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पंजाब पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, चार प्रदेशों से सात बदमाश गिरफ्तार, मोस्ट वांटेड हैं तीन

Mon, 02 Mar 2020 10:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 02 Mar 2020 10:52 PM IST
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Punjab Police: 7 criminals including 3 most wanted gangsters have been arrested
प्रेसवार्ता करते हुए पंजाब के डीजीपी। - फोटो : ANI

आपराधिक गिरोहों और गैंगस्टरों के विरुद्ध कार्रवाई को जारी रखते हुए पंजाब पुलिस ने अमृतसर (ग्रामीण) के गांव उमरपुरा के पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह के कत्ल जैसे कुछ बड़े मामलों को सुलझाने का दावा किया है। इसके लिए राज्य पुलिस की टीमें चार राज्यों में दो महीने से अधिक समय और 1500 किलोमीटर तक अपराधियों का पीछा करने के बाद तीन मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों समेत सात को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

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डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सोमवार को बताया कि योजनाबद्ध ढंग से की गई खुफिया नेतृत्व वाली मुहिम में पंजाब के अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान भी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस द्वारा राजस्थान पुलिस को दी गई सूचना के आधार पर तीनों गैंगस्टरों को राजस्थान के सोजत जिला पाली से गिरफ्तार किया गया। 
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ये सभी बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहे थे और अलग-अलग नकली पहचान बनाकर रह रहे थे। डीजीपी ने कहा कि अर्मीनिया से गैंगस्टर बुढ्ढा समेत इन गिरफ्तारियों ने साबित किया है कि पंजाब पुलिस और ओसीसीयू के सख्त और निरंतर दबाव के कारण बड़ी संख्या में गैंगस्टर और अपराधी पंजाब से बाहर और विदेश भाग रहे हैं।
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गिरफ्तार आरोपियो की पहचान वांछित हरमन भुल्लर निवासी उमरपुरा अमृतसर (ग्रामीण), बलराज सिंह उर्फ बुरी बसंतकोटीया निवासी बसंतकोट, गुरदासपुर और हरविन्दर संधू निवासी पंडोरी वड़ैच अमृतसर (ग्रामीण) के तौर पर हुई है। यह सभी अपराधी गैंगस्टर पवित्तर सिंह द्वारा चलाए जा रहे  गिरोह के सदस्य थे।

हथियार और फर्जी आधार कार्ड मिले

पुलिस ने एक 30 बोर और दो 32 बोर का पिस्तौल, एक स्परिंगफील्ड राइफल, 18 कारतूस, 40 जिदा कारतूसों समेत 12 बोर गन, दो .315 बोर पिस्तौल, 2 कारों (एक आई-20 और एक स्विफ्ट) और 3 नकली आधार कार्ड जब्त किया है। डीजीपी ने बताया कि पवित्तर सिंह पुत्र सिकन्दर सिंह निवासी चौड़े थाना घूमान जिला गुरदासपुर, चौड़ा मधरा गिरोह का नेतृत्व कर रहा है। 

पवित्तर सिंह के इस समय अमेरिका में होने का शक है। हुसनदीप उर्फ हुसना पुत्र हरविन्दर सिंह निवासी शाहबाद थाना रंधार नंगल पवित्तर सिंह का साथी है और जानकारी के अनुसार वह भी यूएसए में रह रहा है। उन्होंने आगे बताया कि यह पूरा गिरोह दुराचार, कत्ल की कोशिश, कत्ल, दंगों आदि के कई मामलों में शामिल है। 

हरमन भुल्लर, बलराज सिंह उर्फ बुरी और हरविन्दर संधू ने क्रमश: मंगल सिंह, राम देव और मोहिन्दर सिंह के नाम पर नकली आधार कार्ड बनवाए थे। हरमन भुल्लर ने हरमन सिंह के नाम पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय अंबाला (हरियाणा) से पासपोर्ट बनवाया। इस पर कुरूक्षेत्र के पेहोवा का नकली पता है।

हरमन भुल्लर गैंग ने की पूर्व सरपंच की हत्या
उमरपुरा के 55 वर्षीय पूर्व सरपंच गुरदीप सिंह को हरमन भुल्लर के नेतृत्व वाले हथियारबंद हमलावरों के एक ग्रुप ने उस समय गोली मार दी थी, जब वह 1 जनवरी, 2020 को गांव के गुरुद्वारे से घर लौट रहे थे। पवित्तर गैंग के सदस्य हरविन्दर संधू ने अपनी निजी दुश्मनी के कारण गांव पंडोरी वड़ैच अमृतसर (ग्रामीण) के 26 वर्षीय मनदीप सिंह की हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी। 

डीजीपी ने बताया कि इन दोनों कत्लों के अलावा, यह अमृतसर (ग्रामीण) के गांव जिजयानी में हाल ही में हत्या की ताजा कोशिशों में भी वांछित थे। कई महीनों से भगौड़े इन आरोपियों ने सोशल मीडिया पर इन मामलों में शामिल होने की पुष्टि की थी। डीजीपी के अनुसार, हरमन भुल्लर 8 आपराधिक मामलों में शामिल था जबकि बलराज सिंह उर्फ बुरी बसंतकोटिया 10 मामलों में और हरविन्दर संधू 3 फौजदारी मामलों में वांछित था। इनमें से बहुत से गंभीर अपराधों जैसे कत्ल, कत्ल की कोशिश, अगवा, दंगा, आर्म्स एक्ट आदि से संबंधित हैं।

रुद्रपुर से राजस्थान तक 1500 किमी किया पीछा
दिनकर गुप्ता ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने की कार्रवाई 28 जनवरी को अमृतसर-चंडीगढ़ से शुरू हुई थी। 1 मार्च को मुकम्मल हुई। इस दौरान चार राज्यों की पुलिस के बीच अंतरराज्यीय तालमेल और सहयोग से यह संभव हो सका। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस के एक कांस्टेबल नसीर मुहम्मद का विशेष जिक्र किया, जिसने ऑपरेशन के दौरान रुद्रपुर से राजस्थान तक सभी रास्ते छान मारे। 

डीजीपी ने कहा कि उत्तराखंड के रुद्रपुर से ऑपरेशन शुरू करने से पहले डीजीपी उत्तराखंड को निजी तौर पर भरोसे में लिया था। बाद में यूपी पुलिस और राजस्थान पुलिस के सीनियर अधिकारियों को भी शामिल किया गया। इन सभी टीमों ने पहले उत्तराखंड के रुद्रपुर से अपराधियों का पीछा करना शुरू कर दिया। ये सभी एक आई-20 कार (यूके 04 टी 9229) से अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों, टोल-प्लाजा, छोटे गांव की सड़कों से गुजरते हुए जा रहे थे।

चंडीगढ़ से पकड़ा गया हैरी बाजवा

डीजीपी ने बताया कि रणबीर सिंह उर्फ लक्की निवासी गांव तीडा थाना मुल्लांपुर मोहाली जिसने गत 23 फरवरी को खुद को देसी हथियार से गोली मार ली थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उसे यह हथियार हरमन भुल्लर और सेक्टर-40 चंडीगढ़ निवासी उसके साथी हैरी बाजवा ने मुहैया करवाए थे। 

हैरी बाजवा दो महीनों से सेक्टर-40 चंडीगढ़ में अपराधियों को रहने योग्य सुरक्षित स्थान मुहैया करवा रहा था। हैरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद सोमवार सुबह उत्तराखंड से उनके दो साथी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र अवतार सिंह निवासी तारापुर जिला मेरठ यूपी और गुरविन्दर सिंह उर्फ खालसा पुत्र लखविन्दर सिंह निवासी बाजपुर उत्तराखंड को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। यह दोनों कत्ल, कत्ल की कोशिश, हथियार एक्ट आदि के मामलो में वांछित थे। 

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