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नियम 134ए के खिलाफ केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Thu, 19 May 2016 07:40 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : demo
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हरियाणा के निजी स्कूलों में नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों को दस फीसदी सीटों पर दाखिला दिए जाने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस की याचिका पर सुनवाई करते हुए वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस महेश ग्रोवर और लीसा गिल की बेंच ने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।
याची ने कहा है कि हरियाणा सरकार नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को जबरन प्रवेश दिलाना चाहती है। इसके लिए प्रदेश सरकार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ओर से पारित आदेशों की भी अवहेलना कर रही है।
याचिका पर बहस के दौरान वीरवार को याची के वकील ने कोर्ट से कहा कि हरियाणा सरकार ने नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में 10 प्रतिशत सीटों पर और हुडा की ओर से अलाट की गई जमीन पर बने स्कूलों की 20 फीसदी सीटों पर दाखिला देने के आदेश दिए हैं।
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मामले में सरकार ने एक अन्य आदेश जारी कर अपनी ही बनाई नीति के अनुसार रिंबर्समेंट का भुगतान करने का फरमान सुनाया है। याचिका में कहा गया है कि रिंबर्समेंट के मामले में भी प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों का उल्लंघन कर अपनी नीति तैयार की है।
याची ने प्रदेश सरकार पर निजी स्कूलों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नियम 134ए के तहत जारी सरकार के सभी आदेशों पर रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही याची ने नियम 134ए पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि यह नियम आरटीई को दरकिनार कर केवल हरियाणा में लागू किया गया है।
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हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस की याचिका पर सुनवाई करते हुए वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस महेश ग्रोवर और लीसा गिल की बेंच ने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।
याची ने कहा है कि हरियाणा सरकार नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को जबरन प्रवेश दिलाना चाहती है। इसके लिए प्रदेश सरकार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ओर से पारित आदेशों की भी अवहेलना कर रही है।
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याचिका पर बहस के दौरान वीरवार को याची के वकील ने कोर्ट से कहा कि हरियाणा सरकार ने नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में 10 प्रतिशत सीटों पर और हुडा की ओर से अलाट की गई जमीन पर बने स्कूलों की 20 फीसदी सीटों पर दाखिला देने के आदेश दिए हैं।
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मामले में सरकार ने एक अन्य आदेश जारी कर अपनी ही बनाई नीति के अनुसार रिंबर्समेंट का भुगतान करने का फरमान सुनाया है। याचिका में कहा गया है कि रिंबर्समेंट के मामले में भी प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों का उल्लंघन कर अपनी नीति तैयार की है।
याची ने प्रदेश सरकार पर निजी स्कूलों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए नियम 134ए के तहत जारी सरकार के सभी आदेशों पर रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही याची ने नियम 134ए पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि यह नियम आरटीई को दरकिनार कर केवल हरियाणा में लागू किया गया है।