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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 2 महीने में ढूंढे पीयू के आर्थिक संकट का समाधान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 06 May 2017 02:20 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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पंजाब यूनिवर्सिटी के आर्थिक संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गंभीर हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने एमएचआरडी, पीयू व यूजीसी तीनों अथॉरिटी को आदेश दिए कि वे पीयू के आर्थिक संकट का स्थायी समाधान ढूंढे। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीनों अथॉरिटी को दो माह का समय दिया है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पीयू के आर्थिक संकट मामले में सुनवाई की गई। यूजीसी ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीयू को 4 मई को 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी कर दी गई है। यूजीसी की ओर से यह भी कहा गया कि बीस करोड़ की यह किस्त पीयू को जारी अतिरिक्त ग्रांट की शुरुआत मात्र है। भविष्य में भी पीयू को यूजीसी की ओर से आर्थिक मदद की जाएगी।
लेकिन पीयू अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि यूजीसी पीयू को जारी करने वाले अपने निर्धारित बजट की सीमा बढ़ाएं। क्योंकि इतनी राशि से पीयू के घाटा पूरा नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिए कि वह पीयू के संकट पर एक स्थायी समाधान की जरूरत है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए कि एमएचआरडी, पीयू और यूजीसी तीनों इस संकट का स्थायी समाधान तलाशें और चार जुलाई को इस स्थायी समाधान की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करें। ताकि पीयू के लिए स्थायी राहत का इंतजाम किया जाए। इस मसले पर पीयू के वीसी अरुण कुमार ग्रोवर ने कहा कि पीयू संकट पर स्थायी समाधान की मांग तो पीयू अथारिटी पहले से ही करती आ रही थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए लंबा समय दिया है। एमएचआरडी और यूजीसी इसका स्थायी समाधान ढूंढे। ताकि पीयू के वजूद पर मंडराया खतरा खत्म हो सके।
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शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पीयू के आर्थिक संकट मामले में सुनवाई की गई। यूजीसी ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीयू को 4 मई को 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी कर दी गई है। यूजीसी की ओर से यह भी कहा गया कि बीस करोड़ की यह किस्त पीयू को जारी अतिरिक्त ग्रांट की शुरुआत मात्र है। भविष्य में भी पीयू को यूजीसी की ओर से आर्थिक मदद की जाएगी।
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लेकिन पीयू अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि यूजीसी पीयू को जारी करने वाले अपने निर्धारित बजट की सीमा बढ़ाएं। क्योंकि इतनी राशि से पीयू के घाटा पूरा नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिए कि वह पीयू के संकट पर एक स्थायी समाधान की जरूरत है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए कि एमएचआरडी, पीयू और यूजीसी तीनों इस संकट का स्थायी समाधान तलाशें और चार जुलाई को इस स्थायी समाधान की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करें। ताकि पीयू के लिए स्थायी राहत का इंतजाम किया जाए। इस मसले पर पीयू के वीसी अरुण कुमार ग्रोवर ने कहा कि पीयू संकट पर स्थायी समाधान की मांग तो पीयू अथारिटी पहले से ही करती आ रही थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए लंबा समय दिया है। एमएचआरडी और यूजीसी इसका स्थायी समाधान ढूंढे। ताकि पीयू के वजूद पर मंडराया खतरा खत्म हो सके।
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बजट के मामले में जारी है पंजाब की बेरूखी
Panjab University
- फोटो : amar ujala
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से यूजीसी ने अंतत: पीयू को अतिरिक्त ग्रांट के रूप में बीस करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। हालांकि यूजीसी द्वारा जारी की गई इस राशि को पीयू अथॉरिटी अपर्याप्त बता रही है, वहीं अब पीयू की निगाहे पंजाब पर गड़ गई है। क्योंकि पंजाब सरकार ने दावा किया था यूजीसी से अतिरिक्त ग्रांट जारी होने केबाद ही पंजाब सरकार अपना हिस्सा पीयू को देगी।
बजट के मामले में जारी है पंजाब की बेरूखी
पंजाब ने पीयू को जारी किए जाने वाला अपना निर्धारित बजट पिछले कुछ सालों से फ्रीज कर रखा है। जिस वजह से पीयू के आर्थिक हालात बिगड़ते चले गए। पिछले दिनों तो पंजाब के अतिरिक्त फाइनेंस सचिव ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर भविष्य में पीयू को आर्थिक मदद देने में असमर्थता जता दी थी। उनका कहना था कि पंजाब की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है, इसलिए पंजाब की ओर से पीयू को जारी निर्धारित ग्रांट केंद्र सरकार ही वहन कर ले।
इसके बाद पंजाब सरकार पर जब लगातार दबाव बना, तो पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने वीसी से मुलाकात करने के बाद ये आश्वासन देते हुए कहा था कि पंजाब यूनिवर्सिटी तो पंजाब की शान है, इसलिए पंजाब पीयू को आर्थिक ग्रांट जरूर देगा, बशर्ते पीयू पहले यूजीसी से अतिरिक्त फंड ले आए।
बजट के मामले में जारी है पंजाब की बेरूखी
पंजाब ने पीयू को जारी किए जाने वाला अपना निर्धारित बजट पिछले कुछ सालों से फ्रीज कर रखा है। जिस वजह से पीयू के आर्थिक हालात बिगड़ते चले गए। पिछले दिनों तो पंजाब के अतिरिक्त फाइनेंस सचिव ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर भविष्य में पीयू को आर्थिक मदद देने में असमर्थता जता दी थी। उनका कहना था कि पंजाब की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है, इसलिए पंजाब की ओर से पीयू को जारी निर्धारित ग्रांट केंद्र सरकार ही वहन कर ले।
इसके बाद पंजाब सरकार पर जब लगातार दबाव बना, तो पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने वीसी से मुलाकात करने के बाद ये आश्वासन देते हुए कहा था कि पंजाब यूनिवर्सिटी तो पंजाब की शान है, इसलिए पंजाब पीयू को आर्थिक ग्रांट जरूर देगा, बशर्ते पीयू पहले यूजीसी से अतिरिक्त फंड ले आए।