फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Railway is not gives compensated to victims of amritsar train accident

अमृतसर रेल हादसाः रेलवे ने नहीं दिया मुआवजा, पंजाब सरकार ने भी नहीं दी नौकरी

Thu, 10 Jan 2019 09:32 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 10 Jan 2019 09:32 AM IST
विज्ञापन
Railway is not gives compensated to victims of amritsar train accident
अमृतसर रेल हादसे के पीड़ित

दशहरे पर अमृतसर के जौड़ा फाटक में हुए रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। हादसे को तीन महीने हो गए हैं। मारे गए 59 लोगों के परिजन आज भी रेल मंत्रालय की ओर से घोषित दो लाख रुपये की सहायता का इंतजार कर रहे हैं।

विज्ञापन


हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दुख है कि मंत्री नवजोत सिद्धू ने अपने हलके के पीड़ित लोगों को पांच लाख की सरकारी मदद तो दी, लेकिन उसके बाद उनकी सुध नहीं ली।
विज्ञापन


जौड़ा फाटक चौक पर एक संगठन की ओर से हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को अनाज बांटा गया। इस दौरान हादसे में मारे गए रोहित शर्मा के पिता नंद किशोर ने कहा की अभी तक सरकार ने नौकरी का वादा पूरा नहीं किया है। उनका बेटा परिवार चलाने में उनकी मदद करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


दशहरे की काली रात ने बेटे को लील लिया। उनकी बुढ़ापे की लाठी टूट गई है। नवजोत सिद्धू अपने वादे को पूरा करें। उनकी बेटी को नौकरी दिलाएं। नवजोत सिद्धू इन परिवारों से कभी भी दोबारा मिलने नहीं आए। जहां घटना हुई वह इलाका पूर्वी हलके में आता है, जहां से सिद्धू चुन कर गए हैं।

सिद्धू कपिल के शो में ठहाके लगा रहे, पीड़ित रो रहे हैं: अनिल
कार्यक्रम में आए अनिल शर्मा ने भाई सुरेश शर्मा को हादसे में खोया है। वह कहते हैं की सिद्धू कपिल शर्मा के शो में ठहाके लगा रहे हैं लेकिन जौड़ा फाटक के पीड़ित रो रहे हैं। सिद्धू को कपिल के शो में बैठा देखकर लोगों में गुस्सा बढ़ता है। आप सोच सकते हैं कि उन लोगों पर क्या बीतती है, जिनके घर उजड़े हैं। पूर्वी हलका के एमएलए सिद्धू अपने लोगों को मिलने नहीं आए, इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है।

मारे गए लोगों की संख्या अधिक, सरकार ने ब्यास में फिंकवाए कटे अंग

मौके पर मौजूद कई लोगों ने दावा किया कि मारे गए लोगों की संख्या बहुत अधिक है। सरकार ने कई कटे अंग ब्यास नदी में बहा दिए। मारे गए कई लोग मजदूर थे। कई लोगों का कहना था कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने विश्वास दिलाया है कि अगले माह नौकरी देने का काम शुरू हो जाएगा। कुछ लोग सिद्धू पर गुस्सा उतार रहे थे, कई लोग सिद्धू के बारे में कुछ बोलने से बच रहे थे। कुछ लोग हादसे के जिम्मेदार रेलवे विभाग पर कार्रवाई न करने पर नाराजगी जता रहे थे।

हेल्पिंग हेंड्स संस्था ने बांटी सामग्री 

हेल्पिंग हैंड्स संस्था ने रेल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को राशन बांटा। अकाली नेता तलबीर सिंह गिल व गुरप्रताप सिंह टिक्का ने आटा व अन्य समान पीड़ित परिवारों को दिया। गिल ने कहा कि उनकी संस्था हर छह महीने के बाद पीड़ित परिवारों को राशन बांटेगी। इस हादसे में कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं। इन परिवारों की मदद के लिए संस्था में शामिल सदस्यों ने हर संभव मदद करने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed