Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी बोले- हिंदुस्तान में 21 लोगों के पास उतना धन, जितना 70 करोड़ लोगों के पास
ईवीएम के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि ईवीएम की बात विपक्ष ने, हमने दो-तीन बार कही है और वो चर्चा चल रही है। मगर ईवीएम सिर्फ एक कारण है। आज हिंदुस्तान की सभी संस्थाएं आरएसएस और बीजेपी ने नियंत्रित कर ली हैं और हिंदुस्तान की सभी सांविधानिक संस्थाओं पर उनका दबाव है।
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हिंदुस्तान के 21 सबसे अमीर लोगों के पास उतना ही धन है जितना 70 करोड़ हिंदुस्तानियों के पास है। यह पहला आंकड़ा है। दूसरा आंकड़ा यह है कि हिंदुस्तान के सबसे अमीर एक प्रतिशत लोगों के पास हिंदुस्तान का 40 प्रतिशत धन है। ये हिंदुस्तान की असमानता है और इन चीजों के खिलाफ हमने ये यात्रा शुरू की है। अमीर और गरीबी के बीच में जो असमानताएं हैं, पिछले आठ साल में बढ़ी हैं।
ईवीएम के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि ईवीएम की बात विपक्ष ने, हमने दो-तीन बार कही है और वो चर्चा चल रही है। मगर ईवीएम सिर्फ एक कारण है। आज हिंदुस्तान की सभी संस्थाएं आरएसएस और बीजेपी ने नियंत्रित कर ली हैं और हिंदुस्तान की सभी सांविधानिक संस्थाओं पर उनका दबाव है।
प्रेस, नौकरशाही, चुनाव आयोग, न्यायतंत्र पर दबाव डालते हैं। सब पर उन्होंने कब्जा कर रखा है तो ये लड़ाई अब जो पहले राजनीतिक होती थी, वैसी लड़ाई नहीं है। अब एक पार्टी, दूसरी राजनीतिक पार्टी के बीच में लड़ाई नहीं है। अब ये लड़ाई इन संस्थाओं और विपक्ष के बीच है। इसमें एक फैक्टर ईवीएम है और बहुत सारे फैक्टर दूसरे भी हैं। हिंदुस्तान में जो लोकतांत्रिक तरीका रहा है, आज वो नहीं है। विपक्ष के लोगों पर आक्रमण हो रहा है। सीबीआई, ईडी लोकतांत्रिक ढंग से काम नहीं कर रही हैं।
मैंने तो भगवंत मान को प्यार से पंजाबी कल्चर समझाया है: राहुल
राहुल ने सीएम भगंवत मान को दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिये चलने की बात पर कहा कि जो पंजाब का इतिहास है, उसके बारे में मैंने उनको प्यार से बताया है। पंजाब को पंजाब से ही चलाया जा सकता है, ये ऐतिहासिक तथ्य है, ये कोई नई बात नहीं है। अगर पंजाब को दिल्ली से चलाया जाए तो पंजाब के लोग उसे अपनाएंगे नहीं और प्रतिक्रिया करेंगे। यह राजनीतिक बात नहीं है, यह तथ्य है।
राम मंदिर बनने के बाद वोटों के ध्रुवीकरण को मोहब्बत से रोकेंगे
एक जनवरी 2024 को श्री राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा और उसी साल चुनाव है। ऐसे में भाजपा इसके जरिये वोटों के ध्रुवीकरण करने की कोशिश करेगी तो कांग्रेस कैसे मुकाबला करेगी? इस सवाल पर राहुल ने कहा कि हम नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलते जाएंगे। बहुत सारी दुकानें खुल रही हैं तो हम ये अपना काम करते जाएंगे। वो अपना काम करेंगे। हिंदुस्तान की संस्कृति भाईचारे व मोहब्बत की है। जीत मोहब्बत की ही होगी। राहुल गांधी ने कहा कि किसानों पर लगातार आक्रमण हो रहा है। यूपीए के समय हमने सुरक्षा दी थी। कर्ज माफ किया और एमएसपी भी दी थी।
राहुल ने कहा कि भाजपा आने वाले प्रदेशों के चुनाव जीतने की बात करती है मगर देश में इकॉनोमिक डिस्ट्रेस से भाजपा को जबरदस्त चोट लगेगी। मध्यप्रदेश से मैं निकला हूं, कर्नाटक से तो साफ है कि बीजेपी के खिलाफ काफी गुस्सा है।
मीडिया ध्यान भटका रहा है
राहुल ने मीडिया पर खुलकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इसको नियंत्रित किया जाता है। मीडिया पर दवाब डाला जाता है। मैं ये भी कहता हूं कि जो आप जैसे रिपोर्टर हैं, आपकी इतनी गलती नहीं है। आप पर दबाव है, आपके जो मालिक आपको कहते हैं, वो आपको करना पड़ता है, जो आपकी भावनाएं हैं, उनको मैं समझता हूं, क्योंकि आप आकर मुझे बोलते हैं, जो आपको देश के बारे में लगता है, मैं जानता हूं।
मैं आपकी निंदा नहीं कर रहा हूं, जो मीडिया का ढांचा व व्यवस्था बन गई है, उसकी मैं निंदा कर रहा हूं। कांग्रेस की विचारधारा मीडिया की आजादी है। कांग्रेस अपना मीडिया खड़ा करना भी चाहे तो यह संभव नहीं है, क्योंकि हमारे अंदर वह क्षमता नहीं है, हमारा ढांचा उतना केंद्रित नहीं है, जितना भाजपा का है। मीडिया में नफरत फैलाई जाती है। मीडिया ध्यान भटकाने का रोल अदा कर रहा है। जैसे मैंने अपने भाषण में कहा था कि जब कोई जेबकतरा आता है तो अकेला नहीं आता है, दो-तीन लोग आते हैं। एक ध्यान को उधर लेकर जाता है और फिर जेब काटी जाती है।
मीडिया कहता है कि हिंदू-मुस्लिम, ऐश्वर्या राय, शाहरुख खान, बॉलीवुड, तेंदुलकर देखो और इधर मतलब किसान की लूट हो रही है, छोटे व्यापारी मारे जा रहे हैं, असमानता बढ़ती जा रही है।
पंजाब में बेरोजगारी दूर नहीं होगी तो नशा भी दूर नहीं होगा
पंजाब में नशे की बात पर राहुल ने कहा कि सरकार ने ड्रग्स पर काफी काम किया। पंजाब का मुख्य मुद्दा बेरोजगारी का है। जब तक हम बेरोजगारी की समस्या दूर नहीं करेंगे तो नशा दूर नहीं हो सकता।
आरएसएस पर बोले कोई हिंदू ग्रंथ नफरत नहीं सिखाता, यह आरएसएस की भाषा
मोहन भागवत के बयान 'भगवा ही हमारी पहचान है' को आप कैसे लेते हैं? पर गांधी ने कहा कि किसी भी धर्म ने ये नहीं कहा है कि भाई नफरत फैलानी है। हिंदू शांति वाला धर्म है, मोहब्बत का धर्म है, जोड़ने का धर्म है। आरएसएस जो भी रंग अपनाना चाहता है, अपना सकता हैं लेकिन जो हिंदू धर्म में लिखा है, वो नहीं करते हैं, वो कुछ और करते हैं, क्योंकि हिंदू धर्म में ये नहीं लिखा है कि लोगों को धमकाना चाहिए, डराना चाहिए, मारना चाहिए।
हम प्रदेशों के सीएम पर दवाब नहीं डालते: राहुल
महंगाई को लेकर यात्रा शुरू की थी लेकिन हिमाचल में तीन रुपये लीटर पेट्रोल और डीजल महंगा हो गया है? इस पर राहुल ने कहा कि हमारे सिस्टम में जो स्टेट होता है, जो मुख्यमंत्री होता है, उसको हम आजादी देते हैं और सामान्य तौर पर हम दबाव नहीं डालते हैं। हिमाचल में नई सरकार बनी है, थोड़ा उनको टाइम दीजिए, वह गरीबों के लिए अच्छी पॉलिसी लेकर आएंगे।
हमारी सरकार के खिलाफ माहौल था
पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू बनाम चरणजीत सिंह चन्नी देखने को मिला था, इससे बचने के लिए क्या किया जा रहा है? इस पर राहुल गांधी ने कहा कि पिछले चुनाव में सत्ता विरोधी लहर थी। सभी नेता एक साथ मिलकर चल रहे हैं।
नफरत के बाजार में सेंधमारी कामयाब हुई: राहुल
क्या 3200 किलोमीटर चलने के बाद राहुल गांधी नफरत की दीवार में सेंध लगाने में कामयाब हो पाए हैं? राहुल गांधी ने कहा कि जरूर हुए और बहुत कुछ सीखने को मिला, बहुत कुछ देखने को मिला, अभी यात्रा खत्म नहीं हुई है। मगर यात्रा तो काफी सफल रही है और मुझे ये देखकर बहुत खुशी हुई कि इस देश में लाखों-करोड़ों लोग जो बीजेपी की नफरत भरी विचारधारा है, उसको अपना नहीं रहे हैं। कांग्रेस मोहब्बत की बात करती है। यात्रा ने देश को एक और दूसरा विजन दिखा दिया है और देश ने अपना भी लिया है कि दो विजन हैं, हिंदुस्तान में। एक नफरत, अहंकार से भरा और दूसरा मोहब्बत का, इज्जत का, सम्मान का, भाईचारे का।