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Hindi News ›   Chandigarh ›   Recruitment processes are not waiting list sent a notice to Haryana

भर्ती प्रक्रियाओं में प्रतीक्षा सूची न होने पर हरियाणा सरकार से जवाब तलब

Sun, 13 Nov 2016 06:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 13 Nov 2016 06:56 PM IST
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Recruitment processes are not waiting list sent a notice to Haryana
कोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान प्रतीक्षा सूची न रखने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामला पीजीटी उर्दू के मेवात और रेस्ट ऑफ हरियाणा कैडर की नियुक्ति में प्रतीक्षा सूची न होने को चुनौती देने से जुड़ा है।

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मामले में याचिका दाखिल करते हुए राजस्थान के अल्वर निवासी कसम खान ने अपने वकील एडवोकेट मोहम्मद अर्शद के माध्यम से कहा कि कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा  मेवात और रेस्ट ऑफ हरियाणा कैडर में पीजीटी शिक्षकों की भर्ती निकाली थी।
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 याची ने भी इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। याचिका में कहा गया कि दोनों कैडर अलग हैं और 5 आवेदक ऐसे हैं जिनका दोनों कैडर के लिए चुनाव हुआ है। ऐसे में एक स्थान पर तो आवेदक को चयन अस्वीकार करना ही होगा। 
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प्रतीक्षा सूची न होने के चलते यह पद खाली रह जाएगा जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। अन्य सभी स्थानों पर भर्ती में प्रतीक्षा सूची का प्रावधान रखा जाता है तो ऐसे में यहां पर भी यह प्रावधान होना चाहिए। 

हाईकोर्ट ने इसपर याची के वकील मोहम्मद अर्शद से पूछा कि क्या केवल इन्हीं नियुक्तियों में वेटिंग लिस्ट का प्रावधान नहीं है या बाकी नियुक्तियों में भी ऐसा ही होता है। इसपर याची ने कहा कि एचएसएससी ने वेटिंग लिस्ट का प्रावधान ही नहीं रखा है जिससे सबसे ज्यादा नुक्सान ऐसी भर्तियों में चयन से नाम मात्र अंकों से चूक जाने वाले आवेदकों को होता है। 

वेटिंग लिस्ट होने पर रिक्त पदों को वेटिंग में आने वाले आवेदकों से भरा जा सकता है जबकि इसके अभाव में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को विज्ञापन जारी कर पूरा करना पड़ता है। 


हाईकोर्ट ने इसपर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए प्रतीक्षा सूची न होने पर जवाब तलब किया है। साथ ही कोर्ट ने पूछा है कि क्या प्रतीक्षा सूची न होना नेचुरल जस्टिस के मार्ग में बाधक नहीं है?

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