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इस कॉलोनी का मिट जाएगा नामोंनिशां!
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 19 Nov 2013 08:53 AM IST
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यूटी प्रशासन ने इस माह के अंत तक कॉलोनी नंबर पांच को खाली कराने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
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प्रशासन की ओर से कॉलोनी खाली करने के लिए दिए गए 21 दिन के नोटिस की समय सीमा मंगलवार को खत्म हो रही है।
अधिकारियों का कहना है कि 20 नवंबर के बाद किसी भी दिन अभियान चलाकर कॉलोनी को खाली कराएंगे। मंगलवार को सुबह 10 बजे उपायुक्त कार्यालय में इस संबंध में बैठक होगी।
इसमें यह तय होगा कि कॉलोनी को हटाने के लिए अभियान कब चलाना है।
उधर, प्रशासन के इस नोटिस पर राजनीति गरमाने लगी है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने इस मामले में जेल भरो आंदोलन तक की चेतावनी दे डाली है।
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कांग्रेस के कुछ नेता भी कॉलोनी निवासियों के समर्थन में उतर आए हैं और उन्होंने प्रशासन से कॉलोनी निवासियों को कुछ समय और देने की मांग की है। ध्यान रहे कि कॉलोनी नंबर पांच 60 एकड़ में फैली है।
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इस कॉलोनी में रहने वाले कई लोगों को धनास में पुनर्वास योजना के तहत बने फ्लैटों को अलॉट कर दिए गए हैं। इसके बाद भी कॉलोनी के कई लोगों ने अभी तक धनास में शिफ्ट नहीं किया है।
ऐसे में प्रशासन ने कॉलोनी वालों को 21 दिन का नोटिस दिया है। नोटिस मिलने के बाद से ही राजनीति शुरू हो गई। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने 2006 के बाद कॉलोनी में झुग्गियां बनाई थीं, उन्हें भी जगह खाली करने को कह दिया गया है।
इन लोगों को प्रशासन ने पुनर्वास योजना के तहत फ्लैट नहीं दिए हैं।
प्रशासन ने ठुकरा दिया था प्रस्ताव
पुनर्वास योजना के तहत दिए गए फ्लैटों की अलॉटमेंट लैटर में स्पष्ट था कि अलॉटियों को पोजेशन लैटर जारी होने के एक माह के अंदर शिफ्ट करना होगा।
लोगों का कहना है कि उनके बच्चे पास के सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। ऐसे में उन्हें धनास से स्कूल आने में दिक्कत आएगी। इन लोगों ने अप्रैल, 2014 में शिफ्ट करने का प्रशासन से आग्रह किया जिसे ठुकरा दिया गया है।
इस संबंध में चंडीगढ़ के उपायुक्त और संपदा अधिकारी मोहम्मद शाइन ने कहा कि 21 दिन के नोटिस की सीमा मंगलवार को खत्म हो रही है। बुधवार के बाद प्रशासन किसी भी दिन अभियान चलाकर कालोनी खाली कराएगा।
समस्याओं से जूझ रहे फ्लैटों में रहने वाले
धनास में पुनर्वास योजना के तहत बने 8448 फ्लैटों में कई लोगों ने रहना शुरू कर दिया है। लेकिन, यहां रहने वाले लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों को पूरा पानी नहीं मिल रहा है। बिजली की सप्लाई भी ठीक नहीं है। यहां रहने वाले लोगों ने कई बार इसकी शिकायत सीएचबी से की है। उनकी समस्या पर अभी तक सुनवाई नहीं हो सकी है।
एसडीएम ऑफिस में हंगामा
सेक्टर-42 स्थित एसडीएम (साउथ) कार्यालय में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की ओर से दस्तावेजों की चेकिंग के लिए कैंप लगाया गया है।
इस कैंप में उन लोगों को दस्तावेज चेक कराने के लिए बुलाया जा रहा है जिनको पुनर्वास योजना में फ्लैट अलॉट होने हैं। सोमवार को कुछ लोगों ने कैंप के दौरान हंगामा कर दिया।
उनका कहना था कि 2006 से पहले वोटर सूची में नाम होने के बाद भी इस योजना में उनका नाम शामिल नहीं है। कॉलोनी नंबर पांच निवासी अर्जुन ने कहा कि 2005 से 2008 तक उनका नाम वोटर सूची में है।
2006 में हुए बाटोमैट्रिक सर्वे में उनका नाम नहीं था। सर्वे के दिन वह शहर से बाहर था।