{"_id":"5888e17b4f1c1b380fcf48f8","slug":"sant-seenchewal-will-get-padma-shri-award-dedicated-to-people","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"संत सींचेवाल को पद्मश्री, कारसेवा और संगत को समर्पित किया सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संत सींचेवाल को पद्मश्री, कारसेवा और संगत को समर्पित किया सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, कपूरथला
Updated Fri, 27 Jan 2017 10:04 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पर्यावरण के पुरोधा संत बलबीर सिंह सींचेवाल को देश के सर्वोच्च पद्मश्री अवार्ड के लिए चुना गया है। इस सम्मान से संत सीचेवाल के जल, थल और पर्यावरण के संरक्षण के लिए अब तक किए गए प्रयास को एक नई पहचान मिली है। संत सीचेवाल ने इस सर्वोच्च सम्मान को कारसेवा और संगत को समर्पित किया है।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल के पीआरओ गुरविंदर सिंह बोपाराय ने बताया कि अभी भी उन्हें भारत सरकार के मंत्रालय से फोन पर इसकी सूचना दी गई है कि संत बलबीर सिंह सींचेवाल को पर्यावरण संरक्षण के कार्यों के लिए पद्मश्री अवार्ड के नामित किया गया है।
अप्रैल में एक विशेष समारोह के दौरान महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संत बलबीर सिंह सीचेवाल को पद्मश्री अवार्ड से नवाजेंगे। संत सींचेवाल ने 17 साल से गुरु नानक देव जी की नगरी सुल्तानपुर लोधी की चरण स्पर्श काली बेईं को कारसेवा से निर्मल बनाने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संत बलबीर सिंह सीचेवाल के पीआरओ गुरविंदर सिंह बोपाराय ने बताया कि अभी भी उन्हें भारत सरकार के मंत्रालय से फोन पर इसकी सूचना दी गई है कि संत बलबीर सिंह सींचेवाल को पर्यावरण संरक्षण के कार्यों के लिए पद्मश्री अवार्ड के नामित किया गया है।
विज्ञापन
अप्रैल में एक विशेष समारोह के दौरान महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संत बलबीर सिंह सीचेवाल को पद्मश्री अवार्ड से नवाजेंगे। संत सींचेवाल ने 17 साल से गुरु नानक देव जी की नगरी सुल्तानपुर लोधी की चरण स्पर्श काली बेईं को कारसेवा से निर्मल बनाने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
काली बेईं को कारसेवा से निर्मल बनाने में जुटे
समाजसेवा की शुरुआत कपूरथला के दोनां क्षेत्र में सड़कों का निर्माण से की और उसके बाद तो देसी तकनीक से सीवरेज के पानी को संशोधित करके खेती में इस्तेमाल लाने के इनके माडल को देश की राष्ट्रीय नदी गंगा की सफाई के लिए चुना गया।
इस सीचेवाल मॉडल की कार्यशैली को देखने के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारीत, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर चलकर गांव सीचेवाल और सुल्तानपुर लोधी आए। यहां तक बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज चौहाल ने भी मुलाकात करके प्रदेश की नदियों को निर्मल बनाने के लिए इस मॉडल को लागू करने की बात कही।
धरती की गोद हरी-भरी करने के लिए संत सीचेवाल ने सूबे के विभिन्न गांवों में करीब एक लाख पौधे रोपित किए। पद्श्री अवार्ड के नामांकित होने पर संत सीचेवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए देश के इस सर्वोच्च अवार्ड को संगत को समर्पित किया। उन्होंने कहा है कि यह सम्मान संगत और कारसेवकों का है, जो निस्वार्थ भाव से काली बेईं को निर्मल बनाने के लिए सहयोग दे रहे हैं।
इस सीचेवाल मॉडल की कार्यशैली को देखने के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारीत, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर चलकर गांव सीचेवाल और सुल्तानपुर लोधी आए। यहां तक बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज चौहाल ने भी मुलाकात करके प्रदेश की नदियों को निर्मल बनाने के लिए इस मॉडल को लागू करने की बात कही।
धरती की गोद हरी-भरी करने के लिए संत सीचेवाल ने सूबे के विभिन्न गांवों में करीब एक लाख पौधे रोपित किए। पद्श्री अवार्ड के नामांकित होने पर संत सीचेवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए देश के इस सर्वोच्च अवार्ड को संगत को समर्पित किया। उन्होंने कहा है कि यह सम्मान संगत और कारसेवकों का है, जो निस्वार्थ भाव से काली बेईं को निर्मल बनाने के लिए सहयोग दे रहे हैं।