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बहादुर बेटीः ससुरालियों की सोच बदलने को 'दंगल' में उतरीं दोबारा, बेटी को अभिशाप मानते थे पति

Mon, 25 Mar 2019 02:03 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमन वर्मा/भूपेंद्र आट्टा, अमर उजाला, पानीपत
अमन वर्मा/भूपेंद्र आट्टा, अमर उजाला, पानीपत Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 25 Mar 2019 02:03 PM IST
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Salute to Brave Daughter Gursharan Kaur, Who Left Dominating Husband and In-laws
गुरशरण कौर
ससुरालियों की सोच बदलने के लिए वो दोबारा से 'दंगल' उतर आई। कभी पति ने छुड़वा दिया था खेल, बेटी को मानने लगा था अभिशाप तो उसे ही छोड़ दिया। बहादुर बेटी के जज्बे को सलाम करें। पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत जालंधर निवासी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी गुरशरण कौर पानीपत में एक करोड़ी दंगल में हिस्सा लेने आईं हैं। अपने खेल से उन्होंने फाइनल में जगह बना ली है।
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अपने बारे में बताते हुए गुरशरण ने बताया कि जब मैं खेल में मुकाम बना रही थी, तभी मेरी शादी हो गई। शादी के बाद मेरा खेलना बंद करा दिया गया, क्योंकि मेरी ससुराल वालों को मेरा खेलना पसंद नहीं था।
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मैंने खेलने की कोशिश की तो मुझे प्रताड़ित किया गया। मेरी बेटी हुई तो उससे नफरत की जाने लगी। इसके बाद मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ। बेटियां किसी से कम नहीं होतीं, यह साबित करने और बेटियों को अभिशाप मानने वाले अपने ससुराल वालों की सोच को बदलने के लिए दोबारा से दंगल में उतरने का फैसला किया।
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बेटी पैदा होने पर ससुराल वाले देते थे ताने

अमर उजाला से बातचीत में गुरशरण कौर ने बताया कि ससुराल वाले पुरुष खिलाड़ी के साथ अभ्यास करने पर तरह-तरह की बातें सुनाते थे। इसके बाद मैंने कुश्ती ही छोड़ दी। सवा दो साल पहले बेटी पैदा होने पर पति सहित ससुराल के लोगों ने ताने देना शुरू कर दिया।

मुझे डाइट देनी बंद कर दी। बेटी को अभिशाप मानते थे। इसके बाद मैंने तलाक लेने का फैसला किया। पति और ससुराल को छोड़कर खेल की ओर रुख किया। बेटी के साथ मायके रहने लगी। डेढ़ साल पहले तलाक की अर्जी कोर्ट में डाली। एक साल से प्रैक्टिस करने के बाद पानीपत में आयोजित नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया। खुशी हो रही है कि मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा। बेटी को कुश्ती की खिलाड़ी बनाऊंगी।

पांच साल बाद मैट पर उतरी गुरशरण कौर
पानीपत में चल रही एक करोड़ी कुश्ती प्रतियोगिता से गुरशरण कौर ने पांच साल बाद वापसी की, लेकिन उनका हौसला युवा खिलाड़ी जैसा था। उन्होंने अपने पहले दोनों मुकाबलों में विरोधी को चित-पट से हराया। पहले मुकाबले में राजस्थान की उर्वशी को मात्र 39 सेकेंड में हरा दिया। शनिवार को उनके दो मुकाबले हुए, जिनमें पहले मुकाबले में हरियाणा की सुमन कुंडू को 41 सेकेंड में हरा दिया। दूसरे मुकाबले में दिल्ली की ज्योति को चित पट से हराकर लगातार तीसरा मुकाबला जीत लिया। चौथे मुकाबले में यूपी की रजनी को हराकर फाइनल में जगह बना ली।
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