रॉक गार्डन बनाने का सच बताया निर्माता नेकचंद ने
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कौन कहता है आसमां में सुराख हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों। लगभग 40 साल पहले ऐसा ही प्रयास किया था नेक चंद सैनी ने।
उनका यह प्रयास आज चंडीगढ़ की एक विशिष्ट पहचान बन चुका है और दुनिया इसे रॉक गार्डन के नाम से जानती है। नेक चंद वो शख्स हैं, जिन्होंने मन में एक काम करने की ठानी, तो उसे पूरा करने के लिए अपनी सारी ताकत झोक दी। श्
उनकी इच्छा शक्ति साकार हुई तो सरकार ने इसे नाम दिया रॉक गार्डन। पद्मश्री नेक चंद सैनी 15 दिसंबर को 90 साल के हो रहे हैं। यूटी प्रशासन, स्कूली बच्चों के अलावा शहरवासी भी इस खास अवसर पर उन्हें बधाई देने के लिए मौजूद रहेंगे।
सामान जुटाने साइकिल पर जाते थे नेकचंद
नेक चंद ने बताया कि नौकरी के दौरान ही उन्हें इस काम का आइडिया आया था। वे अक्सर ऐसी जगह जाते थे, जहां बेकार सामान को फेंक दिया जाता था। उसे देखकर ही उन्हें बेकार चीजों से कुछ बनाने का विचार आया और वे उसे पूरा करने में जुट गए।
शुरुआत थोड़ी कठिन थी, लेकिन एक बार काम शुरू किया, तो फिर रुके नहीं। वे साइकिल से जगह-जगह जाते और बेकार सामान जुटाते। दिन में कई-कई घंटे वे सामान ही ढोते रहते थे, लेकिन जुनून इतना था कि कभी भी थकान को अपने पर हावी नहीं होने दिया।
आज भी यहां आकर उनके मन को सुकून मिलता है। नेक चंद की बेटी और परिवार के साथ इंग्लैंड में रहते हैं। उनके 90वें बर्थ डे को खास तौर से सेलिब्रेट करने के लिए पूरा परिवार शहर में आया हुआ है।
पहले खेत ही खेत थे चंडीगढ़ में
नेक चंद के अनुसार आज से कई साल पहले चंडीगढ़ में सिर्फ खेत ही खेत थे। उस समय वे साइकिल से ही पूरे शहर का चक्कर लगा लेते थे। आज बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हो गईं हैं। बेशक यहां हरियाली कम हुई है, लेकिन फिर भी उन्हें इस शहर से बहुत लगाव है।
दोहती ने भी साझा किए अनुभव
नेक चंद की दोहती अनुपमा ने बताया कि उनके नाना जी बचपन में उन्हें यहां लेकर आते थे। यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा लगता था। वे कई साल बाद भारत आई हैं और वो भी खासकर नाना जी के बर्थ डे के लिए।
वे लंबे समय से इस दिन की तैयारी कर रही थीं। भारत आने के लिए वे बहुत बेकरार थीं। यहां आकर देखा कि पूरे शहर में उनके बर्थ डे के लिए तैयारियां चल रही हैं। ये देखकर बेहद खुशी हुई। वहीं, उनका मन ये देखकर दुखी हुआ कि कुछ लोग गार्डन में जगह-जगह गंदगी कर जाते हैं।
90 किलो का थीम केक गिफ्ट करेंगे
थीम केक बनाने में माहिर पंचकूला सेक्टर-7 स्थित बेकर्स सिंह संस के ऑनर बॉबी सिंह भी इस खास दिन को मनाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रॉक गार्डन के कारण चंडीगढ़ की आज विशेष पहचान है।
वे भी इसके निर्माता का जन्मदिन खास तहर से सेलिब्रेट करेंगे। वे नेक चंद को उनके जन्मदिन पर 90 किलो का केक गिफ्ट करेंगे। ये केक 6-7 मंजिल का होगा। ये एक थीम केक होगा। इसे रॉक गार्डन की थीम पर बनाया जाएगा। इसके लिए वे खास तौर पर इटेलियन जैली का इस्तेमाल करेंगे।
हर रोज आते हैं करीब छह हजार लोग
शायद ही ऐसा कोई पर्यटक होगा, जो चंडीगढ़ आए और रॉक गार्डन नहीं पहुंचे। हर साल यहां देश-विदेश से लाखों लोग आते हैं। रोजाना करीब छह हजार सैलानी यहां आते हैं। इनमें स्कूली बच्चों से लेकर विदेशी पर्यटक तक शामिल हैं। इसके अलावा स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।