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राम रहीम के लिए हिंसा फैलाने वाले ने कहा- माफ करो, अकल पर पड़ गया था पर्दा

Tue, 05 Sep 2017 09:16 AM IST
जसवीर सिंह भट्टी/अमर उजाला, संगरूर(पंजाब)
जसवीर सिंह भट्टी/अमर उजाला, संगरूर(पंजाब) Updated Tue, 05 Sep 2017 09:16 AM IST
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Sangrur Police arrested 2 people, punjab news
Ram Rahim Verdict - फोटो : File Photo
डेरा मुखी को सजा सुनाने के बाद पंजाब में हिंसा फैलाने के लिए आठ सदस्यों की टीम बनाई गई थी जिसे ‘ए’ टीम का नाम दिया गया था। इन सदस्यों को बाकायदा एरिया दिए गए थे कि अदालत का फैसला आने के बाद किस-किस जगह को निशाना बनाना है। इस ‘ए’ टीम की पहली बैठक 17 अगस्त की देर रात को सिरसा में हुई थी, जिसमें हिंसा फैलाने की पूरी प्लानिंग तैयार की गई थी। यह खुलासा संगरूर पुलिस द्वारा पकड़े गए संगरूर ‘ए’ टीम के इंचार्ज दुनी चंद ने किया है।
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एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए शेरपुर निवासी दुनी चंद ने पुलिस पूछताछ के दौरान बताया कि डेरे के सात ब्रह्मचारी राकेश कुमार के भाई सतपाल टोनी पिछले लंबे समय से सिरसा में रहता है और डेरा मुखी का विश्वासपात्र है। उसी ने पंजाब में हिंसा फैलाने के लिए आठ सदस्यों का चुनाव किया था। इनमें दुनी चंद वासी शेरपुर, मानसा से मेजर सिंह ख्याला, बठिंडा से बलविंदर सिंह बंदी, बाघापुराना से पृथ्वी चंद, बठिंडा से गुरदेव सिंह, कोटकपूरा से महिंदरपाल सिंह, कोटभाई बठिंडा से गुरदास सिंह और गुरजीत सिंह मोगा शामिल थे। इसे ‘ए’ टीम का नाम दिया गया। इस टीम का इंचार्ज रवि कुमार निवासी मुक्तसर को लगाया गया था। टीम की मुख्य भूमिका पंजाब में हिंसा फैलाना था।
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अकल पर पड़ गया था पर्दा...

Sangrur Police arrested 2 people, punjab news
संगरूर में पुलिस द्वारा पकडे गए डेरा समर्थकों को लेजाती हुई पुलिस।
पूछताछ के दौरान दुनी चंद ने बताया कि टीम की पहली बैठक 17 अगस्त को सिरसा में रवि कुमार ने रात करीब दो बजे की थी, जो करीब तीस से चालीस मिनट तक चली थी। इसमें तय किया गया था कि यदि फैसला डेरा प्रमुख के खिलाफ आया तो सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा फैलाने के लिए कहा गया।

इन आठ सदस्यों की टीम को आगे दो टीमों में बांटा गया एक टीम जिसमें दुनी चंद, मेजर सिंह, बलजिंदर सिंह, पिरथी चंद, गुरदेव सिंह को बठिंडा, पटियाला, मानसा, बरनाला और संगरूर का इंचार्ज बनाया गया और महिंदरपाल सिंह, गुरदास सिंह, गुरजीत सिंह को बाकी पंजाब का हिस्सा दिया गया। सभी सदस्य बैठक के बाद अपने घरों को चले गए। घर पहुंचने के बाद इन सदस्यों ने फोन के जरिए और अन्य तरीकों से अपने समर्थकों से संपर्क करना शुरू कर दिया।

अकल पर पड़ गया था पर्दा
पुलिस गिरफ्त में आए दुनी चंद को अब अपने किए पर पछतावा हो रहा है। पत्रकारों के सामने हाथ जोड़कर खड़े दुनी चंद ने कहा कि वह 1994 में डेरा सिरसा के साथ जुड़ा था। उसकी श्रद्धा भावना डेरे के साथ जुड़ी हुई थी, उसे इस कदर भ्रमित किया गया कि उसकी अकल पर पर्दा पड़ गया। उसका दिमाग कुछ ऐसा हो गया था कि उसे कुछ पता ही नहीं था कि वह सही कर रहा है या गलत। जब आंखें खुली तो सिर्फ पछतावा रह गया। उसने कहा कि जिसे वह भगवान का दर्जा देकर अपना सब कुछ लुटाने के लिए तैयार रहते थे वह ऐसा निकलेगा, उसने कभी सोचा भी न था।

जिले में हिंसा फैलाने वाले 59 गिरफ्तार
एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि जिले में हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक 59 डेरा समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है और इनसे वारदात में इस्तेमाल 22 मोटरसाइकिल, तीन जीप/कार को पुलिस ने कब्जे में लिया है। हिंसा फैलाने की साजिश रचने वाले दुनी चंद से 1 लाख 70 हजार रुपये, लाल मिर्च पाउडर और डेरा से संबंधित लिटरेचर भी बरामद किया गया है।
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