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उपलब्धि: पटियाला के रोहताश कनाडा बास्केटबॉल टीम में शामिल
अमित कुमार/अमर उजाला, लुधियाना।
Updated Mon, 21 Mar 2016 10:46 AM IST
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पटियाला के रोहताश कनाडा बास्केटबॉल टीम में शामिल
- फोटो : अमर उजाला
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लुधियाना बास्केटबाल अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाले 6 फुट 10 इंच के खिलाड़ी रोहताश मट्टू ने कनाडा बास्केटबॉल टीम में जगह बना ली है। रोहताश (18) ने कनाडा के मेडिसिन हट कॉलेज में तीन साल की स्कालरशिप हासिल की है। अब वह कनाडा टीम में प्रेक्टिस करेंगे और खेलेंगे। रोहताश ने दो साल लुधियाना अकादमी से कोच जयपाल से प्रशिक्षण लिया है।
कोच जयपाल ने बताया कि रोहताश पटियाला का रहने वाला है और उसकी माता वुमन पुलिस स्टेशन पटियाला में एसएचओ और पिता मानसा में एसपी है। जयपाल ने बताया कि 15 साल की उम्र में रोहताश ने लुधियाना बास्केटबॉल अकादमी से ट्रेनिंग लेनी शुरू की। रोहताश ने लुधियाना अकादमी में रहते हुए टीम को कई पदक भी दिलाए हैं। रोहताश को 2014 में केरल में हुई जूनियर नेशनल बास्केटबॉल में सोने का पदक, इंदौर में 2013 में हुई यूथ नेशनल में कांस्य पदक और 2014 में बठिंडा में हुई नेशनल बास्केटबॉल में सोने का पदक मिल चुका है।
हमेशा से दी बास्केटबॉल को पहल
रोहताश की मां बिंदू बाला ने बताया कि रोहताश को स्कूल टाइम से ही बास्केटबॉल खेलना पसंद है। वह बास्केटबॉल को ही पहल देता है। इसलिए पंजाब बास्केटबॉल अकादमी के प्रधान आरएस गिल और लुधियाना बास्केटबॉल अकादमी के तेजा सिंह धालीवाल से संपर्क कर रोहताश को ट्रेनिंग दिलवानी शुरू की। बिंदु बाला ने बताया कि वह खुद और उनके पति राकेश कुमार भी खिलाड़ी रह चुके हैं।
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एनबीए में जाना मेरा लक्ष्य
रोहताश ने बताया कि बास्केटबॉल ही मेरी जिंदगी है और अब मेरा लक्ष्य एनबीए में जाना है। बास्केटबॉल में सतनाम सिंह भुल्लर की तरह नाम कमाना चाहता है। बास्केटबॉल में वह लुधियाना अकादमी के कोच स्वर्गीय सुब्रमनियम से प्रेरित हैं।
रोहताश ने नव भारती स्कूल से ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई की है। स्कूल के डायरेक्टर चंदर मोहन हांडा ने बताया कि रोहताश पढ़ाई और खेल दोनों में हमेशा आगे रहा है।
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कोच जयपाल ने बताया कि रोहताश पटियाला का रहने वाला है और उसकी माता वुमन पुलिस स्टेशन पटियाला में एसएचओ और पिता मानसा में एसपी है। जयपाल ने बताया कि 15 साल की उम्र में रोहताश ने लुधियाना बास्केटबॉल अकादमी से ट्रेनिंग लेनी शुरू की। रोहताश ने लुधियाना अकादमी में रहते हुए टीम को कई पदक भी दिलाए हैं। रोहताश को 2014 में केरल में हुई जूनियर नेशनल बास्केटबॉल में सोने का पदक, इंदौर में 2013 में हुई यूथ नेशनल में कांस्य पदक और 2014 में बठिंडा में हुई नेशनल बास्केटबॉल में सोने का पदक मिल चुका है।
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हमेशा से दी बास्केटबॉल को पहल
रोहताश की मां बिंदू बाला ने बताया कि रोहताश को स्कूल टाइम से ही बास्केटबॉल खेलना पसंद है। वह बास्केटबॉल को ही पहल देता है। इसलिए पंजाब बास्केटबॉल अकादमी के प्रधान आरएस गिल और लुधियाना बास्केटबॉल अकादमी के तेजा सिंह धालीवाल से संपर्क कर रोहताश को ट्रेनिंग दिलवानी शुरू की। बिंदु बाला ने बताया कि वह खुद और उनके पति राकेश कुमार भी खिलाड़ी रह चुके हैं।
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एनबीए में जाना मेरा लक्ष्य
रोहताश ने बताया कि बास्केटबॉल ही मेरी जिंदगी है और अब मेरा लक्ष्य एनबीए में जाना है। बास्केटबॉल में सतनाम सिंह भुल्लर की तरह नाम कमाना चाहता है। बास्केटबॉल में वह लुधियाना अकादमी के कोच स्वर्गीय सुब्रमनियम से प्रेरित हैं।
रोहताश ने नव भारती स्कूल से ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई की है। स्कूल के डायरेक्टर चंदर मोहन हांडा ने बताया कि रोहताश पढ़ाई और खेल दोनों में हमेशा आगे रहा है।