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एमफिल में दाखिले अगले साल से नहीं होंगे
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में अगले साल से एमफिल में दाखिले बंद हो जाएंगे। इसकी जगह चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम ले लेंगे। उसके बाद परास्नातक कर विद्यार्थी सीधे पीएचडी कर सकेंगे। पीएचडी के लिए एमफिल की आवश्यकता नहीं होगी।
एमफिल पाठ्यक्रम काफी साल से चल रहा है। यह परास्नातक के बाद करवाया जाता है। यह पाठ्यक्रम करने के बाद व्यक्ति पीएचडी में दाखिल हो जाता है। स्नातक से लेकर एमफिल पास करने में सात साल लग जाते हैं। समय अधिक लगने व कुछ अन्य कारणों के चलते राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एमफिल को बंद करने का प्रावधान कर दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि पीयू नीति को इसी साल अपना लेगी और उसके बाद एमफिल में नए दाखिले नहीं हो सकेंगे। एमफिल की जगह विद्यार्थी चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम करेंगे। उसके बाद दो वर्षीय परास्नातक कोर्स करेंगे। परास्नातक के दूसरे वर्ष में पूरा काम शोध से जुड़ा रहेगा। ऐसे में यह विद्यार्थी सीधे पीएचडी में दाखिला ले सकेंगे। एक साल की बचत होगी। शोध का पूरा ज्ञान परास्नातक के दूसरे वर्ष में हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पीयू को विद्यार्थियों के लिए चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए सिलेबस आदि में भी बदलाव करना होगा ताकि वह और मजबूत हो सके।
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एमफिल पाठ्यक्रम काफी साल से चल रहा है। यह परास्नातक के बाद करवाया जाता है। यह पाठ्यक्रम करने के बाद व्यक्ति पीएचडी में दाखिल हो जाता है। स्नातक से लेकर एमफिल पास करने में सात साल लग जाते हैं। समय अधिक लगने व कुछ अन्य कारणों के चलते राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एमफिल को बंद करने का प्रावधान कर दिया गया है।
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सूत्रों का कहना है कि पीयू नीति को इसी साल अपना लेगी और उसके बाद एमफिल में नए दाखिले नहीं हो सकेंगे। एमफिल की जगह विद्यार्थी चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम करेंगे। उसके बाद दो वर्षीय परास्नातक कोर्स करेंगे। परास्नातक के दूसरे वर्ष में पूरा काम शोध से जुड़ा रहेगा। ऐसे में यह विद्यार्थी सीधे पीएचडी में दाखिला ले सकेंगे। एक साल की बचत होगी। शोध का पूरा ज्ञान परास्नातक के दूसरे वर्ष में हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि पीयू को विद्यार्थियों के लिए चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए सिलेबस आदि में भी बदलाव करना होगा ताकि वह और मजबूत हो सके।
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