सफीदों की बेटी मध्य प्रदेश में बनीं जज, क्षेत्र की पहली लड़की, दौड़ी खुशी की लहर
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मन में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कामयाबी जरूर कदम चूमती है। इन पंक्तियों को चरितार्थ कर दिखाया है सफीदों के वार्ड नंबर 15 की रहने वाली 26 वर्षीय मानसी बालूजा ने। मानसी ने मध्यप्रदेश में जेएमआईसी (जज) बनकर अपने सपने को साकार किया है। मानसी के जज बनने पर परिवार व सफीदों क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।
मानसी सफीदों क्षेत्र की पहली लड़की हैं, जिन्होंने न्यायिक सेवा परीक्षा पास की है। सफीदों शहर की नहर पट्टी पर स्थित एक होटल में मानसी का भव्य स्वागत किया गया। मानसी की इस सफलता पर उसके पिता कैलाश चंद्र बालूजा, माता रेनू बालूजा, मॉडल स्कूल के चेयरमैन रवि थनई व अन्य ने गर्व महसूस किया है। मानसी के पिता उद्योगपति हैं, जबकि माता गृहणी हैं। छोटा भाई अभिनव अपने पिता के व्यापार में हाथ बंटाता है।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में मानसी ने बताया कि उसने 2010 में 12वीं की परीक्षा पास करते ही जज बनने का निर्णय ले लिया था। उन्होंने 12वीं कक्षा विज्ञान संकाय से पास करने बाद केयूके में इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ से सन् 2010-15 तक बीए, एलएलबी की। उसके बाद केयूके से ही 2015-17 तक एलएलएम डिप्लोमा ऑफ लॉ किया।
मध्यप्रदेश में जज बनी मानसी ने कहा कि जज बनकर उनकी प्राथमिकता रहेगी की न्यायालयों में चल रहे तलाक, परिवार के झगड़ों के मामलों को आपसी सहमती से सुलह करवाया जाए। मनसी ने कहा कि परिवार बसना बहुत मुश्किल होता है, जबकि उसको उजाड़ना बहुत आसान है। महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों में कमी लाने के लिए अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देना जरूरी है।
हरियाणा की परीक्षा में लग गए थे स्टे, छत्तीसगढ़ में नाम वेटिंग लिस्ट में डाला
मध्यप्रदेश में जज बनी मानसी ने बताया कि उन्होंने पहले हरियाणा में न्यायिक सेवा परीक्षा दी थी लेकिन 107 परीक्षार्थियों में से छह को ही जज बनने का मौका मिला, जो बाद में स्टे भी हो गया। उसके बाद उन्होंने 2018 में पंजाब, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान व मध्य प्रदेश की न्यायिक परीक्षाएं दी। इन परीक्षाओं के लिए उन्हें सिर्फ चार घंटे ही सोने के लिए मिलता था।
अधिक पढ़ाई करने के साथ ही कोचिंग भी ली। जिसके बाद 21 अगस्त को हुई मध्य प्रदेश की परीक्षा को पास कर जज बनने का सौभाग्य मिला। सन् 2018 में छत्तीसगढ़ के लिए न्यायिक सेवा परीक्षा दी, जिसमें उसका नाम वेटिंग में डाल दिया गया था। मानसी ने बताया कि एक साल की ट्रेनिंग लेने के बाद ज्युडीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास का पद दिया जाएगा।
मानसी है किचन की शौकीन : मां
मानसी की मां रेनू बालूजा ने कहा कि मानसी किचन की शौकीन है। वह उनका पूरा साथ देती है। मानसी को पढ़ाई से साथ-साथ पूजा पाठ व सेवाभाव के कार्य करना बहुत पसंद है। जज बनी मानसी ने अपनी सफलता के पीछे अपने परिवार को बताया।