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राहुल गांधी बोले, किस-किस वर्कर को मिलेगा कांग्रेस का टिकट?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 18 Apr 2016 04:01 PM IST
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
- फोटो : amarujala
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के कई महीने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस बार पार्टी टिकट किसे मिलेगा? उन्होंने बताया कि टिकट सिर्फ उन्हें ही मिलेगा, जिन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया है। राहुल ने शनिवार को जीरकपुर के एक रिसॉर्ट में पंजाब के विभिन्न हिस्सों से आए करीब ढाई हजार
नेताओं-वर्करों के साथ बैठक की। आई-पैक की ओर से आयोजित पंजाब दी गल्ल - राहुल दे नाल कार्यक्रम में ज्यादातर समय उन्होंने फीडबैक लिया और वर्करों की बातें,
सुझाव सुने। साथ ही उन्हें मोटिवेट करने की कोशिश की। वर्करों ने कहा कि कांग्रेस हर बार देरी से टिकट घोषित करती है, जिससे नुकसान होता है। इस बार जल्दी टिकट
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घोषित किए जाएं। वर्करों की शिकायत थी कि उनकी सुनवाई नहीं होती, विधायक उनकी बात नहीं सुनते। उनकी शंका थी कि पार्टी ने अब तक चुनावी कैंपेन क्यों नहीं शुरू
की है। आप और अरविंद केजरीवाल के जवाब में पार्टी ने क्या योजना बनाई है। वर्करों ने नशों, किसान आत्महत्याओं, बेरोजगारी और कांग्रेसियों पर झूठे केस जैसे मुद्दे
उठाए। एक नेता ने कहा कि अनुशासन की कमी से हर हलके में 8-10 टिकट के दावेदार हैं। तो किसी ने कहा कि 2012 को अपने ही नेताओं ने पार्टी को हरा दिया।
कैंडिडेट तय करने केसिर्फ दो पैमाने होंगे :
राहुल ने कहा कि कैंडिडेट तय करने केसिर्फ दो पैमाने होंगे। जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को टिकट दिए जाएंगे। महिलाओं, युवाओं और हर वर्गों को प्रतिनिधित्व
दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि वर्कर पार्टी की रीढ़ हैं, वर्कर साथ होगा तो आसानी से जीत सकते हैं। ग्रास रूट लेवल से लेकर हेडक्वार्टर तक कांग्रेस एक ही है। गुटबाजी
न तो है और न ही होनी चाहिए। हम एक पार्टी बन कर चुनाव लड़ें तो जरूर जीतेंगे, चाहे किसी के वॉलंटियर कितने भी मजबूत क्यों न हों। वर्करों ने कहा कि पीपीसीसी
प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पिछले दिनों सभी जिलों में जाकर वर्करों की बात सुनने की कवायद शुरू की है। कांग्रेस उपाध्यक्ष भी सभी की बात सुन रहे हैं। यह अच्छी
पहल है, इसे जारी रखना चाहिए।
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नेताओं-वर्करों के साथ बैठक की। आई-पैक की ओर से आयोजित पंजाब दी गल्ल - राहुल दे नाल कार्यक्रम में ज्यादातर समय उन्होंने फीडबैक लिया और वर्करों की बातें,
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सुझाव सुने। साथ ही उन्हें मोटिवेट करने की कोशिश की। वर्करों ने कहा कि कांग्रेस हर बार देरी से टिकट घोषित करती है, जिससे नुकसान होता है। इस बार जल्दी टिकट
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घोषित किए जाएं। वर्करों की शिकायत थी कि उनकी सुनवाई नहीं होती, विधायक उनकी बात नहीं सुनते। उनकी शंका थी कि पार्टी ने अब तक चुनावी कैंपेन क्यों नहीं शुरू
की है। आप और अरविंद केजरीवाल के जवाब में पार्टी ने क्या योजना बनाई है। वर्करों ने नशों, किसान आत्महत्याओं, बेरोजगारी और कांग्रेसियों पर झूठे केस जैसे मुद्दे
उठाए। एक नेता ने कहा कि अनुशासन की कमी से हर हलके में 8-10 टिकट के दावेदार हैं। तो किसी ने कहा कि 2012 को अपने ही नेताओं ने पार्टी को हरा दिया।
कैंडिडेट तय करने केसिर्फ दो पैमाने होंगे :
राहुल ने कहा कि कैंडिडेट तय करने केसिर्फ दो पैमाने होंगे। जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेताओं को टिकट दिए जाएंगे। महिलाओं, युवाओं और हर वर्गों को प्रतिनिधित्व
दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि वर्कर पार्टी की रीढ़ हैं, वर्कर साथ होगा तो आसानी से जीत सकते हैं। ग्रास रूट लेवल से लेकर हेडक्वार्टर तक कांग्रेस एक ही है। गुटबाजी
न तो है और न ही होनी चाहिए। हम एक पार्टी बन कर चुनाव लड़ें तो जरूर जीतेंगे, चाहे किसी के वॉलंटियर कितने भी मजबूत क्यों न हों। वर्करों ने कहा कि पीपीसीसी
प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पिछले दिनों सभी जिलों में जाकर वर्करों की बात सुनने की कवायद शुरू की है। कांग्रेस उपाध्यक्ष भी सभी की बात सुन रहे हैं। यह अच्छी
पहल है, इसे जारी रखना चाहिए।
एक कॉल और राहुल तक पहुंचेगा का मामला
राहुल गांधी
- फोटो : ANI
राहुल गांधी ने कहा कि आज की बैठक में उन्हें महसूस हो रहा है कि वर्करों केे साथ उनका सीधा संवाद स्थापित हो गया है। इसे आगे बढ़ाने केलिए उन्होंने एक विशेष
मोबाइल नंबर (98789-85019) लॉन्च किया। पंजाब भर से किसी भी स्तर का कोई भी वर्कर इस मोबाइल नंबर पर कॉल कर सकता है। उसकी बात बिना किसी रुकावट
के सीधे राहुल गांधी तक पहुंचेगी।
बटाला के विधायक सेखड़ी की शिकायत :
बैठक के दौरान बटाला के कांग्रेसियों ने अपने ही विधायक अश्वनी सेखड़ी की शिकायत राहुल गांधी से की। इससे पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आई। बटाला के
पीपीसीसी मेंबर मनजीत हंसपाल ने कहा कि सेखड़ी ने नगर काउंसिल प्रधान के चुनाव में भाजपा केप्रधान को वोट दिया।
पर्ची पर जिसका नाम, उसे ही मिला बोलने का मौका :
राहुल गांधी की बैठक के लिए प्रशांत किशोर की आई-पैक की टीम नेे खास तैयारी की थी। इसके लिए खास स्टेज बनाया गया था। जिससे राहुल आसानी से अपने चारों
तरफ वर्करों को देख सकते थे। आम बैठकों में माइक को लेकर होने वाले झगड़े भी इस बार नहीं हुए। सभी डेलिगेट्स केे नामों की पर्ची एक बाउल में डाल दी गई थीं।
उसके बाद एक-एक कर पर्चियां निकाली गईं, जिनका नाम आया, उन्हें ही बोलने का मौका मिला। दिलचस्प बात थी कि जिस डेराबस्सी हलके में कार्यक्रम था, वहां के किसी
भी नेता को सवाल पूछने का मौका नहीं मिला।
मोबाइल नंबर (98789-85019) लॉन्च किया। पंजाब भर से किसी भी स्तर का कोई भी वर्कर इस मोबाइल नंबर पर कॉल कर सकता है। उसकी बात बिना किसी रुकावट
के सीधे राहुल गांधी तक पहुंचेगी।
बटाला के विधायक सेखड़ी की शिकायत :
बैठक के दौरान बटाला के कांग्रेसियों ने अपने ही विधायक अश्वनी सेखड़ी की शिकायत राहुल गांधी से की। इससे पार्टी की गुटबाजी खुलकर सामने आई। बटाला के
पीपीसीसी मेंबर मनजीत हंसपाल ने कहा कि सेखड़ी ने नगर काउंसिल प्रधान के चुनाव में भाजपा केप्रधान को वोट दिया।
पर्ची पर जिसका नाम, उसे ही मिला बोलने का मौका :
राहुल गांधी की बैठक के लिए प्रशांत किशोर की आई-पैक की टीम नेे खास तैयारी की थी। इसके लिए खास स्टेज बनाया गया था। जिससे राहुल आसानी से अपने चारों
तरफ वर्करों को देख सकते थे। आम बैठकों में माइक को लेकर होने वाले झगड़े भी इस बार नहीं हुए। सभी डेलिगेट्स केे नामों की पर्ची एक बाउल में डाल दी गई थीं।
उसके बाद एक-एक कर पर्चियां निकाली गईं, जिनका नाम आया, उन्हें ही बोलने का मौका मिला। दिलचस्प बात थी कि जिस डेराबस्सी हलके में कार्यक्रम था, वहां के किसी
भी नेता को सवाल पूछने का मौका नहीं मिला।