चंडीगढ़: डिग्री लेकर युवा छान रहे खाक, बुजुर्गों को नौकरी का रास्ता साफ
चंडीगढ़ प्रशासन ने जेल में 95 पदों पर भर्ती के लिए अक्तूबर 2021 में विज्ञापन निकाला था, जिसमें सेवानिवृत्त लोगों से आवेदन मांगे गए थे। युवाओं को दरकिनार कर बुजुर्गों पर मेहरबानी दिखाने का यह पहला मामला नहीं है।
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युवा डिग्री लेकर नौकरी की तलाश में खाक छान रहे हैं और यहां बुजुर्गों को सेवानिवृत्ति के बाद भी नौकरी के लिए बुलाया जा रहा है। बात हो रही है सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के तहत बीते चार मार्च को जारी किए गए विज्ञापन की। इसमें युवाओं के बजाय सिर्फ सेवानिवृत्त बुजुर्गों को आवेदन का मौका दिया गया है। पहले पुनर्नियोजन के नाम पर बुजुर्गों को नौकरी देकर युवाओं का तनाव बढ़ाया जा रहा था लेकिन अब नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन में सिर्फ बुजुर्गों को उम्मीदवार बनाने से युवाओं में खासा रोष है। उनका कहना है कि युवा देश में ऐसी नीति का बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं, सेवानिवृत्त अधिकारी भी इसे गलत ठहरा रहे हैं।
कोविड काल में रोजगार देकर छीन लिया था
कोविड काल में नर्सिंग स्टाफ, ओटीए, ड्राइवर, मल्टी टास्किंग स्टाफ, स्वीपर और सुरक्षाकर्मी के रूप में तैनात किए गए युवाओं से 3 से 6 महीने तक सेवा लेने के बाद सेहत विभाग ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। तब युवाओं ने नौकरी से निकाले जाने पर विरोध प्रदर्शन भी किया था लेकिन उन्हें पुन: तैनाती देने पर विचार करने के बजाय बुजुर्गों को नौकरी देने की घोषणा की जा रही है।
क्या है मामला
सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) की तरफ से चार मार्च 2022 को एक विज्ञापन जारी किया गया है। मेडिकल ऑफिसर, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, लोअर डिवीजन क्लर्क, मल्टी टास्किंग स्टाफ, एलएमए के पदों पर तैनाती के लिए इसमें आवेदन मांगे गए हैं। विज्ञापन में यह बताया गया है कि इन पदों पर अंबाला, अमृतसर, जम्मू, जालंधर, चंडीगढ़ और श्रीनगर में वेलनेस सेंटर में तैनाती दी जाएगी।
साथ ही यह उल्लेख है कि संविदा के इन पदों के लिए सिर्फ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ही रखा जाएगा। इसके लिए राज्य, केंद्र, पीएसयू तथा स्वायत्त निकाय से सेवानिवृत्त व्यक्ति ही आवेदन कर सकता है। बता दें कि युवाओं को दरकिनार कर बुजुर्गों पर मेहरबानी दिखाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जेल विभाग की तरफ से भी ऐसा किया जा चुका है। इसमें यूटी प्रशासन की तरफ से जेल में 95 पदों पर भर्ती के लिए अक्तूबर 2021 में विज्ञापन निकाला गया था, जिसमें सेवानिवृत्त लोगों से आवेदन मांगे गए थे।
हम युवाओं के बारे में कौन सोचेगा
इस विज्ञापन से युवाओं में रोष है। उनका कहना है कि शैक्षिक योग्यता के बावजूद बहुत से युवा नौकरी के लिए खाक छान रहे हैं। हमें दरकिनार कर बुजुर्गों को नौकरी देने की बात अजीब लग रही है। हम उम्र की सीमा के विरोध में नहीं हैं लेकिन युवा देश का नागरिक होने के नाते हमारी प्राथमिकता में युवा सबसे पहले होने चाहिए। शिवम शर्मा, एमटेक के छात्र
बुजुर्गों के लिए भर्ती निकालकर युवाओं का तनाव और बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मैं बुजुर्गों के नौकरी करने के विरोध में कत्तई नहीं हूं लेकिन ऐसा करके युवाओं को खुद को साबित करने से पहले ही अयोग्य घोषित करने का काम किया जा रहा है। - तेगिंदर सिंह, छात्र, विधि
ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने चाहिए, क्योंकि नौकरी न मिलने से उनका तनाव बढ़ता जा रहा है। जहां तक बुजुर्गों की बात है तो सेवानिवृत्ति के बाद हमें समाज की बेहतरी और व्यवस्था में सहायता के उद्देश्य से कार्य करना चाहिए। - डॉ. आरके गुप्ता, पूर्व निदेशक स्वास्थ्य पंजाब