{"_id":"581896754f1c1bc132436301","slug":"real-estate-regulatory-organized-in-chandigarh-for-capturing-of-land-or-flat","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्लैट के कब्जे के लिए कोर्ट नहीं जाना चाहते, पढ़ लिजिए ये खबर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फ्लैट के कब्जे के लिए कोर्ट नहीं जाना चाहते, पढ़ लिजिए ये खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 01 Nov 2016 06:49 PM IST
विज्ञापन
प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आपको फ्लैट या प्लॉट का कब्जा नहीं मिल रहा है और कोर्ट भी नहीं जाना चाहते तो परेशान न हों। अब यहां पर भी शिकायत कर सकते हैं। चंडीगढ़ देश का पहला ऐसा शहर बन गया है जहां पर अस्थायी तौर पर रियल एस्टेट रेगुलेटरी का गठन हो गया है जो कि अब ऐसे खरीददारो को राहत देने के लिए उनकी सुनवाई करेगी इसके साथ ही अलाटियों को आ रही समस्याओं का निपटारा भी किया जाएगा।
अभी रीयल इस्टेट रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथार्टी का अस्थायी प्रभारी सीएचबी चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस को बनाया गया है जबकि सीएचबी ने शहर में हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण करता है। अभी तक सीएचबी ने कोई भी प्रोजेक्ट समय पर नहीं बनाया है। चेयरमैन मनिदंर बैंस अप्रैल 2017 तक अथार्टी के अस्थायी प्रभारी के तौर पर काम करते रहेंगे। इस अर्थारिटी की प्रशासन द्वारा जल्द अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से सभी केद्र शासित प्रदेशों को यह एक्ट लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जब तक स्थायी तौर पर रियल एस्टेट रेगुलेटरी अर्थारिटी नहीं बन जाती तब तक सीएचबी चेयरमैन एवं हाउसिंग सचिव मनिंदर बैंस ही प्लाट और फ्लैट्स मालिक की शिकायते सुनेंगे। अधिकारियों के अनुसार स्थायी तौर पर रेगुलटरी बनने में अभी एक साल का समय लग जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभी रीयल इस्टेट रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथार्टी का अस्थायी प्रभारी सीएचबी चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस को बनाया गया है जबकि सीएचबी ने शहर में हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण करता है। अभी तक सीएचबी ने कोई भी प्रोजेक्ट समय पर नहीं बनाया है। चेयरमैन मनिदंर बैंस अप्रैल 2017 तक अथार्टी के अस्थायी प्रभारी के तौर पर काम करते रहेंगे। इस अर्थारिटी की प्रशासन द्वारा जल्द अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की ओर से सभी केद्र शासित प्रदेशों को यह एक्ट लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में जब तक स्थायी तौर पर रियल एस्टेट रेगुलेटरी अर्थारिटी नहीं बन जाती तब तक सीएचबी चेयरमैन एवं हाउसिंग सचिव मनिंदर बैंस ही प्लाट और फ्लैट्स मालिक की शिकायते सुनेंगे। अधिकारियों के अनुसार स्थायी तौर पर रेगुलटरी बनने में अभी एक साल का समय लग जाएगा।
विज्ञापन