{"_id":"6049a2bc9bc93972cd163b7c","slug":"registration-fees-on-new-vehicle-doubled-in-punjab-bill-passed","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नया बोझ : पंजाब में नए वाहन खरीदने पर दोगुनी रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी, बिल पारित, बजट के दो दिन बाद लगा झटका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नया बोझ : पंजाब में नए वाहन खरीदने पर दोगुनी रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी, बिल पारित, बजट के दो दिन बाद लगा झटका
Thu, 11 Mar 2021 10:25 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 11 Mar 2021 10:25 AM IST
सार
- पंजाब विधानसभा में वाहनों और अचल संपत्ति पर टैक्स लगाने संबंधी दो बिल पारित
- नए वाहन खरीदने पर देनी होगी दोगुनी रजिस्ट्रेशन फीस, पुराने वाहनों पर भी लगेगा ग्रीन टैक्स
- सदन में सरकार को करना पड़ा विपक्ष के कड़े विरोध का सामना
विज्ञापन
पंजाब विधानसभा
- फोटो : @capt_amarinder
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब विधानसभा में सोमवार को लोकलुभावन बजट पेश करने के दो दिन बाद बुधवार को सरकार ने जनता पर टैक्स का बोझ लाद दिया। पंजाब विधानसभा में वाहनों और अचल संपत्ति पर टैक्स लगाने संबंधी दो बिल पारित किए है। इसके लागू होने के बाद नए वाहन खरीदने पर दोगुनी रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी।
पुराने वाहनों पर भी ग्रीन टैक्स लगाया जाएगा। सदन में सरकार को इसके लिए विपक्ष के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही सरकारी कामकाज में लाल फीताशाही के खिलाफ एंटी रेड टेप बिल-2021 समेत नौ अन्य बिलों को भी पारित कर दिया गया।
द पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल-2021 के जरिए विशेष बुनियादी ढांचा विकास शुल्क लगाकर प्रतिवर्ष लगभग 216 करोड़ रुपये की उगाही को हरी झंडी दे दी गई। इससे इकट्ठे होनी वाली राशि से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास की गति दी जाएगी। इसके अलावा द पंजाब मोटर व्हीकल टैक्सेशन (संशोधन) बिल-2021 के जरिए राज्य सरकार ने सूबे में दोपहिया व चौपहिया वाहन चालकों पर कई तरह के टैक्स लगाने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रदूषण रोकने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के उद्देश्य से पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुराने वाहनों पर भी ग्रीन टैक्स लगाया जाएगा। सदन में सरकार को इसके लिए विपक्ष के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही सरकारी कामकाज में लाल फीताशाही के खिलाफ एंटी रेड टेप बिल-2021 समेत नौ अन्य बिलों को भी पारित कर दिया गया।
विज्ञापन
द पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल-2021 के जरिए विशेष बुनियादी ढांचा विकास शुल्क लगाकर प्रतिवर्ष लगभग 216 करोड़ रुपये की उगाही को हरी झंडी दे दी गई। इससे इकट्ठे होनी वाली राशि से राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास की गति दी जाएगी। इसके अलावा द पंजाब मोटर व्हीकल टैक्सेशन (संशोधन) बिल-2021 के जरिए राज्य सरकार ने सूबे में दोपहिया व चौपहिया वाहन चालकों पर कई तरह के टैक्स लगाने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रदूषण रोकने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के उद्देश्य से पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाया जाएगा।
विज्ञापन
यह बिल लागू होने के बाद सभी दोपहिया और चौपहिया वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस वाहन की कुल कीमत की 20 फीसदी हो जाएगी। अभी तक दोपहिया वाहन पर यह 7 से 9 और चौपहिया वाहन पर 9 से 11 फीसदी तक है। वाहनों की दोबारा रजिस्ट्रेशन भी 35 से 95 फीसदी तक महंगी हो जाएगी। ट्रांसपोर्ट वाहनों के परमिट की फीस भी वाहन की कुल कीमत की 20 फीसदी वसूली जाएगी।
चेसी के साथ ट्रक की रजिस्ट्रेशन फीस कुल कीमत की 50 फीसदी और फुल बॉडी ट्रक की रजिस्ट्रेशन फीस 40 फीसदी हो जाएगी। स्कूली वाहनों के रजिस्ट्रेशन में भी वाहन की कीमत का 20 फीसदी देना होगा। यही दर बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉली की रजिस्ट्रेशन पर भी लागू होगी।
सरकारी कामकाज से लाल फीताशाही को खत्म करने की तैयारी :
सदन में इन दो बिलों के अलावा बुधवार को नौ अन्य बिलों को भी पारित कर दिया गया। इनमें सरकारी कामकाज से लाल फीताशाही को खत्म करने के लिए लाया गया एंटी रेड टेप बिल-2021 भी शामिल है। पारित किए गए अन्य बिलों में द शहीद भगत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी बिल-2021 और द सरकार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी बिल-2021 के जरिए राज्य में दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी मिल गई।
अन्य छह बिल में द पंजाब विलेज कामन लैंड (रेगुलेशन) संशोधन बिल-2021, द पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (संशोधन) बिल-2021, द पंजाब अपार्टमेंट ओनरशिप (संशोधन) बिल-2021, द पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट (संशोधन) बिल-2021, द पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रापर्टी रेगुलेशन (संशोधन) बिल-2021 और द पंजाब आबादी देह (रिकार्ड आफ राइट्स) बिल-2021 शामिल है।
आप के सदस्यों ने बेंचों पर चढ़कर जताया विरोध
सदन में वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने द पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल-2021 पेश किया। इस पर आप विधायक सर्वजीत कौर माणुके ने बिल की प्रति लहराते हुए स्पीकर से बोलने की अनुमति मांगी। स्पीकर ने आप सदस्यों के दिन भर के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए उन्हें बोलने की अनुमति देेने से इनकार कर दिया। इस पर माणुके और अन्य सदस्य वेल में पहुंच गए और समय दिए जाने की मांग करने लगे। इस दौरान बिल पारित करने की प्रक्रिया जारी रही तो आप के सदस्य अपने-अपने बेंचों पर खड़े हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
चेसी के साथ ट्रक की रजिस्ट्रेशन फीस कुल कीमत की 50 फीसदी और फुल बॉडी ट्रक की रजिस्ट्रेशन फीस 40 फीसदी हो जाएगी। स्कूली वाहनों के रजिस्ट्रेशन में भी वाहन की कीमत का 20 फीसदी देना होगा। यही दर बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉली की रजिस्ट्रेशन पर भी लागू होगी।
सरकारी कामकाज से लाल फीताशाही को खत्म करने की तैयारी :
सदन में इन दो बिलों के अलावा बुधवार को नौ अन्य बिलों को भी पारित कर दिया गया। इनमें सरकारी कामकाज से लाल फीताशाही को खत्म करने के लिए लाया गया एंटी रेड टेप बिल-2021 भी शामिल है। पारित किए गए अन्य बिलों में द शहीद भगत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी बिल-2021 और द सरकार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी बिल-2021 के जरिए राज्य में दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी मिल गई।
अन्य छह बिल में द पंजाब विलेज कामन लैंड (रेगुलेशन) संशोधन बिल-2021, द पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (संशोधन) बिल-2021, द पंजाब अपार्टमेंट ओनरशिप (संशोधन) बिल-2021, द पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट (संशोधन) बिल-2021, द पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रापर्टी रेगुलेशन (संशोधन) बिल-2021 और द पंजाब आबादी देह (रिकार्ड आफ राइट्स) बिल-2021 शामिल है।
आप के सदस्यों ने बेंचों पर चढ़कर जताया विरोध
सदन में वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने द पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल-2021 पेश किया। इस पर आप विधायक सर्वजीत कौर माणुके ने बिल की प्रति लहराते हुए स्पीकर से बोलने की अनुमति मांगी। स्पीकर ने आप सदस्यों के दिन भर के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए उन्हें बोलने की अनुमति देेने से इनकार कर दिया। इस पर माणुके और अन्य सदस्य वेल में पहुंच गए और समय दिए जाने की मांग करने लगे। इस दौरान बिल पारित करने की प्रक्रिया जारी रही तो आप के सदस्य अपने-अपने बेंचों पर खड़े हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।