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अमेरिका आधारित प्रयोग के लिए पीयू में बनाया रिमोट ऑपरेशन सेंटर

Tue, 07 Jun 2022 02:06 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 02:06 AM IST
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Remote Operation Center built in PU for US based use
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के भौतिकी विज्ञान विभाग में अंतरराष्ट्रीय स्तर के अमेरिका आधारित प्रयोग के लिए रिमोट ऑपरेशन सेंटर की स्थापना की गई है। पूरे देश में पीयू को इस सेंटर के लिए चयनित किया गया है। यूएसए के फर्मिलैब के नोवा प्रोजेक्ट में भारत के लगभग 28 के करीब वैज्ञानिक और शोधार्थी काम कर रहे हैं। इस सेंटर के शुरू होने से अब डाटा लेने के लिए वैज्ञानिकों को यूएसए का दौरा नहीं करना पड़ेगा।
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भौतिकी विज्ञान विभाग के प्रोफेसर और नोवा प्रोजेक्ट के सदस्य डॉ. विपिन भटनागर ने बताया कि पीयू को इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की तरफ से 1.8 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली है। इस सेंटर से वैज्ञानिकों को नोवा डिटेक्टर सिस्टम के डाटा टेंकिंग आपरेशन की मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी और उन्हें डाटा के लिए बार-बार यूएसए जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोफेसर पहले गर्मियों या सर्दियों की छुट्टियों में समय निकालकर प्रोजेक्ट के लिए यूएसएस जाते थे, अब वे डाटा लेने के लिए पीयू का दौरा कर सकते हैं। इससे उनके समय की भी बचत होगी।
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क्या है फर्मिलैब का नोवा प्रयोग
फर्मिलैब अमेरिका की पार्टिकल फिजिक्स और एसेलेरेटर लैब है, जिसमें पार्टिकल फिजिक्स पर काम हो रहा है। फर्मिलैब का नोवा प्रयोग ब्रह्मांड के विकास में निभाई न्यूट्रिनो नामक छिपे हुए कणों की भूमिका को निर्धारित करने में मदद कर रहा है।
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देश के आठ संस्थान नोवा प्रोजेक्ट पर कर रहे हैं काम
भारत के आठ संस्थान अमेरिका के नोवा प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसमें पंजाब यूनिवर्सिटी से दो प्रोफेसर, दो पीएचडी शोधार्थी और एक पोस्ट डॉक्टरल फैलो शामिल है। वहीं अन्य संस्थानों में दिल्ली यूनिवर्सिटी, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, हैदराबाद यूनिवर्सिटी, आईआईटी हैदराबाद और गुहावटी, कोचिन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी - कोची केरल और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सांइस एजुकेशन एंड रिसर्च भुवनेश्वर शामिल हैं। इन सभी संस्थानों से नोवा प्रोजेक्ट पर लगभग 18 फैकल्टी सदस्य और 20 शोधार्थी काम कर रहे हैं।
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