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निगम चुनाव : कांग्रेस के लिए मुसीबत बनेंगे बागी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 14 Feb 2015 01:09 PM IST
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पंजाब में नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के लिए बागी उम्मीदवार मुसीबत बनेंगे। पठानकोट नगर निगम चुनाव में सबसे ज्यादा बगावत हुई है। हालांकि नगर काउंसिलों और पंचायतों में भी बड़ी संख्या में नाराज लोग मुखालफत की तैयारी में हैं। टिकट वितरण को लेकर ज्यादातर जिलों में नाराजगी है। पठानकोट कांग्रेस में सबसे ज्यादा नाराजगी है।
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यहां के पूर्व विधायक रमन बहल ने टिकट वितरण से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया है। यहां 50 वार्डों में से 25 से ज्यादा वार्डों में कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ बागी कांग्रेसी बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर गए हैं। फगवाड़ा में दो उम्मीदवारों के टिकट काटे जाने के विरोध में पूर्व विधायक जोगिंदर मान ने इस्तीफा दे दिया था।
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शुक्रवार को मान ने अपने गुट के दोनों उम्मीदवारों के नामांकन तो वापस करवा लिए लेकिन अंदर ही अंदर मान गुट उन दोनों उम्मीदवारों को हराने की तैयारी में जुट गया है, जिन्हें प्रदेश प्रधान प्रताप बाजवा ने टिकट दिए थे। यहां भी पार्टी को नुकसान होने की आशंका है।
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बाकी निगमों में- मोहाली, होशियारपुर और बठिंडा में बागी उम्मीदवार नहीं हैं। लेकिन मोगा में कांग्रेस को उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे हैं। यहां के पूर्व विधायक जोगिंदर पाल जैन शिअद में चले गए थे। उसके बाद विजय साथी को उतारा, वह भी इस्तीफा देकर जगमीत बराड़ के साथ चले गए।
बड़ी संख्या में नगर काउंसिलों और पंचायतों में भी पार्टी को बगावत से जूझना पड़ सकता है। रोपड़ और बटाला में टिकट वितरण का काफी विरोध हो रहा है। बटाला के विधायक अश्वनी सेखड़ी ने भी बाजवा पर मनमर्जी का आरोप लगाया है।
सेखड़ी ने इसकी शिकायत हाईकमान से भी की है, लेकिन प्रदेश कमेटी ने टिकटों पर पुनर्विचार नहीं किया है। ऐसे में विधायक उन उम्मीदवारों की अंदरखाते मुखालफत कर सकते हैं, जिन्हें प्रदेश कमेटी की ओर से थोपा गया है।
पीपीपी के कई प्रत्याशियों को नहीं मिला पार्टी का चुनाव चिह्न
पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब के कई उम्मीदवारों को शुक्रवार को पार्टी का चुनाव निशान हॉकी-बॉल नहीं मिल सका। तकनीकी कमियों केचलते सिंबल नकार दिया गया। इसके बाद कई उम्मीदवारों ने आजाद सिंबल ले लिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पीपीपी ने होशियारपुर में बारह सीटें ली थीं, जिनमें से चार उम्मीदवार आजाद सिंबल पर लड़ेंगे। बठिंडा में पार्टी नौ सीटों पर लड़ रही है। यहां भी तीन उम्मदीवारों को सिंबल नहीं मिला है।
इसके अलावा पार्टी पठानकोट में छह, मोगा में चार और फगवाड़ा में एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। मोहाली में पीपीपी ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।