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लापता विमान AN-32 में पंजाब का ये लाल भी, मां का इकलौता सहारा था
ब्यूरो/अमर उजाला, गढ़शंकर (होशियारपुर)
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:03 AM IST
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इंडियन एयरफोर्स के लापता जहाज एएन32 में पंजाब का नौजवान नवजोत भी
- फोटो : अमर उजाला
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इंडियन एयरफोर्स के लापता विमान एएन 32 में पंजाब की एक मां का इकलौता सहारा 19 वर्षीय नवजोत सिंह भी है। नवजोत की एक साल पहले ही नौकरी लगी थी, अब मां को आस है कि बेटे की कोई खबर मिल जाएगा। वार्ड नंबर बारह मुहल्लां भट्टा स्थित नवजोत के घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। उनकी मां नारिता बार-बार यही कह रही हैं कि भगवान करे बेटा ठीक हो। उसने अभी देखा ही क्या था।
उन्नीस साल का ही है नवजोत। उसे तो अभी यह भी पता नहीं था कि जो सैलरी उसे मिलती थी, उसका इस्तेमाल कैसा करना है। एसडीएम हरदीप सिंह धालीवाल भी नवजोत के घर पहुंचे और उन्हें प्रशासन और सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। नवजोत के एक मामा राणा रणजीत सिंह एयरफोर्स में है। दूसरे मामा शिवराज राणा के पास नवजोत की मां नारिता रहती है।
दोनों का कहना है कि नारिता का एकमात्र सहारा नवजोत था। एक साल से नवजोत अपनी मां को साथ ले जाने की बात कहता था। नवजोत के मौसा अजमेर सिंह ने बताया कि अभी नवजोत की नौकरी एक साल की हुई थी। नारिता का कोई और सहारा नहीं है। एयरफोर्स के अधिकारियों का दिन में तीन चार बार फोन आता है कि रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
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अब हम सभी को यही उम्मीद है कि नवजोत जल्द मिल जाए। एसडीएम हरदीप सिंह धालीवाल ने भी परिवार को हर तरह की सहायता देने का आश्वासन दिया। इससे पहले मुख्यमंत्री के सलाहकार तीक्ष्ण सूद भी पहुंचे थे और उन्होंने परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया था।
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उन्नीस साल का ही है नवजोत। उसे तो अभी यह भी पता नहीं था कि जो सैलरी उसे मिलती थी, उसका इस्तेमाल कैसा करना है। एसडीएम हरदीप सिंह धालीवाल भी नवजोत के घर पहुंचे और उन्हें प्रशासन और सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। नवजोत के एक मामा राणा रणजीत सिंह एयरफोर्स में है। दूसरे मामा शिवराज राणा के पास नवजोत की मां नारिता रहती है।
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दोनों का कहना है कि नारिता का एकमात्र सहारा नवजोत था। एक साल से नवजोत अपनी मां को साथ ले जाने की बात कहता था। नवजोत के मौसा अजमेर सिंह ने बताया कि अभी नवजोत की नौकरी एक साल की हुई थी। नारिता का कोई और सहारा नहीं है। एयरफोर्स के अधिकारियों का दिन में तीन चार बार फोन आता है कि रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
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अब हम सभी को यही उम्मीद है कि नवजोत जल्द मिल जाए। एसडीएम हरदीप सिंह धालीवाल ने भी परिवार को हर तरह की सहायता देने का आश्वासन दिया। इससे पहले मुख्यमंत्री के सलाहकार तीक्ष्ण सूद भी पहुंचे थे और उन्होंने परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया था।