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‘वगदे पाणीयां दा संगीत’ से जानें डॉली गुलेरिया के राज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 30 Jan 2014 10:43 PM IST
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पंजाब कला परिषद की ओर से वीरवार को पंजाब कला भवन-16 में पंजाबी लोक गायिका डाली गुलेरिया की जिंदगी पर आधारित किताब ‘वगदे पाणीयां दा संगीत’ विमोचन किया गया।
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विमोचन में साहित्यकार गुलजार सिंह संधू, डा. सुरजीत सिंह पातर (मुख्य मेहमान), कला परिषद की चेयरमैन हरजिंदर कौर, सेक्रेटरी जरनल प्रोफेसर निर्मल दत्त और मनमोहन सिंह दाऊं शामिल हुए।
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विमोचन में डाक्टर बलजीत सिंह ने किताब पर पर्चा पढ़। रंगकर्मी बलकार सिंह सिद्धू ने अपने विचार रखे।
डॉली ने किताब के बारे में जानकारी देने से पहले कुछ गीत गाए और फिर किताब के बारे में बताया कि यह किताब मेरे माता-पिता, सुुरिंदर कौर और जोगिंदर सिंह सोढी को समर्पित है।
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इस किताब में कुल 250 फोटो का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें मेरे माता-पिता, मेंहदी हसन, नुसरत फतेह अली खान, मोहम्मद रफी समेत और कई नामी हस्तियों की तस्वीरें शामिल हैं।
पांच साल से ज्यादा का वक्त लग गया, जब मैंने यह सोचा था कि किताब लिखूं। पहले सोचा कि इस किताब का नाम ‘यादां दी पंजेब’ रखूं, लेकिन फिर गुलजार सिंह संधू के कहने पर इसका नाम वगदे पाणीयां दा संगीत रखा, क्योंकि बहता पानी कभी मैला नहीं होता, यही बात मेरे दिल को छू गई।
विमोचन में ‘डा. सुरजीत सिंह पातर’ ने कहा की बेशक डॉली लेखक नहीं हैं, लेकिन उन्होंने किताब काफी खूबसूरती से लिखी है, मैं लेखकों के कबीले में शामिल होने पर उनका स्वागत करता हूं।