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Chandigarh News: रिटायर्ड फौजी को डिजिटल अरेस्ट कर सीबीआई जांच का दिखाया डर, 30 लाख ठगे

Sat, 03 Oct 2026 02:07 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 02:07 AM IST
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Retired soldier swindled of 30 lakh after being subjected to 'digital arrest' and threatened with a CBI probe
फर्जी एसबीआई कस्टमर केयर अधिकारी बनकर किया फोन, मुंबई फ्रॉड डिपार्टमेंट से वीडियो कॉल कर खाते और एफडी की ली जानकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी।
मोहाली। फेज-3बी1 निवासी 84 वर्षीय सेवानिवृत्त फौजी को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने फर्जी बैंक अधिकारी और जांच एजेंसी का कर्मचारी बनकर 30 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। आरोपियों ने पहले क्रेडिट कार्ड से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का डर दिखाया। इसके बाद वीडियो कॉल पर खुद को ‘बॉम्बे फ्रॉड डिपार्टमेंट’ का अधिकारी बताकर पीड़ित से आधार कार्ड, बैंक खातों और एफडी की जानकारी हासिल की। इसके बाद आरबीआई के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई गई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दिए बयान में दविंदरपाल सिंह ने बताया कि वह फेज-3बी1 के निवासी हैं और सेना से सेवानिवृत्त हैं। 19 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को एसबीआई कस्टमर केयर का कर्मचारी अतुल कुमार चौधरी बताया। आरोपी ने कहा कि उनके नाम पर 21 मई को एक क्रेडिट कार्ड जारी हुआ था और उससे एक लाख रुपये निकाले गए हैं, जिसकी अदायगी नहीं हुई है। पीड़ित ने जब क्रेडिट कार्ड बनवाने से इनकार किया तो आरोपी ने कहा कि इस संबंध में ‘बॉम्बे फ्रॉड डिपार्टमेंट’ में शिकायत दर्ज करवानी होगी। इसके बाद उसकी कॉल दूसरे व्यक्ति से वीडियो कॉल पर कनेक्ट कर दी गई।
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मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी
शिकायत के मुताबिक वीडियो कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को अजय बंसल बताया। उसने पीड़ित का आधार कार्ड नंबर लेकर कहा कि एक संजीव कुमार नामक व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पकड़ा गया है और उसके पास पीड़ित का आधार नंबर मिला है। आरोपी ने दावा किया कि उस व्यक्ति ने कई लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए हैं और खाताधारकों को 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित से दोनों बैंक खातों की जानकारी, आधार कार्ड और एफडी समेत अन्य वित्तीय विवरण हासिल कर लिए। उन्होंने कहा कि खाते में मौजूद रकम की जांच की जाएगी और पैसे पहले आरबीआई को भेजे जाएंगे। जांच के बाद रकम वापस खाते में भेजने का भरोसा दिया गया।
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दो खातों से 30 लाख रुपये ट्रांसफर
आरोपियों के कहने पर पीड़ित ने 21 सितंबर को एचडीएफसी बैंक खाते से 21 लाख रुपये फेडरल बैंक के एक खाते में ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन 9 लाख रुपये एसबीआई खाते से बैंक ऑफ इंडिया के खाते में भेजे गए। आरोपियों ने इसके बाद कहा कि खाते की वेरिफिकेशन के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी और इस बारे में किसी से बात नहीं करने की हिदायत दी। इसके बाद पीड़ित को शक हुआ कि उसके साथ ठगी हो गई है। उसने 23 सितंबर को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार ठगी की कुल रकम 30 लाख रुपये है।


इन धाराओं में केस दर्ज
जांच अधिकारी गुरसिमरन वीर सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 306 और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस बैंक खातों में भेजी गई रकम, कॉल करने वाले मोबाइल नंबरों और वीडियो कॉल के जरिए जुटाई गई जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
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