Punjab News: मंत्री कटारूचक्क अब पंचायती जमीन घोटाले में घिरे, करीब 100 एकड़ जमीन निजी लोगों को देने का आरोप
गोल गांव की उक्त जमीन पहले से ही खनन माफिया की पसंदीदा रही है। एडीसी कुलदीप सिंह द्वारा छह निजी पार्टियों के पक्ष में जमीन ट्रांसफर किए जाने के तुरंत बाद क्रैशर संचालकों में इस जमीन को खरीदने की होड़ लग गई थी। गोल और भट्टियां की जमीन पर अवैध खनन सालों पहले से किया जा रहा है।
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पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क अब नए विवाद में घिर गए हैं। इस बार उन पर पठानकोट जिले में करीब 100 एकड़ पंचायती जमीन निजी लोगों के नाम ट्रांसफर कराने में अहम भूमिका निभाने का आरोप लगा है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने जहां उनकी गिरफ्तारी की मांग की है, वहीं बुधवार को कांग्रेस के सीनियर नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कटारूचक्क के इस्तीफे और पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
बाजवा ने एक समाचार रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यह कटारूचक्क ही थे, जिन्होंने कथित तौर पर इस घोटाले में शामिल दागी डीडीपीओ कुलदीप सिंह को अतिरिक्त उपायुक्त पठानकोट के पद पर तैनात करने में मदद की। इसके लिए कटारूचक्क ने तत्कालीन ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल को एक अर्ध-सरकारी (डीओ) पत्र लिखा। इस तरह कुलदीप सिंह ने रिटायरमेंट से मात्र एक दिन पहले 734 कनाल 1 मरला शामलात जमीन (91.75 एकड़) निजी व्यक्तियों के हक में लिख दी।
यह है मामला
पंजाब के ब्लॉक नरोट जैमल सिंह के गांव गोल में एडीसी कुलदीप सिंह द्वारा 6 प्राइवेट पार्टियों के नाम जमीन का फैसला करने की जानकारी जब गांव के सरपंच को मिली तो उन्होंने गत 2 मार्च को तत्कालीन ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को शिकायत की। इस दौरान धालीवाल का विभाग बदल जाने से मामला लटक गया लेकिन शिकायतों के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक ने आदेश पर स्टे लगाते हुए पूरे मामले में रिटायर्ड एडीसी कुलदीप सिंह की भूमिका की जांच कराई तो सारा मामला खुल गया।
राज्य के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले तो जमीन ट्रांसफर के फैसले पर स्टे लगाया और उसके बाद एफआईआर दर्ज करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग को आदेश दिया। इसके साथ ही रिटायर्ड एडीसी के सभी प्रकार के बेनिफिट पर भी रोक लगा दी गई है। जांच आदेश के बाद भी प्रशासन की तरफ से अभी तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
इनके नाम कर दी गई जमीन
जानकारी के मुताबिक 91.75 एकड़ जमीन होशियारपुर की बीना परमार, फिरोजपुर की इंदरदीप कौर, जेल रोड गुरदासपुर निवासी तरसेम रानी, तारागढ़ निवासी बलविंदर कौर, तारागढ़ निवासी मंजीत कौर और कलानौर गुरदासपुर निवासी परबीन कुमारी ने ली थी। गोल पंचायत और 6 प्राइवेट पार्टियों के बीच धारा 11 के अधीन केस एडीसी कोर्ट में लगा, जिसे डीडीपीओ कुलदीप सिंह ने एडीसी का एडिशनल चार्ज मिलते ही 27 फरवरी को प्राइवेट पार्टियों के पक्ष में फैसला दे दिया, जबकि उन्हें 28 फरवरी को रिटायर होना था।
खनन माफिया की पसंदीदा है जमीन
गोल गांव की उक्त जमीन पहले से ही खनन माफिया की पसंदीदा रही है। एडीसी कुलदीप सिंह द्वारा छह निजी पार्टियों के पक्ष में जमीन ट्रांसफर किए जाने के तुरंत बाद क्रैशर संचालकों में इस जमीन को खरीदने की होड़ लग गई थी। गोल और भट्टियां की जमीन पर अवैध खनन सालों पहले से किया जा रहा है।
कांग्रेस सरकार में भी कुछ राजनीतिक लोग ये जमीन खरीदना चाहते थे। गोल पंचायत के सरपंच सुनील कुमार ने 2 अप्रैल 2021 को एसएचओ तारागढ़ और डीडीपीओ पठानकोट को शिकायत दी कि भट्टियां की जमीन पर अवैध खनन हो रहा है। इस पर डीडीपीओ पठानकोट के एसएसपी को लिखे पत्र पर अज्ञात लोगों के खिलाफ अवैध खनन का पर्चा 7 अप्रैल 2021 को दर्ज किया गया लेकिन इसके 2 दिन बाद ही 9 अप्रैल को गांव के सरपंच सुनील कुमार के खिलाफ ही अवैध खनन का पर्चा दर्ज करा दिया गया।