रेवाड़ी गैंगरेप: सात दिन बाद भी दो आरोपी गिरफ्त से बाहर, उदयपुर में मिली लोकेशन
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रेवाड़ी में छात्रा के साथ गैंगरेप के दो दरिंदे घटना के सात दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। हालांकि, दोनों आरोपियों की लोकेशन मंगलवार को राजस्थान के उदयपुर में मिली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए सीआईए टीम छापामारी कर रही है। इधर, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में पुलिस के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है। वहीं, सौ से अधिक ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों को छोड़ने की मांग की। देर शाम पुलिस को 18 युवकों को छोड़ना पड़ा। इस बीच, छह दिन बाद पीड़िता की हालात में काफी सुधार है। अब वह खाना खा रही है।
बता दें कि 19 वर्षीय छात्रा से तीन युवकों ने 12 सितंबर की रात को गैंगरेप किया था। इसके बाद महिला थाने की प्रभारी ने शिकायत करने गए परिजनों को भगा दिया था और शिकायत को फाड़ दिया था। आला अधिकारी से शिकायत के बाद पुलिस ने एक दिन बाद शिकायत दर्ज की थी। इसके बाद भी आरोपी दो दिन तक गांव में घूमते रहे। दो दिन बाद एसआईटी का गठन किया गया। बीते रविवार को एसआईटी ने वारदात में शामिल फौजी पंकज, मनीष और निशु में से केवल निशु को गिरफ्तार किया।
इसके साथ ही वारदात स्थल पर छात्रा का इलाज करने वाले आरएमपी डाक्टर संजीव और जिस कोठड़े में छात्रा से हैवानियत की गई थी उसके मालिक दीनदयाल को भी गिरफ्तार किया। तीनों सोमवार से पुलिस रिमांड पर हैं, लेकिन पुलिस इनसे कुछ नहीं उगलवा पाई है। मामले के मुख्य आरोपी फौजी पंकज और मनीष अभी भी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें यूपी और राजस्थान में दबिश दे रही हैं। सीआईए राजस्थान के कोटा में तीन दिन से डेरा डाले है।
इस बीच, रेवाड़ी बार एसोसिएशन ने मामले में संलिप्त किसी भी आरोपी का केस नहीं लड़ने का फैसला लिया है। घटना के विरोध में बुधवार को कोसली बंद रहेगा। वहीं, कई सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकाल कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा ने की मांग की है। उधर, मंगलवार को पीड़ित छात्रा की सेहत में काफी सुधार दिखाई दिया। उसने न केवल खाना खाया बल्कि जूस भी पीया है। इसके बाद काउंसलर ने करीब दो घंटे तक बातचीत भी की है।
गुप्तचर विभाग का निरीक्षक भी लाइन हाजिर
इस दौरान वह सामान्य रही। पीड़िता से किसी नेता को नहीं मिलने दिया जा रहा है। मंगलवार को पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंचे पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह को बिना मिले ही लौटा दिया गया। हालांकि, दान सिंह ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है।
उधर, युवकों को कई दिनों से पुलिस हिरासत में रखने से ग्रामीण में गुस्सा है। सौ से अधिक ग्रामीणों ने पुलिस चौकी में जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने एसआईटी चीफ नाजनीन भसीन और पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा से मुलाकात करके कहा कि यदि हमारे बच्चे दोषी हैं तो उन्हें फांसी दो, नहीं तो छोड़ दो। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा। देर शाम पुलिस ने हिरासत में लिए गए 18 युवकों को छोड़ दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर अपनी नाकामी छिपाने के लिए युवकों को फंसाने और हिरासत में मारपीट का भी आरोप लगाया।
छात्रा से गैंगरेप मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गिरी गाज के बाद मंगलवार को गुप्तचर विभाग पर कार्रवाई हुई है। मामले की समय पर आला अधिकारियों को सूचना नहीं देने के आरोपों पर गुप्तचर विभाग के इंस्पेक्टर सतबीर को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
अब वह पंचकूला मुख्यालय में ड्यूटी देंगे। आरोप है कि गुप्तचर विभाग ने आला अधिकारियों को समय पर सूचना नहीं दी इस कारण मामला अधिक बढ़ गया। इस मामले में अब तक एसपी राजेश दुग्गल को हटाया जा चुका है। एक महिला सब इंस्पेक्टर और एसएमओ को भी सस्पेंड किया गया है।