाले हुए हैं। परिवार में पत्नी, बेटी, पौत्र-पौत्री उससे मिलने आते हैं।