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भाजपा में गुटबंदी का धार्मिक कार्यक्रम में तमाशा, बीच में रोकना पड़ा भाषण
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Mon, 31 Oct 2016 08:05 PM IST
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भाजपा में गुटबंदी का धार्मिक कार्यक्रम में तमाशा
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब में भाजपा में सत्ता परिवर्तन के बाद कमल शर्मा गुट और सांपला गुट में गुटबंदी अब धार्मिक कार्यक्रमों में नजर आने लगी है। बाबा विश्वकर्मा दिवस के धार्मिक समारोह में सोमवार को सांपला-कमल शर्मा गुटबाजी का जमकर तमाशा बना। यहां तक कि सांपला के खासमखास नेता शीतल अंगुराल ने धार्मिक स्टेज से मंत्री भगत चुन्नी लाल के बेटे का माइक छीन लिया। उनका भाषण रुकवाकर उनको वहां से जाने को मजबूर कर दिया।
दरअसल भगत चुन्नी लाल और उनका बेटा मोहिंदर भगत पूर्व प्रधान कमल शर्मा गुट के हैं। सांपला के भाजपा प्रधान काबिज होने के बाद यह गुट पूरी तरह से हाशिये पर चला गया है। सोमवार को मोहिंदर भगत विश्वकर्मा दिवस पूजन समारोह में भाषण में दे रहे थे कि उन्होंने विकास की बात शुरू कर सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत भाटिया की तारीफ करनी शुरू कर दी।
इलाके के कांग्रेस पार्षद सुशील रिंकू की तारीफ भी की कि वह जब भी उनके पास विकास की बात लेकर आए उसको पूरा किया गया। इस बात से आहत शीतल अंगुराल ने माइक छीन लिया कि यह धार्मिक स्टेज है, यहां पर राजनीति की बात न करें। साथ ही शीतल ने कहा कि यह वार्ड तो उनका है, यहां पर बाकी नेताओं का नाम लेकर तारीफें क्यों कर रहे हो? मंत्री के बेटे का भाषण रुकवा दिया गया। धार्मिक समारोह भाजपा की गुटबंदी का अखाड़ा बन गया। इसके बाद कई लोग मोहिंदर भगत के साथ बहसबाजी करने लगे। मौके पर पूर्व मेयर और कांग्रेस से टिकट के दावेदार सुरिंदर महे खड़े थे, जिन्होंने भाजपाइयों को शांत किया। इसके बाद मंत्री पुत्र मोहिंदर भगत वहां से निकल गए।
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शीतल अंगुराल ने कहा कि मंत्री पुत्र मोहिंदर भगत उनके वार्ड में आकर राजनीति कर रहे हैं। शीतल का कहना है कि वह विधानसभा सीट से दावेदार हैं और यह बात मंत्री पुत्र को खल रही है। शीतल सांपला के खासमखास नेताओं से हैं, जबकि भगत चुन्नी लाल व उनका बेटा मोहिंदर भगत कमल शर्मा के करीबियों से हैं और उनकी गिनती सांपला विरोधियों में होती है।
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दरअसल भगत चुन्नी लाल और उनका बेटा मोहिंदर भगत पूर्व प्रधान कमल शर्मा गुट के हैं। सांपला के भाजपा प्रधान काबिज होने के बाद यह गुट पूरी तरह से हाशिये पर चला गया है। सोमवार को मोहिंदर भगत विश्वकर्मा दिवस पूजन समारोह में भाषण में दे रहे थे कि उन्होंने विकास की बात शुरू कर सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत भाटिया की तारीफ करनी शुरू कर दी।
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इलाके के कांग्रेस पार्षद सुशील रिंकू की तारीफ भी की कि वह जब भी उनके पास विकास की बात लेकर आए उसको पूरा किया गया। इस बात से आहत शीतल अंगुराल ने माइक छीन लिया कि यह धार्मिक स्टेज है, यहां पर राजनीति की बात न करें। साथ ही शीतल ने कहा कि यह वार्ड तो उनका है, यहां पर बाकी नेताओं का नाम लेकर तारीफें क्यों कर रहे हो? मंत्री के बेटे का भाषण रुकवा दिया गया। धार्मिक समारोह भाजपा की गुटबंदी का अखाड़ा बन गया। इसके बाद कई लोग मोहिंदर भगत के साथ बहसबाजी करने लगे। मौके पर पूर्व मेयर और कांग्रेस से टिकट के दावेदार सुरिंदर महे खड़े थे, जिन्होंने भाजपाइयों को शांत किया। इसके बाद मंत्री पुत्र मोहिंदर भगत वहां से निकल गए।
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शीतल अंगुराल ने कहा कि मंत्री पुत्र मोहिंदर भगत उनके वार्ड में आकर राजनीति कर रहे हैं। शीतल का कहना है कि वह विधानसभा सीट से दावेदार हैं और यह बात मंत्री पुत्र को खल रही है। शीतल सांपला के खासमखास नेताओं से हैं, जबकि भगत चुन्नी लाल व उनका बेटा मोहिंदर भगत कमल शर्मा के करीबियों से हैं और उनकी गिनती सांपला विरोधियों में होती है।